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किसानों को घंटों तक लाइन में लगने पर ही मिल रही डीएपी खाद

Fri, 19 Nov 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:54 PM IST
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Farmers are getting DAP fertilizer only after standing in line for hours
डीएपी लेने के लिए लाइन में लगे किसान। - फोटो : Jind
उचाना। डीएपी लेने के लिए किसानों को लाइन में लगना पड़ रहा है। कई-कई घंटे इंतजार करने के बाद किसानों को डीएपी मिल रहा है। डीएपी की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके आने की सूचना मिलते ही गांव से किसान मंडी पहुंच जाते हैं। जहां डीएपी आना होता है, वहां लंबी लाइन में किसान लग जाते हैं।
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डीएपी देने के लिए पर्ची काटने के दौरान पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं, ताकि किसी तरह का हो हल्ला नहीं हो। किसान गुरनाम, संदीप, अजमेर, संजय व दिलबाग ने कहा कि इन दिनों गेहूं की बिजाई का सीजन है। बिजाई के साथ-साथ मंडी में भी किसान फसल बेचने आ रहे हैं। ऐसे में पूरा दिन किसान को डीएपी लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। समय पर डीएपी नहीं मिलने से बिजाई देरी से होगी। किसानों को डर है कि अगर डीएपी समय पर नहीं मिला तो फसल का उत्पादन प्रभावित होगा। खंड कृषि अधिकारी डॉ. पवन भारद्वाज ने बताया कि आधार कार्ड पर डीएपी किसान को दिया जा रहा है। एक किसान को पांच डीएपी के बैग दिए गए है।
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12 हजार कट्टों का स्टॉक तो करनाल से 20 हजार कट्टों की मंजूरी
जींद। जिले में गेहूं की बिजाई की शुरुआत से ही डीएपी की किल्लत शुरू हो गई थी। इसके चलते डीएपी के लिए कई स्थानों पर किल्लत के चलते विवाद हुआ तो कहीं, थानों में खाद बांटा गया, लेकिन अब जिले में खाद की किल्लत नहीं रहेगी। फिलहाल जिले में खाद के 12 हजार कट्टों का स्टॉक बचा है। वहीं 20 हजार कट्टों की आज पहुंचने की उम्मीद बनी है।
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शुक्रवार को करनाल में लगे खाद के रैक से जींद को 20 हजार डीएपी के कट्टे मिलने की मंजूरी मिली है। इसके चलते यह शनिवार तक जिले में पहुंच जाएंगे। इन खाद के कट्टों को हैफेड के सरकारी बिक्री केंद्र और खाद-बीज के एजेंटों के पास सभी जगह निर्धारित मात्रा में स्टॉक दिया जाएगा, ताकि जिन किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। वह उसको समय पर प्राप्त कर गेहूं की बिजाई कर सकें। हालांकि जिले में अब तक गेहूं बिजाई हुए बिना 60 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन बची है, लेकिन अब लगातार डीएपी मिलने से किसानों को बिना खाद डाले बिजाई करने की नौबत नहीं आएगी। जिले के पिल्लूखेड़ा, जींद, सफीदों,अलेवा, उचाना, नरवाना व जुलाना समेत सभी खंडों में खाद को पहुंचाया जाएगा।

क्यूसीआई जींद नरेंद्रपाल ने बताया कि करनाल में शुक्रवार को लगे खाद के रैक से जींद जिले को 20 हजार कट्टे मिलने की मंजूरी मिली है। अब किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि किसान गेहूं बिजाई के साथ आवश्यकतानुसार खाद डाल सकें। इसके अलावा 12 हजार डीएपी के बैग का जिले में पहले ही स्टॉक बचा हुआ है। अब किसानों को डीएपी के लिए दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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