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Jind News: ट्रैक्टर पर अनुदान के लिए ऑनलाइन ड्राॅ निकालने पर भड़के किसान
Fri, 24 Feb 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 24 Feb 2023 12:43 AM IST
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डीसी कार्यालय पर पहुंची किसानों की भीड़। संवाद
जींद। अनुसूचित जाति के किसानों को ट्रैक्टर पर अनुदान के लिए वीरवार को लघु सचिवालय परिसर में ऑनलाइन ड्राॅ निकाला गया। ड्राॅ ऑनलाइन निकालने पर किसान बिफर गए और डीसी कार्यालय के नीचे हंगामा कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआई बलजीत सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों ने मांग की ड्रॉ दोबारा से आफ लाइन तरीके से निकाला जाए। इस दौरान किसान डीसी डा. मनोज कुमार से मिले। डीसी ने किसानों की समस्या सुनकर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) साहिल गुप्ता को जांच के निर्देश दिए।
किसान मुकेश, सन्नी, नरेश, प्रेम सैनी, जयपाल व सूबे सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति के 40 किसानों के लिए ड्रा निकलना था। अनुदान पाने के लिए 545 किसानों ने आवेदन किया था लेकिन वीरवार को 40 की जगह 39 किसानों के ही ऑनलाइन ड्रॉ निकाले गए हैं। किसानों को इसमें धांधली की बू आ रही है जबकि आनलाइन या ऑफ लाइन माध्यम से सभी आवेदन करने वाले किसानों के सामने ड्रा निकालना चाहिए था जबकि उन्होंने योजना के तहत पहले से ही एक क्षेत्र विशेष के किसानों के लिए ड्रा निकाला है। इससे किसान पूरी तरह सहमत नहीं हैं। किसानों ने कहा कि जब ड्रा निकला गया तो उसका समय कुछ और है तो जो फाइनल सूची किसानों को दिखाई गई है उसका समय कुछ और है। अधिकारियों ने आनलाइन ड्रॉ से पहले दो बार डेमो दिखाया और जब फाइनल लिस्ट के लिए क्लिक किया तो उस समय दस बजकर 41 मिनट समय था। वहीं प्रिंटिड लिस्ट पर समय दस बजकर 32 मिनट लिखा हुआ है। ऐसे में किसानों को संशय है कि यह लिस्ट पहले से अधिकारियों द्वारा तय की गई थी। आवेदन करने वाले किसानों के नाम की लिस्ट अधिकारियों द्वारा दिखाई नहीं गई जबकि 545 किसानों ने आवेदन किया था।
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उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के किसानों को ट्रैक्टर पर अनुदान के लिए 26 दिसंबर से लेकर दस जनवरी तक फार्म भरवाए गए थे। वहीं 23 जनवरी तक किसानों ने दस हजार रुपये की फीस कटवाकर फार्म जमा करवाए थे। अब 23 फरवरी को ड्रॉ निकाला जाना था जो ऑफलाइन माध्यम से होना चाहिए था। किसान ने एग्रो हरियाणा की साइट पर आनलाइन आवेदन किया था, जिसके लिए हजार रुपये पहले किसानों से भरवाए गए थे। किसानों ने कहा कि 545 किसानों में से 40 किसानों को ही ट्रैक्टर के लिए अनुदान मिलना है। पारदर्शिता से किसानों को अनुदान मिलना चाहिए। इसके लिए मामले की जांच करवाई जाए और दोबारा से आफलाइन ड्राॅ निकाला जाए। बाद में एडीसी ने किसानों को ड्राॅ प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी और किसानों के संशय को दूर कियाए जिसके बाद किसान वापस लौट गए।
किसानों को ड्राॅ प्रक्रिया को लेकर कोई संशय था। वह दूर कर दिया गया है। सभी किसान ड्राॅ प्रक्रिया से संतुष्ट होकर वापस लौट गए हैं। वहीं जिन किसानों का नाम ड्राॅ लिस्ट में आया है वह सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही प्रक्रिया को अपनाकर दिया गया है।
-साहिल गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त
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घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआई बलजीत सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों ने मांग की ड्रॉ दोबारा से आफ लाइन तरीके से निकाला जाए। इस दौरान किसान डीसी डा. मनोज कुमार से मिले। डीसी ने किसानों की समस्या सुनकर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) साहिल गुप्ता को जांच के निर्देश दिए।
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किसान मुकेश, सन्नी, नरेश, प्रेम सैनी, जयपाल व सूबे सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति के 40 किसानों के लिए ड्रा निकलना था। अनुदान पाने के लिए 545 किसानों ने आवेदन किया था लेकिन वीरवार को 40 की जगह 39 किसानों के ही ऑनलाइन ड्रॉ निकाले गए हैं। किसानों को इसमें धांधली की बू आ रही है जबकि आनलाइन या ऑफ लाइन माध्यम से सभी आवेदन करने वाले किसानों के सामने ड्रा निकालना चाहिए था जबकि उन्होंने योजना के तहत पहले से ही एक क्षेत्र विशेष के किसानों के लिए ड्रा निकाला है। इससे किसान पूरी तरह सहमत नहीं हैं। किसानों ने कहा कि जब ड्रा निकला गया तो उसका समय कुछ और है तो जो फाइनल सूची किसानों को दिखाई गई है उसका समय कुछ और है। अधिकारियों ने आनलाइन ड्रॉ से पहले दो बार डेमो दिखाया और जब फाइनल लिस्ट के लिए क्लिक किया तो उस समय दस बजकर 41 मिनट समय था। वहीं प्रिंटिड लिस्ट पर समय दस बजकर 32 मिनट लिखा हुआ है। ऐसे में किसानों को संशय है कि यह लिस्ट पहले से अधिकारियों द्वारा तय की गई थी। आवेदन करने वाले किसानों के नाम की लिस्ट अधिकारियों द्वारा दिखाई नहीं गई जबकि 545 किसानों ने आवेदन किया था।
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उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के किसानों को ट्रैक्टर पर अनुदान के लिए 26 दिसंबर से लेकर दस जनवरी तक फार्म भरवाए गए थे। वहीं 23 जनवरी तक किसानों ने दस हजार रुपये की फीस कटवाकर फार्म जमा करवाए थे। अब 23 फरवरी को ड्रॉ निकाला जाना था जो ऑफलाइन माध्यम से होना चाहिए था। किसान ने एग्रो हरियाणा की साइट पर आनलाइन आवेदन किया था, जिसके लिए हजार रुपये पहले किसानों से भरवाए गए थे। किसानों ने कहा कि 545 किसानों में से 40 किसानों को ही ट्रैक्टर के लिए अनुदान मिलना है। पारदर्शिता से किसानों को अनुदान मिलना चाहिए। इसके लिए मामले की जांच करवाई जाए और दोबारा से आफलाइन ड्राॅ निकाला जाए। बाद में एडीसी ने किसानों को ड्राॅ प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी और किसानों के संशय को दूर कियाए जिसके बाद किसान वापस लौट गए।
किसानों को ड्राॅ प्रक्रिया को लेकर कोई संशय था। वह दूर कर दिया गया है। सभी किसान ड्राॅ प्रक्रिया से संतुष्ट होकर वापस लौट गए हैं। वहीं जिन किसानों का नाम ड्राॅ लिस्ट में आया है वह सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही प्रक्रिया को अपनाकर दिया गया है।
-साहिल गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त