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40 बैंकों में कर्मचारी सिखाएंगे कैशलेस लेनदेन

Sun, 04 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद Updated Sun, 04 Dec 2016 12:04 AM IST
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पीओएस मशीन से चालान का भुगातन करवाते पुलिसकर्मी। - फोटो : jind
नोट बंदी के बाद करेंसी का संकट समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इससे पार पाने के लिए प्रशासन ने ई-बैंकिंग को बढ़ावा देने पर काम शुरू किया है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला के 40 बैंकों का चयन किया गया है, जहां बैंक कर्मचारी, स्कूल सूचना प्रबंधक सहायक और बैंक मित्र लोगों को इंटरनेट से लेनदेन सिखाएंगे। 
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जिले में प्रतिदिन करीब 40 करोड़ रुपये के कैश की जरूरत होती है, जबकि प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपये का ही कैश मिल रहा है। जिले के अधिकतर बैंक खाली हैं और पेंशन लेने से लेकर सेविंग खातों तक से पैसे निकलवाने में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। अब इंटरनेट बैंकिंग के जरिए प्रशासन लोगों को राहत देने का प्रयास कर रहा है। इसको लेकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रजनी सिब्बल ने भी अधिकारियों की मीटिंग ली और कैश लेस लेनदेन को बढ़ावा देने की बात कही। वहीं, कैश लेश लेनदेन के लिए अब बैंक कर्मचारी भी घूम-घूमकर दुकानदारों को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
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इन बैंकों में मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशासन की योजना के अनुसार, प्रथम चरण में जींद के 18 बैंकों, नरवाना के छह, उचाना के चार, सफीदों के चार, पिल्लूखेड़ा के दो, जुलाना के दो और अलेवा के दो बैंकों में यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद इसे अन्य शाखाओं में भी शुरू किया जाएगा।
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पेंशन के लिए बढ़ेगी मर्ज
समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही पेंशन योजनाओं में भी बैंकों की मर्ज बढ़ेगी। हालांकि, अभी तक नवंबर माह की पेंशन नहीं आई है, लेकिन इस बार 1600 रुपये पेंशन मिलनी है। बैंकों के पास अधिकतर नोट दो हजार रुपये के हैं। कुछ नोट 500 रुपये के भी आए हैं। ऐसे में पेंशन के रूप मेें 1600 रुपये का इंतजाम करना बैंकों के लिए टेंशन पैदा करेगा। बैंक अधिकारियों के अनुसार, यदि पेंशनधारक 400 रुपये देता है तो कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन लोगों के पास छोटे नोटों की काफी कमी है।

विकसित देशों के मुकाबले देश में होता है बहुत कम ई बैंकिंग
ई बैंकिंग के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रजनी सिब्बल ने अधिकारियों की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए उनके नागरिकों का पढ़ा-लिखा होना बहुत जरूरी होता है। नागरिक जितने पढ़े लिखे होंगे, वह देश उतना ही अधिक कैशलेस लेनदेन प्रणाली अपनाता है। कैशलेस लेनदेन सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है और इससे भ्रष्टाचार भी खत्म होता है। सिब्बल ने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने 40 हजार पीओएस मशीनें खरीदने का आदेश दिया है। इन मशीनों को प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी परिसरों में स्थापित करवाया जाएगा।

कैश लेस बेहतर विकल्प
कैश लेस लेनदेन बेहतर विकल्प है। इसके लिए चार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। यहां सरकारी विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, बैंकों में भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को राहत मिलेगी।

-विनय सिंह, डीसी

नहीं मिल रहा कैश
जिले में कैश नहीं मिल रहा है। इससे बैंकों और एटीएम में कैश पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। इसी कारण कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मिथिलेश कुमार झा, एलडीएम

चालक ई-चालान से भरेंगे जुर्माना
जींद पुलिस ने चालान भरने के लिए पीओएस मशीन की सुविधा शुरू की है। इससे तीन दिन में 311 चालान के लिए 46200 रुपये लिए गए हैं। चालान भरने के लिए लोग अपने एटीएम कार्ड का भी प्रयोग कर सकते हैं। आमतौर पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालकों को चालान मैनुअल तरीके से भरा जाता है। लोगों को चालान भरने में काफी परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए ई-चालान की सुविधा शुरू की गई है। एसएसपी शशांक आनंद के अनुसार 20 दिन पहले ही जींद में दो मशीनें लगाई गई हैं। इनके जरिए होने वाले भुगतान के लिए लोगों की सकारात्मक फीडबैक मिली है।
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