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Jind News: नए नियमों के खिलाफ किसानों ने दिया धरना, आश्वासन के बाद टला बहिष्कार

Fri, 27 Mar 2026 11:35 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:35 PM IST
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Farmers Stage Sit-in Against New Rules; Boycott Averted Following Assurances
27जेएनडी15: ईंटल गांव में धरने पर किसान डीसी मोहम्मद इमरान रजा व डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा
जींद। भारतीय किसान यूनियन ने अनाज मंडियों में फसल खरीद को लेकर लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ ईक्कस गांव में जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार की अध्यक्षता में धरना दिया। धरने पर डीसी व डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा पहुंचे और किसानों की मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन देकर किसानों को उठाया।
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जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार ने बताया कि किसान डीसी कार्यालय पर फसल खरीद के नए नियमों समेत अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन देने के लिए गए थे। उस समय डीसी समय रहते ज्ञापन लेने के लिए नहीं आए। इसके विरोध में उन्होंने पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था।
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इसके चलते 27 मार्च से धरना शुरू किया गया था लेकिन धरने पर डीसी व डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा ने पहुंचकर उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने व पांच अप्रैल को मांगों को लेकर किसानों के साथ मुख्यमंत्री की वार्ता करवाने का आश्वासन दिया। किसानों ने मुख्यमंत्री के बहिष्कार कार्यक्रम को रद्द करने की घोषणा की।
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ज्ञापन में किसानों ने फसल खरीद के नए नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की। यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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ट्रैक्टर नंबर और समय की पाबंदी पर ऐतराज
भाकियू ने तीन बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मंडियों में केवल नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों को प्रवेश देने का नियम छोटे किसानों के साथ अन्याय है। कई किसान किराए के साधनों या बैलगाड़ी और झोटा-बुग्गी से फसल लाते हैं। ऐसे में वह फसल कहां बेचेंगे। फसल मंडी में निर्धारित समय पर लाने का नियम गलत है।

रजिस्ट्रेशन और ट्रेड डील का विरोध
यूनियन ने गेट पास के लिए पंजीकरण धारक की भौतिक उपस्थिति की अनिवार्यता का भी विरोध किया। किसानों ने तर्क दिया कि अधिकांश जमीन बुजुर्गों या महिलाओं के नाम है जिन्हें देर-सवेर मंडी लाना संभव नहीं है। उन्होंने पहले की तरह ओटीपी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विरोध करते हुए कहा कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने वाला है।
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