{"_id":"61b63251bb939e3cb517ef11","slug":"farmers-raised-slogans-demanding-cut-under-hisar-chandigarh-bridge-jind-news-rtk632533222","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिसार-चंडीगढ़ पुल के नीचे कट देने की मांग, किसानों ने की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिसार-चंडीगढ़ पुल के नीचे कट देने की मांग, किसानों ने की नारेबाजी
विज्ञापन
एनएचएआई के खिलाफ रोष व्यक्त करते किसान।
- फोटो : Jind
नरवाना। डूमरखां गांव के किसानों ने दिल्ली पटियाला हाईवे पर हिसार-चंडीगढ़ पुल के नीचे बने कट को बंद करने पर एनएचएआई के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि उनके खेत यहां हाईवे पर पर लगते हैं। इसके चलते हिसार-चंडीगढ़ पुल के नीचे एक कट बनवाया गया था। अब एनएचएआई ने इस कट को फिर से बंद कर दिया, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण संदीप, कुलदीप, कुलबीर, अशोक, अमित, किताब सिंह, रामफल, बलबीर व राहुल ने कहा कि उनकी मांग है इस कट को एनएचएआई स्थायी रूप दे, ताकि उनके खेतों में आवागमन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि कट बंद होने के कारण उन्हें अपने खेतों में जाने के लिए तीन से चार किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है और अगर गलत दिशा में चले तो सड़क हादसे का डर रहता है। प्रशासन के अधिकारियों के कहने पर कई बार इस कट को खुलवाया गया है। लेकिन एनएचएआई द्वारा इसे फिर से बंद कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस समस्या को लेकर वे दो दिन पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों से मिले थे और एक ज्ञापन सौंपकर कट खुलवाने की मांग की थी। इस पर स्थानीय अधिकारियों ने कट खुलवाने का आश्वासन दिया था।
एक सप्ताह में स्थायी कट नहीं बना तो धरना करेंगे शुरू
किसानों ने कहा कि आज हमने छोटे स्तर पर प्रदर्शन किया है। लेकिन एक सप्ताह में यहां ब्रेकर व लाइट लगाकर इस कट का स्थायी रूप नहीं दिया गया तो अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए यहां एनएचएआई के खिलाफ धरना शुरू करेंगे। किसानों ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में बिना काम के चार किलोमीटर का चक्कर लगाने का मतलब खुद का आर्थिक नुकसान करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण संदीप, कुलदीप, कुलबीर, अशोक, अमित, किताब सिंह, रामफल, बलबीर व राहुल ने कहा कि उनकी मांग है इस कट को एनएचएआई स्थायी रूप दे, ताकि उनके खेतों में आवागमन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि कट बंद होने के कारण उन्हें अपने खेतों में जाने के लिए तीन से चार किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है और अगर गलत दिशा में चले तो सड़क हादसे का डर रहता है। प्रशासन के अधिकारियों के कहने पर कई बार इस कट को खुलवाया गया है। लेकिन एनएचएआई द्वारा इसे फिर से बंद कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस समस्या को लेकर वे दो दिन पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों से मिले थे और एक ज्ञापन सौंपकर कट खुलवाने की मांग की थी। इस पर स्थानीय अधिकारियों ने कट खुलवाने का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
एक सप्ताह में स्थायी कट नहीं बना तो धरना करेंगे शुरू
किसानों ने कहा कि आज हमने छोटे स्तर पर प्रदर्शन किया है। लेकिन एक सप्ताह में यहां ब्रेकर व लाइट लगाकर इस कट का स्थायी रूप नहीं दिया गया तो अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए यहां एनएचएआई के खिलाफ धरना शुरू करेंगे। किसानों ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में बिना काम के चार किलोमीटर का चक्कर लगाने का मतलब खुद का आर्थिक नुकसान करना है।
विज्ञापन