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Jind News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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फोटो 04जेएनडी04-निजीकरण के विरोध में रोष प्रकट करते हुए बिजली कर्मचारी। स्रोत कर्मचारी
जींद। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध और लंबित मांगों को लेकर यूनिट स्तर पर धरना प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता संयुक्त रूप से राकेश ईक्कस, इंजीनियर विकास मलिक, हरिओम और ईश्वर सैनी ने की, जबकि मंच संचालन धर्मवीर सिंह ने किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी लंबित मांगों पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। साथ ही गुरुग्राम और नूंह की सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने और कृषि बिजली आपूर्ति के लिए अलग एग्री डिस्कॉम बनाकर बिजली व्यवस्था के निजीकरण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका कर्मचारी संगठन पुरजोर विरोध करेगा।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 से 13 अगस्त तक राज्यभर में तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि एग्री डिस्कॉम के गठन या निजी लाइसेंस जारी करने संबंधी कोई अधिसूचना जारी हुई तो कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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धरने में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने निजीकरण का विरोध जारी रखने तथा मांगें पूरी होने तक आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। इस दौरान किसान नेता नफे सिंह, एएचपीसी वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी, रोडवेज नेता देवेंद्र घोड़ेला, एसडीओ गुलशन, एसडीओ कवलजीत, एसडीओ दीपक राठी, एसडीओ आनंद, वीरेंद्र गोयत, संजीव ढांडा, राजा शामदो, श्रीभगवान, अनूप मौजूद रहे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी लंबित मांगों पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। साथ ही गुरुग्राम और नूंह की सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने और कृषि बिजली आपूर्ति के लिए अलग एग्री डिस्कॉम बनाकर बिजली व्यवस्था के निजीकरण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका कर्मचारी संगठन पुरजोर विरोध करेगा।
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संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 से 13 अगस्त तक राज्यभर में तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि एग्री डिस्कॉम के गठन या निजी लाइसेंस जारी करने संबंधी कोई अधिसूचना जारी हुई तो कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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धरने में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने निजीकरण का विरोध जारी रखने तथा मांगें पूरी होने तक आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। इस दौरान किसान नेता नफे सिंह, एएचपीसी वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी, रोडवेज नेता देवेंद्र घोड़ेला, एसडीओ गुलशन, एसडीओ कवलजीत, एसडीओ दीपक राठी, एसडीओ आनंद, वीरेंद्र गोयत, संजीव ढांडा, राजा शामदो, श्रीभगवान, अनूप मौजूद रहे।