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मालगोदाम रोड पर जाम लगाकर बैठे किसान, कहा- खाद मिलेगा तो उठेंगे
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नरवाना। गत दिवस नरवाना में यूरिया खाद के 24 हजार बैग पहुंचने की सूचना मिली थी। इसके बाद सभी खाद विक्रेताओं की दुकानों के बाहर किसानों की लाइन लगी देखी गई थी। लेकिन शनिवार तक भी लाइन में लगे इन किसानों को खाद नहीं मिल पाया। लिहाजा नाराज किसानों ने मालगोदाम रोड पर जाम लगाकर बैठ गए। कहा- जब तक खाद नहीं मिल जाती वे नहीं उठने वाले।
शनिवार पुरानी अनाज मंडी के पास पहुंचे किसानों को जब पता चला कि यूरिया खाद के दो ट्रक व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर पुराना माल गोदाम से गुजर रहे हैं तो किसानों ने तीनों वाहनों का रास्ता रोक लिया और कहा कि यूरिया खाद की कालाबाजारी नहीं होने देंगे। इसके बाद किसान पुराना गोदाम पर बैठ गए। सूचना पाकर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों ने कहा कि क्या पुलिस खाद दिलवा सकती है। इसका पुलिस के जवानों के पास कोई जवाब नहीं था। इसलिए किसान सड़क पर डटे रहे।
किसान सतबीर, काला, फूल्लू, भोला, हरिकेश व सतीश ने बताया कि मकर संक्रांति पर नरवाना में यूरिया खाद के 24 हजार बैग पहुंचे हैं। इसके बाद किसान पुरानी अनाज मंडी व पुराना माल गोदाम रोड पर पहुंचे थे। किसानों को दुकानदारों द्वारा टोकन दिए गए। छह बजे ही लॉकडाउन की बहाना बना लिया गया। शनिवार सुबह पहुंचे तो दुकानदार उन लोगों को खाद दे रहे थे जो मंहगे रेट पर खरीदने में सक्षम हैं। विभाग के अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई। लेकिन कोई नहीं पहुंचा तो खाद के भरे वाहनों को रोक कर प्रदर्शन करना पड़ा। लगभग तीन घंटे तक पुराना माल गोदाम रोड पर किसानों ने रास्ता रोककर प्रदर्शन किया।
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मेरी फसल मेरा ब्योरा के अनुसार खाद दे सरकार
किसान संजीव ढाकल ने कहा कि जिस प्रकार सरकार फसलों को ब्योरा पोर्टल पर मांगा जाता है। उसी आधार पर किसानों को खाद मिलना चाहिए। किसान 30-30 एकड़ में गेहूं की फसल लगाकर बैठा है। लेकिन दो दिन लाइन में लगने के बाद उसे सिर्फ यूरिया के पांच बैग मिलते हैं। कई लोगों को अपना आधार कार्ड लेकर आए दिन लाइन में लग जाते हैं और फिर महंगे रेट पर यूरिया खाद बेच रहे हैं। सरकार को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के अनुसार खाद वितरित करना चाहिए।
खाद की नहीं कोई कमी
खाद की कोई कमी नहीं है। लेकिन किसानों को शांति बनाकर रखनी होगी। खाद लेने आए दिन हजारों किसान पहुंचे रहे हैं। इस कारण व्यवस्था नहीं बन पाती और इस प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं। अगर किसान संयम से काम लें तो सभी को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाया जा सकता है।
-देवेंद्र सिंह, एसडीओ कृषि विभाग नरवाना।
लगातार दूसरे दिन यूरिया खाद के लिए लगी किसानों की भीड़
उचाना में यूरिया खाद की मांग कम होने का नाम नहीं ले रही है। कड़ाके की ठंड में जहां लोग घरों में रजाई में दुबके हुए हैं तो किसानों का पूरा दिन भूखे-प्यासे मंडी में बीत रहा है। किसानों का कहना है कि हजारों बैग आने की जानकारी कृषि विभाग दे रहा है। जबकि अब भी खाद की किल्लत है। पूरे दिन मंडी में ठंड में रुककर खाद का इंतजार करना पड़ रहा है। सैकड़ों किसान शुक्रवार को पूरा दिन खाद लेने का इंतजार कर वापस बैरंग लौटे। शनिवार को भी पूरा दिन उनका खाद लेने के लिए मंडी में बीता।
किसान बलजोर, जगबीर, मेशा, राजेश, कुलबीर ने कहा कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के खुद के हलके में यह हाल है तो दूसरे हलकों में क्या होगा। दो दिनों से ठंड बढ़ रही है। लेकिन किसान दुकानों के बाहर पूरा दिन बैठकर खाद मिलने का इंतजार करते रहते हैं। बारिश के बाद अब अगर समय पर गेहूं में खाद नहीं डाला तो गेहूं की फसल का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा। हिसार लोकसभा से सांसद भाजपा के बृजेंद्र सिंह का हलका है तो उन्हें भी यहां खाद पहुंचाने के लिए अधिकारियों से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घरों से महिलाएं बच्चों के साथ मंडी में खाद लेने के लिए आई। पूरा दिन इंतजार करने के बाद उन्हें भी खाद नहीं मिला।
किसानों को डिमांड के हिसाब से खाद उपलब्ध करवाएं ताकि गेहूं की फसल खराब नहीं हो। खंड कृषि अधिकारी पवन भारद्वाज ने बताया कि किसानों को आधार कार्ड पर खाद दिया गया। उचाना में 11500 यूरिया खाद के बैग आए हैं। जरूरत के हिसाब से किसान खाद लें।
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शनिवार पुरानी अनाज मंडी के पास पहुंचे किसानों को जब पता चला कि यूरिया खाद के दो ट्रक व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर पुराना माल गोदाम से गुजर रहे हैं तो किसानों ने तीनों वाहनों का रास्ता रोक लिया और कहा कि यूरिया खाद की कालाबाजारी नहीं होने देंगे। इसके बाद किसान पुराना गोदाम पर बैठ गए। सूचना पाकर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों ने कहा कि क्या पुलिस खाद दिलवा सकती है। इसका पुलिस के जवानों के पास कोई जवाब नहीं था। इसलिए किसान सड़क पर डटे रहे।
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किसान सतबीर, काला, फूल्लू, भोला, हरिकेश व सतीश ने बताया कि मकर संक्रांति पर नरवाना में यूरिया खाद के 24 हजार बैग पहुंचे हैं। इसके बाद किसान पुरानी अनाज मंडी व पुराना माल गोदाम रोड पर पहुंचे थे। किसानों को दुकानदारों द्वारा टोकन दिए गए। छह बजे ही लॉकडाउन की बहाना बना लिया गया। शनिवार सुबह पहुंचे तो दुकानदार उन लोगों को खाद दे रहे थे जो मंहगे रेट पर खरीदने में सक्षम हैं। विभाग के अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई। लेकिन कोई नहीं पहुंचा तो खाद के भरे वाहनों को रोक कर प्रदर्शन करना पड़ा। लगभग तीन घंटे तक पुराना माल गोदाम रोड पर किसानों ने रास्ता रोककर प्रदर्शन किया।
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मेरी फसल मेरा ब्योरा के अनुसार खाद दे सरकार
किसान संजीव ढाकल ने कहा कि जिस प्रकार सरकार फसलों को ब्योरा पोर्टल पर मांगा जाता है। उसी आधार पर किसानों को खाद मिलना चाहिए। किसान 30-30 एकड़ में गेहूं की फसल लगाकर बैठा है। लेकिन दो दिन लाइन में लगने के बाद उसे सिर्फ यूरिया के पांच बैग मिलते हैं। कई लोगों को अपना आधार कार्ड लेकर आए दिन लाइन में लग जाते हैं और फिर महंगे रेट पर यूरिया खाद बेच रहे हैं। सरकार को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के अनुसार खाद वितरित करना चाहिए।
खाद की नहीं कोई कमी
खाद की कोई कमी नहीं है। लेकिन किसानों को शांति बनाकर रखनी होगी। खाद लेने आए दिन हजारों किसान पहुंचे रहे हैं। इस कारण व्यवस्था नहीं बन पाती और इस प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं। अगर किसान संयम से काम लें तो सभी को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाया जा सकता है।
-देवेंद्र सिंह, एसडीओ कृषि विभाग नरवाना।
लगातार दूसरे दिन यूरिया खाद के लिए लगी किसानों की भीड़
उचाना में यूरिया खाद की मांग कम होने का नाम नहीं ले रही है। कड़ाके की ठंड में जहां लोग घरों में रजाई में दुबके हुए हैं तो किसानों का पूरा दिन भूखे-प्यासे मंडी में बीत रहा है। किसानों का कहना है कि हजारों बैग आने की जानकारी कृषि विभाग दे रहा है। जबकि अब भी खाद की किल्लत है। पूरे दिन मंडी में ठंड में रुककर खाद का इंतजार करना पड़ रहा है। सैकड़ों किसान शुक्रवार को पूरा दिन खाद लेने का इंतजार कर वापस बैरंग लौटे। शनिवार को भी पूरा दिन उनका खाद लेने के लिए मंडी में बीता।
किसान बलजोर, जगबीर, मेशा, राजेश, कुलबीर ने कहा कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के खुद के हलके में यह हाल है तो दूसरे हलकों में क्या होगा। दो दिनों से ठंड बढ़ रही है। लेकिन किसान दुकानों के बाहर पूरा दिन बैठकर खाद मिलने का इंतजार करते रहते हैं। बारिश के बाद अब अगर समय पर गेहूं में खाद नहीं डाला तो गेहूं की फसल का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा। हिसार लोकसभा से सांसद भाजपा के बृजेंद्र सिंह का हलका है तो उन्हें भी यहां खाद पहुंचाने के लिए अधिकारियों से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घरों से महिलाएं बच्चों के साथ मंडी में खाद लेने के लिए आई। पूरा दिन इंतजार करने के बाद उन्हें भी खाद नहीं मिला।
किसानों को डिमांड के हिसाब से खाद उपलब्ध करवाएं ताकि गेहूं की फसल खराब नहीं हो। खंड कृषि अधिकारी पवन भारद्वाज ने बताया कि किसानों को आधार कार्ड पर खाद दिया गया। उचाना में 11500 यूरिया खाद के बैग आए हैं। जरूरत के हिसाब से किसान खाद लें।