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भारत बंद के दौरान उझाना में धरना दे रहे किसान की हृदय गति रूकने से मौत
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नरवाना। कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को भारत बंद के दौरान दिल्ली-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग उझाना गांव के पास धरने पर बैठे उझाना गांव निवासी किसान 60 वर्षीय किताब सिंह चहल की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। यहां किसानों ने शव लेने से मना कर दिया और उझगा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि किताब सिंह को शहीद का दर्जा दिया जाए और परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी की भी मांग की। किसानों ने शाम पांच बजे शुरू किया गया था। उन्होंने धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम सुमित सिहाग के आश्वासन पर उन्हें ज्ञापन देकर शाम सात बजे खोल दिया। एसडीएम सिहाग ने कहा कि मृतक परिवार की मांगों को सरकार के पास भेजा जाएगा।
दरअसल बंद के दौरान गढ़ी और उझाना गांव के बीच किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन में धरना दे रहे थे। इसमें उझाना गांव का किसान 60 वर्षीय किताब सिंह भी शामिल था। किसानों का कहना है कि जिस समय किताब सिंह अन्य किसानों के साथ प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी कर रहा था तो जमीन पर गिर गया। परिजन और किसान उसे तुरंत नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उझाना गांव निवासी रामपाल के अनुसार किताब सिंह के दो बेटे हैं। इनमें से एक अनुबंध पर बिजली निगम में और दूसरा जनस्वास्थ्य विभाग में नौकरी करता है। किताब सिंह खेती करके ही अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। नरवाना गढ़ी थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह के अनुसार किताब सिंह की मौत हृदय गति रुकने से हुई है। किसानों की मांग सरकार तक पहुंचा दी जाएगी। किसानों ने एसडीएम सुमित सिहाग के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया है।
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दरअसल बंद के दौरान गढ़ी और उझाना गांव के बीच किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन में धरना दे रहे थे। इसमें उझाना गांव का किसान 60 वर्षीय किताब सिंह भी शामिल था। किसानों का कहना है कि जिस समय किताब सिंह अन्य किसानों के साथ प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी कर रहा था तो जमीन पर गिर गया। परिजन और किसान उसे तुरंत नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उझाना गांव निवासी रामपाल के अनुसार किताब सिंह के दो बेटे हैं। इनमें से एक अनुबंध पर बिजली निगम में और दूसरा जनस्वास्थ्य विभाग में नौकरी करता है। किताब सिंह खेती करके ही अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। नरवाना गढ़ी थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह के अनुसार किताब सिंह की मौत हृदय गति रुकने से हुई है। किसानों की मांग सरकार तक पहुंचा दी जाएगी। किसानों ने एसडीएम सुमित सिहाग के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया है।
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