पिल्लूखेड़ा खंड के गांव बेरी खेड़ा में परिजनों ने महिला का गर्भपात करवाकर भ्रूण को मकान के पीछे खाली प्लाट में दबा दिया। किसी ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर भ्रूण को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भेज दिया। पिल्लूखेड़ा पुलिस ने डॉ. कटारिया की शिकायत पर महिला, उसके पति, एक लैब संचालक, एक चिकित्सक व परिजनों समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वीरवार शाम को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि बेरी खेड़ा गांव में एक महिला का गर्भपात करवा भ्रूण को जमीन में दबाया गया है। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भ्रूण को जमीन के अंदर से निकाला। पूछताछ में महिला ने बताया कि इसमें सफीदों निवासी एक महिला चिकित्सक ने उसकी मदद की है। एक लैब संचालक से गर्भपात की गोलियां दिलवाई है। इसके बाद उसका रात को गर्भपात हो गया। महिला के पेट में 13 सप्ताह का गर्भ था। रात को ही परिजनों ने भ्रूण को मकान के पीछे खाली प्लाट में दबा दिया था। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने डॉ. पालेराम कटारिया की शिकायत पर महिला मुकेश, उसके पति देवेंद्र, अमित, कृष्णा, खेड़ा खेमावती निवासी दिलबाग, यश डायग्नोस्टिक सेंटर सफीदों के संचालक जोगिंद्र, राधेकृष्णा नर्सिंग होम की डॉ. मोनिका शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एएसआई नरेंद्र ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।