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कान की समस्या बन सकती है हियरिंग लॉस का कारण : डॉ. भोला
Tue, 04 Mar 2025 01:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 04 Mar 2025 01:14 AM IST
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03जेएनडी02-नागरिक अस्पताल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी एमएस डॉ. राज
जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में सोमवार को विश्व श्रवण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कार्यवाहक सीएमओ डॉ. पालेराम कटारिया की अध्यक्षता में किया गया। जबकि डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद ने आमजन को विश्व श्रवण दिवस के बारे में जानकारी दी।
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि कई बार जब तक हमें पता चलता है कि वाकई सुनने में कोई दिक्कत हो रही है तब तक कान के 30 प्रतिशत हियर सेल्स नष्ट हो चुके होते हैं। इसलिए शरीर के सभी अंगों की तरह अपने कानों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कान में किसी भी तरह की समस्या हियरिंग लॉस का कारण बन सकती है। कान से वैक्स का बहना, सर्दी, जुकाम रहना और कान में दर्द होना, कान लाल होना, कान में अत्यधिक मात्रा में वैक्स बनना, वैक्स साफ नहीं होने के कारण इंफेक्शन होना या पस पड़ना, पस का बाहर निकलना, बुखार होना, कानों में सीटी जैसी आवाजें सुनाई देना इसके मुख्य कारण हैं। इन सभी बातों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बहरेपन से बचाव के लिए शोर से बचें और आवाज कम रखें। संगीत समारोह और अन्य कार्यक्रमों में ईयर प्लग का उपयोग करें। डॉ. अरविंद और ईएनटी डॉ. बृजेंद्र घणघस ने कहा कि अगर आपको सुनाई देना कम हो गया हो या कान में इंफेक्शन हो तो तुरंत ईएनटी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। तेज आवाज में लगातार इयरफोन से संगीत नहीं सुनना चाहिए। घर पर कानों की सफाई की कोशिश नहीं करें और यह काम विशेषज्ञ से ही कराएं। इस मौके पर फिजिशियन डॉ. विनीता, इंद्रो, सुनीता दूहन, सुनील सैनी, संजू, सुनील और मनजीत भी मौजूद रहे।
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डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि कई बार जब तक हमें पता चलता है कि वाकई सुनने में कोई दिक्कत हो रही है तब तक कान के 30 प्रतिशत हियर सेल्स नष्ट हो चुके होते हैं। इसलिए शरीर के सभी अंगों की तरह अपने कानों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कान में किसी भी तरह की समस्या हियरिंग लॉस का कारण बन सकती है। कान से वैक्स का बहना, सर्दी, जुकाम रहना और कान में दर्द होना, कान लाल होना, कान में अत्यधिक मात्रा में वैक्स बनना, वैक्स साफ नहीं होने के कारण इंफेक्शन होना या पस पड़ना, पस का बाहर निकलना, बुखार होना, कानों में सीटी जैसी आवाजें सुनाई देना इसके मुख्य कारण हैं। इन सभी बातों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बहरेपन से बचाव के लिए शोर से बचें और आवाज कम रखें। संगीत समारोह और अन्य कार्यक्रमों में ईयर प्लग का उपयोग करें। डॉ. अरविंद और ईएनटी डॉ. बृजेंद्र घणघस ने कहा कि अगर आपको सुनाई देना कम हो गया हो या कान में इंफेक्शन हो तो तुरंत ईएनटी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। तेज आवाज में लगातार इयरफोन से संगीत नहीं सुनना चाहिए। घर पर कानों की सफाई की कोशिश नहीं करें और यह काम विशेषज्ञ से ही कराएं। इस मौके पर फिजिशियन डॉ. विनीता, इंद्रो, सुनीता दूहन, सुनील सैनी, संजू, सुनील और मनजीत भी मौजूद रहे।

03जेएनडी02-नागरिक अस्पताल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी एमएस डॉ. राज
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