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नशे को अलविदा: पिताजी आप शराब छोड़ दो तो मैं भी TV पर दिखाई दूंगी... सुनकर- पिता ने तोड़ दी बोतल, छोड़ दी शराब
Fri, 02 Sep 2022 10:06 AM IST
भूपेंद्र सिंह
सतीश जागलान, संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
सतीश जागलान, संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 02 Sep 2022 10:06 AM IST
सार
टीवी में कुश्ती का मैच देख रही बेटी ने पिता से अपील की थी। एक बेटी का पिता के साथ खास लगाव होता है। इसी कारण एक बेटी की मार्मिक अपील ने पिता की शराब छुड़वा दी। दोनों भाई डॉक्टर होने के बावजूद चचेरे भाई की शराब नहीं छुड़वा सके थे। कृष्ण आज बेटी को पहलवान बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है।
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कुश्ती
- फोटो : ट्विटर
विस्तार
जींद के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव निवासी 48 वर्षीय कृष्ण की उसकी बेटी ने ही जिंदगी बदल दी। 24 घंटे शराब के नशे में धुत रहने वाले कृष्ण की 10 साल की बेटी टीवी पर कुश्ती का मैच देख रही थी। दूसरी ओर पिता नशे में धुत पड़ा था। जब टीवी पर कुश्ती में पहलवान आपस में भिड़ रहे थे तो बेटी पिता से बोली, पिताजी यदि आप शराब छोड़ दें तो मैं भी एक दिन टीवी पर ऐसे ही कुश्ती लड़ती दिखाई दूंगी।
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यह बात सुन कृष्ण की आंखों में आंसू आ गए और अपनी चारपाई की सिरहाने रखी शराब की बोतल को तोड़ दी और बोला- बेटा आज के बाद शराब को हाथ भी नहीं लगाऊंगा। कृष्ण के दो चचेरे भाई डॉक्टर हैं, वह भी उसकी शराब नहीं छुड़वा सके थे लेकिन बेटी की मार्मिक अपील ने कृष्ण की जिंदगी ही बदल दी।
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बात 10 वर्ष पुरानी है, जब कृष्ण को शराब पीने की लत लग गई। शराब पीने की लत भी ऐसी लगी कि उसे 24 घंटे शराब ही चाहिए। रात को सोते समय भी चारपाई के सिरहाने शराब की बोतल रखने लगा। जब भी आंखें खुलती तो शराब ही पीता। सुबह उठने पर भी शराब से ही दिनचर्या की शुरुआत होती।
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शरीर की हालत भी ऐसी हो गई कि आसपास के लोग यह सोचते ही कृष्ण एक-दो दिन में ही दम तोड़ देगा। कृष्ण का एक चचेरा भाई दूसरे जिले में एसएमओ है, जबकि एक भाई बीएएमएस करने के बाद निजी क्लीनिक चलाता है। दोनों ने कृष्ण की शराब छुड़वाने की बहुत कोशिश की लेकिन हार गए। कृष्ण की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उसे कई बार अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ता था।
पत्नी शराब छिपा देती तो कृष्ण उठकर गांव के अन्य लोगों के ही घर जाकर शराब मांगने लगा। परिवार के अन्य लोग भी इससे बहुत परेशान रहने लगे। कृष्ण की एक बेटी व एक बेटा है। जब बेटी 10 साल की हुई तो एक दिन टीवी पर कुश्ती का मैच देख रही थी। पास ही कृष्ण शराब पीये हुए चारपाई पर पड़ा था।
बेटी कुश्ती देखते हुए मायूस होकर बोली पापा यदि आप शराब छोड़ दो तो मैं भी एक दिन आपको टीवी पर कुश्ती लड़ते हुए दिखाई दूंगी। कृष्ण के मन को इस बात ने झकझोर दिया। उसी समय अपने सिरहाने रखी शराब की बोतल को तोड़कर बोला बेटी आज के बाद शराब को हाथ भी नहीं लगाऊंगा।
आज बेटी जीत रही कुश्ती में इनाम
कृष्ण अगले ही दिन सुबह नहा-धोकर बेटी को बाइक पर बैठाकर कुश्ती अखाड़े में पहुंचा। वहां पर कोच से बातचीत करने के बाद बेटी से बोला अब तेरी पहलवानी के बीच कभी शराब नहीं आएगी। इसके बाद सुबह व शाम को अपनी बेटी को दो किलोमीटर दूर कुश्ती अखाड़े में लेकर जाना व वापस लाना कृष्ण की दिनचर्या बन गई। आज बेटी 13 साल की हो गई, वह कई प्रतियोगिताओं में इनाम भी जीत चुकी है। कृष्ण ने अब अपनी बेटी के साथ बेटे को भी अखाड़े में भेजना शुरू कर दिया है। उम्मीद है एक दिन बाप-बेटी की मेहनत रंग लाएगी और बेटी हरियाणा का नाम रोशन करेगी।
परिवार व जायदाद को बर्बाद कर देती है शराब
कृष्ण ने कहा कि शराब के लत के कारण उससे बाथरूम तक भी नहीं जाया जाता था। शराब छोड़ने के बाद आज उसका शरीर फिर से पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है। आज तीन साल से ज्यादा समय शराब छोड़े हुए हो गए। अब न तो घर में झगड़ा होता है और न ही कोई परेशानी। बेटी को अब पलवान बनाने की जिद है। बेटी भी बहुत मेहनत कर रही है। उम्मीद है सफलता जरूर मिलेगी। शराब पूरे परिवार व जायदाद को निगल जाती है। यह व्यक्ति की सोचने व समझने की शक्ति भी खत्म कर देगी। सभी दुखों की जड़ नशे की लत है।