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संयुक्त किसान मोर्चा की तर्ज पर बनाया हरियाणा में संयुक्त टोल मोर्चा

Sat, 18 Sep 2021 11:05 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 11:05 PM IST
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farmer form hariyana syuket toal morcha
जानकारी देते हुए सतबीर पहलवान व विभिन्न टोल धरनों से आए प्रतिनधि। - फोटो : Jind
खटकड़ गांव में हरियाणा के 18 टोल पर चलने वाले किसानों के धरनों से 18 टोल प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता खटकड़ टोल कमेटी प्रधान सतबीर पहलवान ने की। संयुक्त किसान मोर्चा की तर्ज पर हरियाणा में संयुक्त टोल मोर्चा का गठन किया गया। इसमें सभी टोल धरनों से एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के बाद पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करने के लिए संयुक्त टोल मोर्चा काम करेगा।
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प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की तर्ज पर हरियाणा में संयुक्त टोल मोर्चा बनाया गया है। हरियाणा के 18 टोल जहां पर धरने चल रहे हैं, वहां से एक-एक किसान प्रतिनिधियों ने मीटिंग में हिस्सा लिया। अब हरियाणा के हर हिस्से में किसान आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो 2024 तक की तैयारी कर किसान बैठा है। केंद्र व प्रदेश सरकार चाहे किसानों पर गोली व लाठी चलाए पर किसान पीछे नहीं हटेंगे। खटकड़ टोल प्लाजा के पास सारा दिन बैठक कर सभी ने आंदोलन को तेज करने के लिए मंथन किया। गुरुग्राम से आए संतोक सिंह ने कहा कि आपस में तालमेल की कमी थी। जो 18 सदस्य हैं वह तालमेल मजबूत बनाएंगे। जहां-जहां आंदोलन कमजोर है, उसे मजबूत बनाएंगे।
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कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के जो आदेश आएंगे संयुक्त टोल मोर्चा उसके अनुसार किसान आंदोलन को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगा। आज सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। अब तक 600 से अधिक किसान आंदोलन में जान दे चुके हैं, लेकिन पीएम से लेकर उनके मंत्री, भाजपा व जजपा के नेताओं ने संवेदना तक प्रकट नहीं की। भिवानी स्थित कितलाना टोल धरने से आए नरसिंह ने कहा कि इस मीटिंग से नई तेजी श नई ऊर्जा आंदोलन को मिलेगी। हरियाणा के किसान एक जुट हुए हैं। अब आंदोलन तेज किया जाएगा। जब तक किसान आंदोलन चलेगा तब तक भाजपा व जेजेपी के नेताओं के कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा। जरूरत पडने पर बड़ा व कड़ा फैसला किसान लेंगे। प्रदेश के किसी कौने पर अगर किसानों पर अत्यचार हुआ तो सभी मिलकर आवाज उठाएंगे। जो संयुक्त टोल मोर्चा बनाया है, उसमें कोई प्रधान नहीं है, इसमें सभी सदस्य हैं।
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लंगर में साहिल काजल ने दी 21 हजार रुपये की मदद
उचाना। चीनी मिल के पास चल रहे लंगर में पहुंच कर किसान सुशील काजल के बेटे साहिल काजल ने 21 हजार रुपये की सहायता राशि दी। किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि जब से किसान आंदोलन चल रहा है तब से झांझ के पास लंगर चल रहा है। आंधी, तूफान, गर्मी व सर्दी के सब मौसम किसान व मजदूर देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि करनाल में हुए लाठीचार्ज में सुशील काजल मौत का ग्रास बन गए थे। किसान आंदोलन आज जन आंदोलन बन चुका है। किसान व मजदूर की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। वह अपने हकों की मांग के लिए धरने पर बैठे हैं। सरकार अगर हठ किए हुए है तो किसान व मजदूर भी मन बना चुके हैं कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते और एमएसपी पर कानून नहीं बनता तब तक शांति पूर्वक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
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