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बिल्लियां कर रहीं राजस्व विभाग के रिकॉर्ड की रखवाली
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 27 Nov 2014 01:57 AM IST
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आप ने सुरक्षा गार्डों को किसी विभाग या कार्यालय की रखवाली करते देखा या सुना होगा लेकिन क्या कभी आप ने यह सुना है बिल्लियां एक कार्यालय की रखवाली कर रही हैं।
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यह शायद आपको मजाक लग रहा हो लेकिन ऐसे बिल्कुल नहीं है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की बिल्डिंग में बने राजस्व विभाग के रिकार्ड रूप में रखे रिकार्ड की रखवाली पिछले दो वर्षों से तीन बिल्लियां कर रही है।
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राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा रिकार्ड रूम में रखे गए रिकार्ड को चूहों, से बचाने के लिए तीन बिल्लियां पाली गई हैं। बिल्लियों के लिए हर रोज एक लीटर दूध खरीदा जाता है।
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विभाग के कर्मचारियों की समझदारी के चलते नाम मात्र के खर्च में बेश कीमती रिकार्ड की सुरक्षा की जा रही है। जिला राजस्व के रिकार्ड रूम में जींद की रियासत के समय का पूरा रिकार्ड रखा हुआ है। पिछले दो वर्षों से तीन बिल्लियां यहां ड्यूटी दे रही हैं।
जिला राजस्व के रिकार्ड रूम में जींद की रियासत (1763) के समय का रिकार्ड रखा है। इस रिकार्ड रूम में जींद के रियासत बनने से लेकर आज तक का पूरा लेखा-जोखा है।
उर्दू में लिखा गया रिकार्ड भी यहां रखा हुआ है। रिकार्ड रूम में कई वर्षों पुराना रिकार्ड रखा होने तथा रिकार्ड काफी ज्यादा होने के कारण चूहों तथा छिपकलियों के कारण रिकार्ड के नष्ट होने की संभावनाएं काफी ज्यादा बनी रहती है लेकिन रिकार्ड रूम में कार्यरत कर्मचारियों ने इस रिकार्ड को चूहों तथा छिपकलियों से बचाने के लिए एक अनूठा तरीका निकाला है।
इस बेशकीमती रिकार्ड को नष्ट होने से बचाने के लिए यहां के कर्मचारियों द्वारा तीन बिल्लियां पाली गई हैं। यह बिल्लियां 24 घंटे यहां ड्यूटी देती हैं और रिकार्ड रूम में पैदा होने वाले चूहों व छिपकलियों को नियंत्रित करती हैं। पिछले दो वर्षों से यह बिल्लियां यहां ड्यूटी दे रही हैं। इसी के चलते रिकार्ड रूम में रखा रिकार्ड आज भी काफी अच्छी हालत में है।
बिल्लियों के लिए हर रोज खरीदा जाता है एक लीटर दूध
राजस्व विभाग के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा बिल्लियों पर होने वाला सारा खर्च अपनी जेब से किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा बिल्लियों के लिए हर रोज एक लीटर दूध खरीदा जाता है। इस नामात्र के खर्च में राजस्व कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा रिकार्ड रूम में रखे गए बेशकीमती रिकार्ड की सुरक्षा की जा रही है।
चूहों से करती हैं रिकार्ड की सुरक्षा
राजस्व कार्यालय के रिकार्ड रूम में कार्यरत पटवार मोहरर सत्यवान, बस्ताबरदार सुखदेव शर्मा तथा जसबीर ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह इन बिल्लियों की देखरेख कर रहे हैं। बिल्लियां पूरी तरह से उनके साथ घुल मिल गई हैं और उनके सभी इशारों को अच्छी तरह से समझती हैं। उन्होंने बताया कि यह बिल्लियां एक सजग परहरी की तरह रिकार्ड की देखरेख करती हैं। इन बिल्लियों के कारण रिकार्ड रूम का पूरा रिकार्ड सही सलामत है। हालांकि चूहे पकड़ने के लिए तीन पिंजरे भी रखे गए हैं लेकिन बिल्लियों को यहां रखने के बाद पिंजराें की कोई जरूरत नहीं पड़ी है। उन्होंने बताया कि इस रिकार्ड रूम में जींद रियासत के समय का रिकार्ड रखा हुआ है।