{"_id":"679fbcce896dbc749b0423b4","slug":"farmers-in-uchana-made-khatkar-toll-free-in-5-hours-jind-news-c-199-1-sroh1009-129416-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: उचाना में किसानों ने 5 घंटे तक फ्री कराया खटकड़ टोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: उचाना में किसानों ने 5 घंटे तक फ्री कराया खटकड़ टोल
विज्ञापन
03जेएनडी23: खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसान। संवाद
उचाना (जींद)। किसान नेताओं से दुर्व्यवहार और टोल वसूलने के विरोध में किसानों ने दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे स्थित खटकड़ टोल प्लाजा रविवार को 5 घंटे के लिए फ्री करा दिया। इस दौरान करीब दो हजार वाहन बिना टोल दिए गुजरे। शाम को मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने टोल खाली किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
महिला किसान नेता सिक्कम श्योकंद सफाखेड़ी व भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने बताया कि 29 जनवरी को टोल कर्मियों ने दिल्ली बैठक में जा रहे किसान संगठन झंडा सिंह के नेताओं से दुर्व्यवहार किया था। किसान संगठनों के पदाधिकारियों के टोल माफ होने के बावजूद उनसे टोल भी वसूला था। इसके विरोध में रविवार को किसानों ने टोल फ्री कराकर धरना दिया है।
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह, बलजीत मांडी, सतबीर खरल ने बताया कि किसान संगठन और जन संगठन खटकड़ टोल प्लाजा के प्रबंधकों की तानाशाही, राहगीरों से बदतमीजी, अनुशासनहीनता और कुप्रबंधन का विरोध कर रहे हैं। नियमानुसार टोल पर जो सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, वे सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। हाईवे जगह-जगह से टूटा हुआ है। टोल पर छोटी गाड़ियों से एक तरफ के 120 रुपये और बड़े वाहनों से 600 रुपये तक वसूले जाते हैं। खटकड़ टोल से प्रतिदिन छह हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। प्रतिदिन की 8 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी होती है।
विज्ञापन
8 और 9 फरवरी को सभी सांसदों को देंगे मांगपत्र
किसान नेताओं ने कहा कि सेवा के बदले हमें जो सुविधाएं देने का वादा सरकार और टोल प्रबंधकों ने किया था, उन सभी सेवाओं को प्राप्त करना उनका अधिकार है। जब तक तक यह सारी सुविधाएं नहीं मिलती। उस समय तक वह टोल के खिलाफ आंदोलन करेंगे। टोल फ्री करवाने के बाद अब किसान संगठन 8 और 9 फरवरी को प्रदेश भर में सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपेंगे। इस अवसर पर विकास सिंसर, कमलजीत, अजय सिधानी, निर्भय, मा. रतिया, बलजीत मांडी, सतबीर खरल, जोधराम सेढ़ा माजरा आदि रहे।
20 किमी दायरे में आने वाले लोगों के बनेंगे पास
किसान संगठनों ने टोल अधिकारियों के साथ 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों के टोल पास बनवाने की मांग की है। इस पर टोल अधिकारियों ने सहमति भी जता दी है। इसके बाद भविष्य में किसान नेताओं से टोल नहीं वसूलने व अभद्र व्यवहार नहीं करने के आश्वासन के बाद धरना उठाया गया।
विज्ञापन
महिला किसान नेता सिक्कम श्योकंद सफाखेड़ी व भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने बताया कि 29 जनवरी को टोल कर्मियों ने दिल्ली बैठक में जा रहे किसान संगठन झंडा सिंह के नेताओं से दुर्व्यवहार किया था। किसान संगठनों के पदाधिकारियों के टोल माफ होने के बावजूद उनसे टोल भी वसूला था। इसके विरोध में रविवार को किसानों ने टोल फ्री कराकर धरना दिया है।
विज्ञापन
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह, बलजीत मांडी, सतबीर खरल ने बताया कि किसान संगठन और जन संगठन खटकड़ टोल प्लाजा के प्रबंधकों की तानाशाही, राहगीरों से बदतमीजी, अनुशासनहीनता और कुप्रबंधन का विरोध कर रहे हैं। नियमानुसार टोल पर जो सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, वे सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। हाईवे जगह-जगह से टूटा हुआ है। टोल पर छोटी गाड़ियों से एक तरफ के 120 रुपये और बड़े वाहनों से 600 रुपये तक वसूले जाते हैं। खटकड़ टोल से प्रतिदिन छह हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। प्रतिदिन की 8 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी होती है।
विज्ञापन
8 और 9 फरवरी को सभी सांसदों को देंगे मांगपत्र
किसान नेताओं ने कहा कि सेवा के बदले हमें जो सुविधाएं देने का वादा सरकार और टोल प्रबंधकों ने किया था, उन सभी सेवाओं को प्राप्त करना उनका अधिकार है। जब तक तक यह सारी सुविधाएं नहीं मिलती। उस समय तक वह टोल के खिलाफ आंदोलन करेंगे। टोल फ्री करवाने के बाद अब किसान संगठन 8 और 9 फरवरी को प्रदेश भर में सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपेंगे। इस अवसर पर विकास सिंसर, कमलजीत, अजय सिधानी, निर्भय, मा. रतिया, बलजीत मांडी, सतबीर खरल, जोधराम सेढ़ा माजरा आदि रहे।
20 किमी दायरे में आने वाले लोगों के बनेंगे पास
किसान संगठनों ने टोल अधिकारियों के साथ 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों के टोल पास बनवाने की मांग की है। इस पर टोल अधिकारियों ने सहमति भी जता दी है। इसके बाद भविष्य में किसान नेताओं से टोल नहीं वसूलने व अभद्र व्यवहार नहीं करने के आश्वासन के बाद धरना उठाया गया।

03जेएनडी23: खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसान। संवाद