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फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिलने किसानों ने टोल प्लाजा पर धरना देकर जताया रोष
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खरीफ सीजन के दौरान बारिश व गुलाबी सुंडी के प्रकोप से खराब हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने खटकड़ टोल पर धरना दिया। इस दौरान टोल प्लाजा की 3, 4, 5, 6 नंबर लेन को बंद रखा गया। हालांकि वाहनों को दूसरी लेन से निकाला गया। जिले में 68 हजार एकड़ में खरीफ सीजन के दौरान खराबा पाया गया था और इसके लिए 51 करोड़ 43 लाख रुपये की मुआवजा राशि अटकी हुई है।
किसानों का आरोप है प्रदेश भर में मुआवजा राशि बंट चुकी है लेकिन जींद जिले के किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है। इस पर यहां पहुंचे उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि जब घर में भी दस बटेऊ आ जाएं तो पांच-पांच को खाना खिलाते हैं। ऐसे में जींद के किसानों को भी जल्द मुआवजा मिलेगा। मौके पर पहुंचे एडीसी साहिल गुप्ता व एसडीएम राजेश खोथ ने 31 मार्च तक मुआवजा राशि वितरण का आश्वासन दिया।
सुबह से ही किसान खटकड़ टोल पर पहुंचे
इसके लिए पहले से ही किसानों ने चेतावनी दी थी। ऐसे में सुबह से ही किसान खटकड़ टोल पर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। हालांकि किसानों की बात सुनने के लिए उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ पहले ही पहुंच गए थे लेकिन किसानों ने डीसी से बातचीत करने की मांग की। इस पर एडीसी साहिल गुप्ता किसानों के बीच पहुंचे और बताया कि डीसी डॉ. मनोज कुमार इसी मामले की फाइल लेकर चंडीगढ़ गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि 15-16 मार्च तक राशि आ जाएगी। इस पर किसानों ने कहा कि यदि अधिकारी चाहें तो अभी ओर समय ले सकते हैं। ऐसे में तय हुआ कि 31 मार्च तक किसानों के बैंक खातों में मुआवजा राशि डाल दी जाएगी। इस मौके पर ओमप्रकाश कंडेला, हरिकेश काब्रच्छा, कृष्ण सफाखेड़ा, अनीष खटकड़, अमरलाल थुआ, संदीप बड़ौदा, सुशील चांदपुर, कविता, पूनम कंडेला, अनीता सुदकैन मौजूद रहीं।
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आश्वासन के अनुसार मुआवजा नहीं मिला तो होगा आंदोलन
वहीं अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान नेता सतबीर पहलवान ने एलान किया कि यदि 31 मार्च तक किसानों के खाते में मुआवजा राशि नहीं आई तो एक अप्रैल को जिले भर के किसान एकत्रित होकर बड़ा फैसला लेने पर मजबूर होंगे।
कपास की फसल की एपीआर तैयार बैंक खाता दें किसान
एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि कपास की खराब फसल खराब को लेकर एपीआर तैयार की जा रही। किसान संबंधित पटवारी को अगले पांच दिनों तक अपना बैंक खाता नंबर, आधार कार्ड नंबर, बैंक आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर की जानकार दे दें। इससे मुआवजा राशि समय पर खाते में आ सकेगी।
नहीं हुआ टोल फ्री
हालांकि किसानों ने पहले विरोध स्वरूप सभी वाहनों के लिए टोल फ्री करवाने का ऐलान किया गया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि किसान टोल प्लाजा पर बैठ गए लेकिन जो लेन चालू रही, वहां से वाहन टोल देकर निकलते रहे। सुबह नौ बजे टेंट लगा दिया गया और 11 बजे तक किसान धरने पर पहुंचे लगे। किसान करीब 6 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठे रहे।
किसानों के बीच बैठे एसडीएम
किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम डॉ. राजेश खोथ धरना स्थल पर पहुंचे। यहां किसानों के बीच बैठकर उनकी मांगों को सुना। जींद के एसडीएम भी धरना स्थल पर आए। किसानों को काफी समझाने, मुआवजा जल्द मिलने को लेकर आश्वासन भी एसडीएम द्वारा दिए गए लेकिन किसान डीसी, एडीसी से कम इस मुद्दे पर बात करने को तैयार नहीं हुए। धरना स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कुहाड़, विकास सींसर भी पहुंचे।
एसडीएम ने माना कुछ जगह हुई गड़बड़ी, पटवारियों पर हुई कार्रवाई
इस दौरान किसानों बीच उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने माना कि अलेवा ब्लॉक में व सुदकैण और लोधर गांवों में पटवारियों के स्तर पर गड़बड़ी हुई है। ऐसे में इन पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अब फसल कट चुकी है, ऐसे में इसका रास्ता निकाला जाएगा।
किस खंड में कितना मुआवजा
ब्लॉक खराब फसल एकड़ में राशि
जींद 4244 38952500
जुलाना 4734 52061500
सफीदों 588 5448300
उचाना 41993 393371000
नरवाना 2231 24508000
कुल 53890 514341500
नोट: जिले में 68 हजार एकड़ फसल में नुकसान का आंकलन हुआ है। इसमें से 53890 एकड़ फसल बीमित है। शेष बचे हुए 53890 एकड़ के लिए मुआवजा राशि मिलनी है।
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भी दिया धरना
वहीं दूसरी ओर 20 किलोमीटर क्षेत्र के वाहनों को रियायती पास की सुविधा देने व मुआवजे की मांग को लेकर नरवाना के बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भी किसानों ने धरना दिया। किसान नेता सुनील बद्दोवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले टोल अधिकारियों के साथ सहमति बनी थी कि 20 किलोमीटर तक के व्यवसायिक वाहनों के लिए 150 रुपये प्रति महीना पास बनाया जाएगा लेकिन अब इस समझौते से पीछे हट रहे थे। ऐसे में अधिकारियों से बातचीत हुई है। अब अब पास बनने शुरू हो गए हैं। वहीं किसानों ने कहा कि यदि जल्द ही मुआवजा राशि खाते में नहीं आती है तो आंदोलन किया जाएगा।
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किसानों का आरोप है प्रदेश भर में मुआवजा राशि बंट चुकी है लेकिन जींद जिले के किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है। इस पर यहां पहुंचे उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि जब घर में भी दस बटेऊ आ जाएं तो पांच-पांच को खाना खिलाते हैं। ऐसे में जींद के किसानों को भी जल्द मुआवजा मिलेगा। मौके पर पहुंचे एडीसी साहिल गुप्ता व एसडीएम राजेश खोथ ने 31 मार्च तक मुआवजा राशि वितरण का आश्वासन दिया।
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सुबह से ही किसान खटकड़ टोल पर पहुंचे
इसके लिए पहले से ही किसानों ने चेतावनी दी थी। ऐसे में सुबह से ही किसान खटकड़ टोल पर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। हालांकि किसानों की बात सुनने के लिए उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ पहले ही पहुंच गए थे लेकिन किसानों ने डीसी से बातचीत करने की मांग की। इस पर एडीसी साहिल गुप्ता किसानों के बीच पहुंचे और बताया कि डीसी डॉ. मनोज कुमार इसी मामले की फाइल लेकर चंडीगढ़ गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि 15-16 मार्च तक राशि आ जाएगी। इस पर किसानों ने कहा कि यदि अधिकारी चाहें तो अभी ओर समय ले सकते हैं। ऐसे में तय हुआ कि 31 मार्च तक किसानों के बैंक खातों में मुआवजा राशि डाल दी जाएगी। इस मौके पर ओमप्रकाश कंडेला, हरिकेश काब्रच्छा, कृष्ण सफाखेड़ा, अनीष खटकड़, अमरलाल थुआ, संदीप बड़ौदा, सुशील चांदपुर, कविता, पूनम कंडेला, अनीता सुदकैन मौजूद रहीं।
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आश्वासन के अनुसार मुआवजा नहीं मिला तो होगा आंदोलन
वहीं अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान नेता सतबीर पहलवान ने एलान किया कि यदि 31 मार्च तक किसानों के खाते में मुआवजा राशि नहीं आई तो एक अप्रैल को जिले भर के किसान एकत्रित होकर बड़ा फैसला लेने पर मजबूर होंगे।
कपास की फसल की एपीआर तैयार बैंक खाता दें किसान
एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि कपास की खराब फसल खराब को लेकर एपीआर तैयार की जा रही। किसान संबंधित पटवारी को अगले पांच दिनों तक अपना बैंक खाता नंबर, आधार कार्ड नंबर, बैंक आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर की जानकार दे दें। इससे मुआवजा राशि समय पर खाते में आ सकेगी।
नहीं हुआ टोल फ्री
हालांकि किसानों ने पहले विरोध स्वरूप सभी वाहनों के लिए टोल फ्री करवाने का ऐलान किया गया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि किसान टोल प्लाजा पर बैठ गए लेकिन जो लेन चालू रही, वहां से वाहन टोल देकर निकलते रहे। सुबह नौ बजे टेंट लगा दिया गया और 11 बजे तक किसान धरने पर पहुंचे लगे। किसान करीब 6 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठे रहे।
किसानों के बीच बैठे एसडीएम
किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम डॉ. राजेश खोथ धरना स्थल पर पहुंचे। यहां किसानों के बीच बैठकर उनकी मांगों को सुना। जींद के एसडीएम भी धरना स्थल पर आए। किसानों को काफी समझाने, मुआवजा जल्द मिलने को लेकर आश्वासन भी एसडीएम द्वारा दिए गए लेकिन किसान डीसी, एडीसी से कम इस मुद्दे पर बात करने को तैयार नहीं हुए। धरना स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कुहाड़, विकास सींसर भी पहुंचे।
एसडीएम ने माना कुछ जगह हुई गड़बड़ी, पटवारियों पर हुई कार्रवाई
इस दौरान किसानों बीच उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने माना कि अलेवा ब्लॉक में व सुदकैण और लोधर गांवों में पटवारियों के स्तर पर गड़बड़ी हुई है। ऐसे में इन पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अब फसल कट चुकी है, ऐसे में इसका रास्ता निकाला जाएगा।
किस खंड में कितना मुआवजा
ब्लॉक खराब फसल एकड़ में राशि
जींद 4244 38952500
जुलाना 4734 52061500
सफीदों 588 5448300
उचाना 41993 393371000
नरवाना 2231 24508000
कुल 53890 514341500
नोट: जिले में 68 हजार एकड़ फसल में नुकसान का आंकलन हुआ है। इसमें से 53890 एकड़ फसल बीमित है। शेष बचे हुए 53890 एकड़ के लिए मुआवजा राशि मिलनी है।
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भी दिया धरना
वहीं दूसरी ओर 20 किलोमीटर क्षेत्र के वाहनों को रियायती पास की सुविधा देने व मुआवजे की मांग को लेकर नरवाना के बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भी किसानों ने धरना दिया। किसान नेता सुनील बद्दोवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले टोल अधिकारियों के साथ सहमति बनी थी कि 20 किलोमीटर तक के व्यवसायिक वाहनों के लिए 150 रुपये प्रति महीना पास बनाया जाएगा लेकिन अब इस समझौते से पीछे हट रहे थे। ऐसे में अधिकारियों से बातचीत हुई है। अब अब पास बनने शुरू हो गए हैं। वहीं किसानों ने कहा कि यदि जल्द ही मुआवजा राशि खाते में नहीं आती है तो आंदोलन किया जाएगा।