{"_id":"5ffb46228ebc3e31cc7d02ec","slug":"farmers-fighting-for-the-coming-generation-sikkim-safakhedi-jind-news-rtk5902808188","type":"story","status":"publish","title_hn":"आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ाई लड़ रहे किसान : सिक्किम सफाखेड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ाई लड़ रहे किसान : सिक्किम सफाखेड़ी
विज्ञापन
खटकड़ टोल धरने पर पहुंची आस-पास के गांवों की महिलाएं। संवाद
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर खटकड़ टोल पर किसानों का धरना 16वें दिन भी जारी रहा। हर रोज यहां किसानों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आसपास के गांवों से रविवार को महिलाओं की भागदारी ज्यादा रही। धरने की अध्यक्षता बिरखा राम खटकड़ ने की।
किसान एकता मंच महिला सेल की जिला प्रधान सिक्किम सफाखेड़ी ने कहा कि आज किसान अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ाई लड़ रहा है। खेतों की कमान महिलाएं संभालेंगी,ताकि निरंतर बॉर्डर पर किसान धरना देते रहें। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से पहले किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो महिलाएं भी गांव से ट्रैक्टर चलाकर दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचेंगी। अब लड़ाई सरकार से करो या मरो की है। कैमला गांव में सरकार का प्रयास था कि वह किसानों को आपस में लड़वा दे, लेकिन किसान आज एकजुट हैं। यह एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे देश के किसान व आमजन की लड़ाई है। किसानों को अगर पुलिस द्वारा रोका या लाठीचार्ज किया गया तो वह राष्ट्रगान गाते हुए आगे बढ़ेंगे। खटकट गांव निवासी दिव्यांग जगमेर सिंह गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर अपनी व्हीलचेयर पर किसानों के बीच पहुंचा। जगमेर सिंह ने कहा कि किसान पूरे देश का पेट भरता है। इस मौके पर बिजेंद्र संधु, भूपेंद्र जागलान, ईश्वर खटकड़, पूर्व सरपंच भरत सिंह, अमरजीत, जयप्रकाश खटकड़, लीलूराम, लीला छापड़ा, राजेंद्र जैन, चांदी, रामनिवास करसिंधु, अनिल सुरबरा, ज्ञानीराम, वीरेंद्र उचाना, कामरेड रमेश, रघुबीर, कमलेश, कमला, राजपति मौजूद रहे।
कांग्रेस 15 जनवरी को मनाएगी किसान अधिकार दिवस: श्योकंद
कांग्रेस के जिला कॉर्डिनेटर सुरेंद्र श्योकंद ने कहा किसानों ने करनाल के कैमला में होने वाली सीएम मनोहर लाल की किसान पंचायत के मंच पर जाकर कब्जा कर इसको रद्द करवा सरकार के अंहकार को तोड़ा है। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर किसान निरंतर दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। 60 से ज्यादा किसान मौत का ग्रास बन चुके हैं। श्योकंद ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस 15 जनवरी को किसान अधिकार दिवस मना रही है। प्रदेश में चंडीगढ़ कांग्रेस मुख्यालय पर किसान अधिकार दिवस मनाया जाएगा। यहां पर पहले धरना दिया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा की अगुवाई में इसके बाद राजभवन तक पैदल मार्च कांग्रेस कार्यकर्ता करेंगे। राज्यपाल को कृषि कानून रद्द करने को लेकर ज्ञापन देेंगे।
विज्ञापन
नौजवान सभा ने शुरू किया किसानों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान
भारत की जनवादी नौजवान सभा जिला कमेटी ने बद्दोवाला टोल पर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर फ रेन, कलोध खुर्द, खरक भुरा, गुरुकुल खेड़ा व पलवा गांवों में नाटक के माध्यम से लोगों को किसान आंदोलन में बढ़-चढ कर हिस्सा लेने की बात कही। इस जत्थे का शुभारंभ अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य समिति सदस्य मास्टर बलबीर ने झंडा दिखाकर किया। गांवों में हुई मीटिंगों को नौजवान सभा के जिला प्रधान भारत कुमार ने कहा कि नौजवान सभा किसान आंदोलन में युवाओं को लामबंद कर समर्थन के लिए प्रचार कर रही है। इसी कड़ी में नौजवान सभा की राज्य कमेटी अपने सभी जिला कमेटियों में जीप अभियान चलाकर गांव गांव जाकर युवाओं को इस अभियान से जुडने के लिए प्रेरित कर रही है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाए जाने वाले युवा दिवस के मौके पर युवा कर्मचारियों और मजदूरों के किसानों के समर्थन में की जाने प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद नौजवान सभा के कार्यकर्ता 13 से 15 जनवरी तक टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के लिए मार्च करेंगे।
विज्ञापन
किसान एकता मंच महिला सेल की जिला प्रधान सिक्किम सफाखेड़ी ने कहा कि आज किसान अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ाई लड़ रहा है। खेतों की कमान महिलाएं संभालेंगी,ताकि निरंतर बॉर्डर पर किसान धरना देते रहें। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से पहले किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो महिलाएं भी गांव से ट्रैक्टर चलाकर दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचेंगी। अब लड़ाई सरकार से करो या मरो की है। कैमला गांव में सरकार का प्रयास था कि वह किसानों को आपस में लड़वा दे, लेकिन किसान आज एकजुट हैं। यह एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे देश के किसान व आमजन की लड़ाई है। किसानों को अगर पुलिस द्वारा रोका या लाठीचार्ज किया गया तो वह राष्ट्रगान गाते हुए आगे बढ़ेंगे। खटकट गांव निवासी दिव्यांग जगमेर सिंह गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर अपनी व्हीलचेयर पर किसानों के बीच पहुंचा। जगमेर सिंह ने कहा कि किसान पूरे देश का पेट भरता है। इस मौके पर बिजेंद्र संधु, भूपेंद्र जागलान, ईश्वर खटकड़, पूर्व सरपंच भरत सिंह, अमरजीत, जयप्रकाश खटकड़, लीलूराम, लीला छापड़ा, राजेंद्र जैन, चांदी, रामनिवास करसिंधु, अनिल सुरबरा, ज्ञानीराम, वीरेंद्र उचाना, कामरेड रमेश, रघुबीर, कमलेश, कमला, राजपति मौजूद रहे।
विज्ञापन
कांग्रेस 15 जनवरी को मनाएगी किसान अधिकार दिवस: श्योकंद
कांग्रेस के जिला कॉर्डिनेटर सुरेंद्र श्योकंद ने कहा किसानों ने करनाल के कैमला में होने वाली सीएम मनोहर लाल की किसान पंचायत के मंच पर जाकर कब्जा कर इसको रद्द करवा सरकार के अंहकार को तोड़ा है। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर किसान निरंतर दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। 60 से ज्यादा किसान मौत का ग्रास बन चुके हैं। श्योकंद ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस 15 जनवरी को किसान अधिकार दिवस मना रही है। प्रदेश में चंडीगढ़ कांग्रेस मुख्यालय पर किसान अधिकार दिवस मनाया जाएगा। यहां पर पहले धरना दिया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा की अगुवाई में इसके बाद राजभवन तक पैदल मार्च कांग्रेस कार्यकर्ता करेंगे। राज्यपाल को कृषि कानून रद्द करने को लेकर ज्ञापन देेंगे।
विज्ञापन
नौजवान सभा ने शुरू किया किसानों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान
भारत की जनवादी नौजवान सभा जिला कमेटी ने बद्दोवाला टोल पर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर फ रेन, कलोध खुर्द, खरक भुरा, गुरुकुल खेड़ा व पलवा गांवों में नाटक के माध्यम से लोगों को किसान आंदोलन में बढ़-चढ कर हिस्सा लेने की बात कही। इस जत्थे का शुभारंभ अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य समिति सदस्य मास्टर बलबीर ने झंडा दिखाकर किया। गांवों में हुई मीटिंगों को नौजवान सभा के जिला प्रधान भारत कुमार ने कहा कि नौजवान सभा किसान आंदोलन में युवाओं को लामबंद कर समर्थन के लिए प्रचार कर रही है। इसी कड़ी में नौजवान सभा की राज्य कमेटी अपने सभी जिला कमेटियों में जीप अभियान चलाकर गांव गांव जाकर युवाओं को इस अभियान से जुडने के लिए प्रेरित कर रही है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाए जाने वाले युवा दिवस के मौके पर युवा कर्मचारियों और मजदूरों के किसानों के समर्थन में की जाने प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद नौजवान सभा के कार्यकर्ता 13 से 15 जनवरी तक टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के लिए मार्च करेंगे।