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Jind News: नशे की रोकथाम के लिए चमेला कॉलोनी में ड्रोन से सर्वे
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25जेएनडी47-ड्रोन से सर्वे के लिए टीम को निर्देश देते डीएसपी कमलदीप राणा। संवाद
- फोटो : जीजीआईसी मोड़ पर बाइक से काॅपी का बंडल संकलन केंद्र ले जाते शिक्षक।
रवाना। चमेला कॉलोनी में बुधवार सुबह ड्रोन के जरिए पुलिस ने विशेष सर्वे किया। नोएडा से प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ऑनर प्रशांत शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की।
टीम ने सयनाह (बाज) नामक बड़े ड्रोन को उड़ाकर सवा घंटे तक क्षेत्र की गलियों और मकानों की वीडियो रिकॉर्डिंग की। यह ड्रोन आमतौर पर सेना में इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर आधारित है और 100 से 300 मीटर की ऊंचाई से भी स्पष्ट फुटेज लेने में सक्षम है।
सर्वे के दौरान प्रशासन से डीएसपी कमलदीप राणा, शहर थाना प्रभारी आत्मा राम और सीआईए इंचार्ज सुखदेव सिंह मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नशेड़ी तत्वों ने अपना अड्डा बना रखा है और नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती है। बाहरी क्षेत्रों से भी लोग यहां नशा लेने और सप्लाई करने पहुंचते हैं।
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पुलिस की ओर से समय-समय पर कॉलोनी में रेड की कार्रवाई की गई है। कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बावजूद इसके नशे का नेटवर्क पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार कॉलोनी के 27 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं जिन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। डीएसपी कमलदीप ने कहा कि चमेला कॉलोनी में लंबे समय से नशे के कारोबार की शिकायतें मिल रही हैं।
डीएसपी कमलदीप राणा ने बताया कि हिसार रोड पर खसरा नंबर 347 व 348, खेवट नंबर 1335, जमाबंदी वर्ष 2023-24 में दर्ज भूमि पर यह कॉलोनी बसी हुई है। आरोप है कि यहां कई लोगों ने बिना वैध रजिस्ट्री और रिकॉर्ड के बड़े-बड़े मकान खड़े कर लिए हैं। ऐसे में निर्माण की वैधता और जमीन के स्वामित्व को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
27 संदिग्ध व्यक्तियों की सूची तैयार कर डीसी जींद और डीटीपी जींद को सौंपी जा चुकी है। इस संबंध में डीटीपी कार्यालय को दो बार पत्र भी भेजे गए हैं। उनका कहना है कि यदि अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई होती है तो कॉलोनी में नशे के कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस हरसंभव कदम उठा रही है। जिन क्षेत्रों में नशे की गतिविधियां अधिक हैं वहां ड्रोन सर्वे आगे भी जारी रहेगा। -कुलदीप सिंह, एसपी, जींद
चमेला कॉलोनी काफी पुरानी बस्ती है। विभाग की कार्रवाई रेवेन्यू रिकॉर्ड के आधार पर ही की जाती है। जिन लोगों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज हैं उन्हें नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2008, 2015, 2019 और 2020 में भी नोटिस भेजे जा चुके हैं। हालांकि पुलिस की ओर से भेजी गई 27 लोगों की सूची में शामिल कई नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में नोटिस किस आधार पर और किसे भेजा है यह स्पष्ट नहीं है। अब दोबारा रिकॉर्ड मंगवाया गया है। संबंधित व्यक्तियों के नाम भूमि रिकॉर्ड में पाए जाने पर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। –मनीष दहिया, डीटीपी जींद।
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टीम ने सयनाह (बाज) नामक बड़े ड्रोन को उड़ाकर सवा घंटे तक क्षेत्र की गलियों और मकानों की वीडियो रिकॉर्डिंग की। यह ड्रोन आमतौर पर सेना में इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर आधारित है और 100 से 300 मीटर की ऊंचाई से भी स्पष्ट फुटेज लेने में सक्षम है।
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सर्वे के दौरान प्रशासन से डीएसपी कमलदीप राणा, शहर थाना प्रभारी आत्मा राम और सीआईए इंचार्ज सुखदेव सिंह मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नशेड़ी तत्वों ने अपना अड्डा बना रखा है और नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती है। बाहरी क्षेत्रों से भी लोग यहां नशा लेने और सप्लाई करने पहुंचते हैं।
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पुलिस की ओर से समय-समय पर कॉलोनी में रेड की कार्रवाई की गई है। कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बावजूद इसके नशे का नेटवर्क पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार कॉलोनी के 27 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं जिन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। डीएसपी कमलदीप ने कहा कि चमेला कॉलोनी में लंबे समय से नशे के कारोबार की शिकायतें मिल रही हैं।
डीएसपी कमलदीप राणा ने बताया कि हिसार रोड पर खसरा नंबर 347 व 348, खेवट नंबर 1335, जमाबंदी वर्ष 2023-24 में दर्ज भूमि पर यह कॉलोनी बसी हुई है। आरोप है कि यहां कई लोगों ने बिना वैध रजिस्ट्री और रिकॉर्ड के बड़े-बड़े मकान खड़े कर लिए हैं। ऐसे में निर्माण की वैधता और जमीन के स्वामित्व को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
27 संदिग्ध व्यक्तियों की सूची तैयार कर डीसी जींद और डीटीपी जींद को सौंपी जा चुकी है। इस संबंध में डीटीपी कार्यालय को दो बार पत्र भी भेजे गए हैं। उनका कहना है कि यदि अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई होती है तो कॉलोनी में नशे के कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस हरसंभव कदम उठा रही है। जिन क्षेत्रों में नशे की गतिविधियां अधिक हैं वहां ड्रोन सर्वे आगे भी जारी रहेगा। -कुलदीप सिंह, एसपी, जींद
चमेला कॉलोनी काफी पुरानी बस्ती है। विभाग की कार्रवाई रेवेन्यू रिकॉर्ड के आधार पर ही की जाती है। जिन लोगों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज हैं उन्हें नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2008, 2015, 2019 और 2020 में भी नोटिस भेजे जा चुके हैं। हालांकि पुलिस की ओर से भेजी गई 27 लोगों की सूची में शामिल कई नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में नोटिस किस आधार पर और किसे भेजा है यह स्पष्ट नहीं है। अब दोबारा रिकॉर्ड मंगवाया गया है। संबंधित व्यक्तियों के नाम भूमि रिकॉर्ड में पाए जाने पर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। –मनीष दहिया, डीटीपी जींद।