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धरना दे रहे किसान आज 12 बजकर 12 मिनट पर 12 मिनट तक बजाएंगे पीपे
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कपास मंडी में आयोजित धरने को संबोधित करते बजरंग दास गर्ग।
- फोटो : Jind
कपास मंडी में शेड के नीचे बुधवार को दूसरे दिन भी किसानों, आढ़तियों और मजदूरों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन अध्यादेशों के खिलाफ धरना दिया, जिसकी अध्यक्षता आजाद पालवां ने की। जिला स्तरीय धरने पर पहुंच कर व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने उन्हें अपना समर्थन दिया।
पालवां ने कहा कि अपने हक की लड़ाई को लेकर अगर जान भी जाए तो पीछे नहीं हटेंगे। किसान, मजदूर व आढ़ती गठबंधन सरकार के नेताओं की गांव व मंडी में प्रवेश का विरोध करेंगे। गठबंधन का जो भी नेता किसान, आढ़ती व मजदूर के पक्ष में हैं वह धरने पर जाकर समर्थन करें।
उन्होंने कहा कि 19 सितंबर तक चलने वाले धरने में 17 सितंबर को धरनास्थल पर 12 बजकर 12 मिनट पर 12 मिनट तक पीपे बजाकर रोष प्रकट किया जाएगा। 18 सितंबर को मंडी में किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचेंगे और यहां से जत्थे के साथ उपमंडल कार्यालय पहुंचेंगे। यहां पर एसडीएम के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भेजेंगे। 19 सितंबर को काली पट्टी बांधकर गांधीगीरी करते हुए रोष प्रकट करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जो तीन अध्यादेश भाजपा सरकार लेकर आ रही है वह पूरी तरह से किसान और आढ़ती विरोधी हैं। इन अध्यादेशों का विरोध जताने के लिए आढ़ती अपनी दुकानों पर काले झंडे लगाएं तो ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताएं। जब तक केंद्र सरकार तीन अध्यादेशों को रद्द नहीं करती तब तक किसान, आढ़ती व मजदूर अपना रोष प्रकट जारी रखेंगे। मंडी अगर समाप्त हो गई तो आढ़ती ही नहीं बल्कि मजदूर व आढ़ती की दुकान पर कार्य करने वाले मुनीम भी बेरोजगार हो जाएंगे।
इस मौके पर दलबीर खेड़ी मंसानियां, जस्सा नगूरां, सतपाल श्योकंद, रोशन लाल घोघडिय़ां, महाबीर बरसोला, महावीर कंप्यूटर, राजकुमार गोयल, सुभाष बंसल, रामनिवास करसिंधु, सुरेश गर्ग, अशोक सुरबरा, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेंद्र श्योकंद, बलराज श्योकंद, चांदी करसिंधु, वकील करसिंधु, ज्ञानी कामरेड, रमेश मखंड व सुरेश श्योकंद मौजूद रहे।
बरोदा उपचुनाव में व्यापारी घर-घर जाकर करेंगे विरोध
व्यापार मंडल के प्रदेशाध्याक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि जो तीन अध्यादेश हैं वह आढ़ती, किसान व मजदूर विरोधी हैं। बरोदा उपचुनाव में जो भी भाजपा व जेजेपी का उम्मीदवार होगा उसका विरोध घर-घर जाकर व्यापारी करेंगे। सीएम मनोहरलाल ने एक बार भी पिपली में हुए लाठीचार्ज पर बयान नहीं दिया है। सरकार की पूरी तरह से मंशा मंडियों को खत्म करने की है। सरकार इस अध्यादेश में एक लाइन जोड़े कि किसान की फसल चाहे मंडी में खरीदी जाए या मंडी के बाहर किसान को एमएसपी रेट मिलेगा। 19 सितंबर तक अगर सरकार मांगे नहीं मानती है तो इसके बाद किसान अगर कोई भी रणनीति बनाए तो उनके संगठन का पूरा समर्थन है। सरकार बेशक मामले दर्ज करवाए दे वह मामले दर्ज होने से नहीं घबराते हैं। भूखा मरने से अच्छा तो किसान, आढ़ती व मजदूर के लिए लड़ाई लड़ मरना बेहतर है।
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पालवां ने कहा कि अपने हक की लड़ाई को लेकर अगर जान भी जाए तो पीछे नहीं हटेंगे। किसान, मजदूर व आढ़ती गठबंधन सरकार के नेताओं की गांव व मंडी में प्रवेश का विरोध करेंगे। गठबंधन का जो भी नेता किसान, आढ़ती व मजदूर के पक्ष में हैं वह धरने पर जाकर समर्थन करें।
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उन्होंने कहा कि 19 सितंबर तक चलने वाले धरने में 17 सितंबर को धरनास्थल पर 12 बजकर 12 मिनट पर 12 मिनट तक पीपे बजाकर रोष प्रकट किया जाएगा। 18 सितंबर को मंडी में किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचेंगे और यहां से जत्थे के साथ उपमंडल कार्यालय पहुंचेंगे। यहां पर एसडीएम के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भेजेंगे। 19 सितंबर को काली पट्टी बांधकर गांधीगीरी करते हुए रोष प्रकट करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जो तीन अध्यादेश भाजपा सरकार लेकर आ रही है वह पूरी तरह से किसान और आढ़ती विरोधी हैं। इन अध्यादेशों का विरोध जताने के लिए आढ़ती अपनी दुकानों पर काले झंडे लगाएं तो ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताएं। जब तक केंद्र सरकार तीन अध्यादेशों को रद्द नहीं करती तब तक किसान, आढ़ती व मजदूर अपना रोष प्रकट जारी रखेंगे। मंडी अगर समाप्त हो गई तो आढ़ती ही नहीं बल्कि मजदूर व आढ़ती की दुकान पर कार्य करने वाले मुनीम भी बेरोजगार हो जाएंगे।
इस मौके पर दलबीर खेड़ी मंसानियां, जस्सा नगूरां, सतपाल श्योकंद, रोशन लाल घोघडिय़ां, महाबीर बरसोला, महावीर कंप्यूटर, राजकुमार गोयल, सुभाष बंसल, रामनिवास करसिंधु, सुरेश गर्ग, अशोक सुरबरा, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेंद्र श्योकंद, बलराज श्योकंद, चांदी करसिंधु, वकील करसिंधु, ज्ञानी कामरेड, रमेश मखंड व सुरेश श्योकंद मौजूद रहे।
बरोदा उपचुनाव में व्यापारी घर-घर जाकर करेंगे विरोध
व्यापार मंडल के प्रदेशाध्याक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि जो तीन अध्यादेश हैं वह आढ़ती, किसान व मजदूर विरोधी हैं। बरोदा उपचुनाव में जो भी भाजपा व जेजेपी का उम्मीदवार होगा उसका विरोध घर-घर जाकर व्यापारी करेंगे। सीएम मनोहरलाल ने एक बार भी पिपली में हुए लाठीचार्ज पर बयान नहीं दिया है। सरकार की पूरी तरह से मंशा मंडियों को खत्म करने की है। सरकार इस अध्यादेश में एक लाइन जोड़े कि किसान की फसल चाहे मंडी में खरीदी जाए या मंडी के बाहर किसान को एमएसपी रेट मिलेगा। 19 सितंबर तक अगर सरकार मांगे नहीं मानती है तो इसके बाद किसान अगर कोई भी रणनीति बनाए तो उनके संगठन का पूरा समर्थन है। सरकार बेशक मामले दर्ज करवाए दे वह मामले दर्ज होने से नहीं घबराते हैं। भूखा मरने से अच्छा तो किसान, आढ़ती व मजदूर के लिए लड़ाई लड़ मरना बेहतर है।