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Jind News: रावण दहन के साथ जली बुराई, श्रद्धालुओं ने राख समेट घर लाई
Fri, 03 Oct 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:21 AM IST
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02जेएनडी30, 31, 32, : राम के तीर से रावण व उसके भाइयों का हो रहा दहन। संवाद
जींद। शहर के अर्जुन स्टेडियम में श्रीराम के तीर से रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले का दहन करके दशहरा मनाया गया। रावण दहन को देखने के लिए स्टेडियम के चारों तरफ हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ गई। वहीं रावण दहन इसके बाद श्रद्धालु रावण की राख और जली लकड़ियों को समेट कर घर ले गए।
इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने शिरकत कर रावण दहन से पहले पूजा अर्चना की। अर्जुन स्टेडियम में रावण दहन के दौरान लगभग एक घंटा तक जाम की स्थिति बनी रही। विजय दशमी पर मंदिरों में भी विशेष पूजा व यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त अधर्म पर धर्म व बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजय दशमी पर रेलवे जंक्शन स्थित स्कूल मैदान व रेलवे जंक्शन स्कूल ग्राउंड के आसपास भी मेला लगा।
दशहरे को लेकर शाम को शोभायात्रा निकाली गई। राम, लक्ष्मण, हनुमान की आर्कषक झांकियां बनाई गई थी। अर्जुन स्टेडियम में किले वाली श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी की ओर से रावण, मेघनाद व कुंभकरण के विशालकाय पुतले जलाए गए।
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शहर में इन जगहों पर हुआ रावण दहन
शहर में दशहरे पर अर्जुन स्टेडियम, रेलवे जंक्शन ग्राउंड व गीता कॉलोनी में रावण का दहन हुआ। रेलवे जंक्शन पर रेलवे रामलीला क्लब द्वारा बनवाए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 45 फूट रही तो वहीं सनातन धर्म रामलीला क्लब द्वारा तैयार किए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 50 फूट व कुंभकरण और मेघनाद के पुतले की उंचाई 45 व 45 फूट रखी गई है। इस बार रावण की आंखों से लाइट जलती नजर आई। पुतलों में भरपूर आतिशबाजी का प्रयोग किया गया था।
एक घंटा तक जाम की स्थिति बनी
दशहरे को लेकर लगे मेले व शहर को बाजारों में भीड़ रही। शहर के सभी मुख्य मार्गों पर एक घंटा तक जाम की स्थिति बनी रही। सुरक्षा की दृष्टि से आयोजन स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। रानी तालाब से पहले ही एक घंटे के लिए वाहनों का रूट भी बदला, रावण दहन के बाद रानी तालाब के चारों तरफ जाम लग गया।
लोग रावण की अस्थियों को ले गए घर
पुतला दहन से पहले लोगों ने रावण की पूजा अर्चना की और सुख समद्धि की कामना की। इसके बाद रावण के पुतले को जलाए जाने के बाद उसकी राख और जली लकड़ियों को लोग आस्था और श्रद्धा के कारण घर ले गए। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि रावण दहन की राख या लकड़ी घर लाना उत्तम माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है
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इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने शिरकत कर रावण दहन से पहले पूजा अर्चना की। अर्जुन स्टेडियम में रावण दहन के दौरान लगभग एक घंटा तक जाम की स्थिति बनी रही। विजय दशमी पर मंदिरों में भी विशेष पूजा व यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त अधर्म पर धर्म व बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजय दशमी पर रेलवे जंक्शन स्थित स्कूल मैदान व रेलवे जंक्शन स्कूल ग्राउंड के आसपास भी मेला लगा।
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दशहरे को लेकर शाम को शोभायात्रा निकाली गई। राम, लक्ष्मण, हनुमान की आर्कषक झांकियां बनाई गई थी। अर्जुन स्टेडियम में किले वाली श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी की ओर से रावण, मेघनाद व कुंभकरण के विशालकाय पुतले जलाए गए।
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शहर में इन जगहों पर हुआ रावण दहन
शहर में दशहरे पर अर्जुन स्टेडियम, रेलवे जंक्शन ग्राउंड व गीता कॉलोनी में रावण का दहन हुआ। रेलवे जंक्शन पर रेलवे रामलीला क्लब द्वारा बनवाए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 45 फूट रही तो वहीं सनातन धर्म रामलीला क्लब द्वारा तैयार किए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 50 फूट व कुंभकरण और मेघनाद के पुतले की उंचाई 45 व 45 फूट रखी गई है। इस बार रावण की आंखों से लाइट जलती नजर आई। पुतलों में भरपूर आतिशबाजी का प्रयोग किया गया था।
एक घंटा तक जाम की स्थिति बनी
दशहरे को लेकर लगे मेले व शहर को बाजारों में भीड़ रही। शहर के सभी मुख्य मार्गों पर एक घंटा तक जाम की स्थिति बनी रही। सुरक्षा की दृष्टि से आयोजन स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। रानी तालाब से पहले ही एक घंटे के लिए वाहनों का रूट भी बदला, रावण दहन के बाद रानी तालाब के चारों तरफ जाम लग गया।
लोग रावण की अस्थियों को ले गए घर
पुतला दहन से पहले लोगों ने रावण की पूजा अर्चना की और सुख समद्धि की कामना की। इसके बाद रावण के पुतले को जलाए जाने के बाद उसकी राख और जली लकड़ियों को लोग आस्था और श्रद्धा के कारण घर ले गए। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि रावण दहन की राख या लकड़ी घर लाना उत्तम माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है

02जेएनडी30, 31, 32, : राम के तीर से रावण व उसके भाइयों का हो रहा दहन। संवाद