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‘हर व्यक्ति हर कार्य नहीं कर सकता, अपने हुनर को पहचानने की है जरूरत’

Sat, 05 Nov 2022 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2022 12:15 AM IST
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'Every person cannot do every task, there is a need to recognize his talent'
इंडक्शन कार्यक्रम में मौजूद सीआरएसयू का स्टाफ व अतिथि। सवाद - फोटो : Jind
‘हर व्यक्ति हर कार्य नहीं कर सकता, अपने हुनर को पहचानने की है जरूरत’
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-सीआरएसयू में इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन कर विद्यार्थियों को सपने पूरे करने के लिए किया प्रेरित
-कहा सपना वह नहीं जो नींद में आए, सपना वह है जो नींद ही न आने दे
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चौ. रणबीर सिंह विश्विद्यालय (सीआरएसयू) में शुक्रवार को कॉमर्स एंड मैनेजमेंट फैकल्टी विभाग द्वारा एक दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर डीटीयू दिल्ली से प्रोफेसर एसएस खनका, एमडीयू रोहतक से प्रोफेसर सोनिया मलिक, एफ एमएसवीबीएस यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की।

इसमें प्रोफेसर खनका ने विद्यार्थियों को अंदर उमंग भरते हुए कहा कि हमारा सपना एक कल्पना है। उसको पूरा करना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए और हमें सकारात्मकता के साथ हर पल लगे रहने की जरूरत है। सपने वह नहीं होते जो हम नींद में देखते हैं, बल्कि वह होते हैं जो हमें नींद न आने दें। जिंदगी में कामयाब होने के लिए एक दोस्त बनाओ। हर आदमी हर कार्य नहीं कर सकता, लेकिन आपको जरूरत है अपने हुनर को पहचानने की। हमारा लक्ष्य स्मार्ट होना चाहिए, जिसे आसान तरीके से पाया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे अंदर शारीरिक क्षमता की बजाय आत्मिक क्षमता होने की जरूरत है। जब हमारा मन मस्तिष्क किसी कार्य को शिद्दत से करना चाहता है, तो कोई उसे रोक नहीं सकता। उन्होंने एक वीडियो के जरिए विद्यार्थियों में उत्साह भरा और समझाया कि जिंदगी एक खुद से लड़ा गया युद्ध है। आपको बड़ा बनना पड़ेगा। उन्होंने बड़े जोशीले और प्रेरणादाई विचारों के साथ छात्र छात्राओं को आगे बढ़ने का प्रोत्साहन दिया। सत्र की दूसरी वक्ता प्रोफेसर सोनिया मलिक ने विद्यार्थियों के साथ स्ट्रेस मैनेजमेंट और पॉजिटिव साइकोलॉजी पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि हमारे अंदर किसी कार्य को करने की आशा होनी चाहिए। अगर हमारे अंदर जीने की इच्छा शक्ति है तो कोई हमें नहीं रोक सकता। प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने फॉर डी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य है हम सकारात्मकता से कार्य करें। अगर वह होगा तो कुछ भी असंभव नहीं है।
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फोटो कैप्शन
04जेएनडी12: इंडक्शन कार्यक्रम में मौजूद सीआरएसयू का स्टाफ व अतिथि।
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