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आयु जांच शिविर के रद्द होने के विरोध में डीसी से मिले बुजुर्ग
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जींद। समाज कल्याण विभाग की ओर से 28 अप्रैल को लगने वाले आयु जांच शिविर के रद्द होने के विरोध में जिले भर के गांवों से आए बुजुर्गों ने डीसी कार्यालय में जाकर शिविर शुरू करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विभाग ने आवेदन करवाने के दौरान उनको वीरवार को शिविर में आने की जानकारी दी थी लेकिन आवेदन व किराया खर्च करवाने के बाद शिविर को रद्द कर बुजुर्गों का अपमान किया गया है।
डीसी कार्यालय आए रामसिंह, नफेसिंह, फूल सिंह, सत्यनारायण, रामरति ने कहा कि आयु जांच शिविर बंद किए जाने पर ग्रामीणों को पेंशन बनवाने के लिए अब बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके पास आयु के दस्तावेज नहीं हैं। इसके चलते अब उनकी आयु परिवार पहचान पत्र में भी कम दर्शाई गई है, लेकिन उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए बुजुर्ग सम्मान पेंशन राशि मिलना मुश्किल होगा। समाज कल्याण विभाग ने यह नियम बनाया था कि जिन बुजुर्गों के पास दस्तावेज नहीं हैं, वह अपने संतान जिसकी आयु 40 साल से ज्यादा है, वह उनका प्रमाण पत्र समाज कल्याण विभाग में जमा करवाकर पेंशन शुरू करवा सकते हैं। अब यह नियम भी बंद कर दिया गया है। अब परिवार पहचान पत्र में जो भी आयु है, उसके आधार पर समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन बनाई जाएगी। आयु जांच शिविर ही बुजुर्गों के पास आयु जांच प्रमाण देेने का एकमात्र सहारा है। इसलिए दोबारा से आयु जांच शिविर को दोबारा से शुरू किया जाए और महीने में एक दिन खंड के अनुसार निश्चित किया जाए, जिससे बुजुर्गों को चक्कर नहीं काटने पड़े।
बाक्स
परिवार पहचान पत्र के आधार पर ही पेंशन बनाई जाएगी। परिवार पहचान पत्र में जिन बुजुर्गों की आयु गलत है। उनकी टीम गांव-गांव सर्वे कर ठीक आयु ठीक करेगी ताकि पात्र बुजुर्गों को इसका लाभ मिल सके और वे सम्मान राशि नियमित रुप से प्राप्त कर सकें।- सरोज देवी जिला समाज कल्याण अधिकारी
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डीसी कार्यालय आए रामसिंह, नफेसिंह, फूल सिंह, सत्यनारायण, रामरति ने कहा कि आयु जांच शिविर बंद किए जाने पर ग्रामीणों को पेंशन बनवाने के लिए अब बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके पास आयु के दस्तावेज नहीं हैं। इसके चलते अब उनकी आयु परिवार पहचान पत्र में भी कम दर्शाई गई है, लेकिन उनकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए बुजुर्ग सम्मान पेंशन राशि मिलना मुश्किल होगा। समाज कल्याण विभाग ने यह नियम बनाया था कि जिन बुजुर्गों के पास दस्तावेज नहीं हैं, वह अपने संतान जिसकी आयु 40 साल से ज्यादा है, वह उनका प्रमाण पत्र समाज कल्याण विभाग में जमा करवाकर पेंशन शुरू करवा सकते हैं। अब यह नियम भी बंद कर दिया गया है। अब परिवार पहचान पत्र में जो भी आयु है, उसके आधार पर समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन बनाई जाएगी। आयु जांच शिविर ही बुजुर्गों के पास आयु जांच प्रमाण देेने का एकमात्र सहारा है। इसलिए दोबारा से आयु जांच शिविर को दोबारा से शुरू किया जाए और महीने में एक दिन खंड के अनुसार निश्चित किया जाए, जिससे बुजुर्गों को चक्कर नहीं काटने पड़े।
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परिवार पहचान पत्र के आधार पर ही पेंशन बनाई जाएगी। परिवार पहचान पत्र में जिन बुजुर्गों की आयु गलत है। उनकी टीम गांव-गांव सर्वे कर ठीक आयु ठीक करेगी ताकि पात्र बुजुर्गों को इसका लाभ मिल सके और वे सम्मान राशि नियमित रुप से प्राप्त कर सकें।- सरोज देवी जिला समाज कल्याण अधिकारी
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