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Jind News: बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठिठुरन, तीन डिग्री गिरा अधिकतम पारा
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जींद। दो दिन धूप खिलने के बाद शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए। दोपहर बाद अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई, जबकि करीब आधा घंटा तक लगातार जारी रही। बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान भी तीन अंक गिर गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी कमी आई। शनिवार को पूरा दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुई। पूर्व और दक्षिणी हवा के चलते पूरा दिन कंपकंपी छूटती रही।
कड़ाके की ठंड और बूंदाबांदी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। मौसम को देखते हुए लोगों ने जल्दी से कामकाज निपटाए और घरों में दुबक गए। बूंदाबांदी को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान नौ डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 90 प्रतिशत और हवा कि गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। पूरा दिन आकाश में बादल छाए रहे और रविवार को भी बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। बूंदाबांदी हुई तो तापमान में और गिरावट आएगी। ठंड से राहत मिलने के फिलहाल आसार नही हैं।
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दिनभर छाए रहे बादल, शाम को बारिश से बढ़ाई ठंड
शनिवार को दिन का आगाज कड़ाके की ठंड और धुंध के साथ हुआ। दिन चढ़ने के साथ आकाश में बादल छा गए। चली ठंडी पूर्वाई ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया। शाम को बादल गहरे हो गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई जो आधा घंटा तक जारी रही। सप्ताहभर पहले भी जिले में बूंदाबांदी हुई थी। उनका भी रबी की फसलों को काफी फायदा हुआ था। अब फिर बूंदाबांदी होने से गेहूं, जौ, सरसों की फसल को फायदा पहुंचेगा। रबी की फसल की बिजाई के बाद यह दूसरी बार बूंदाबांदी हुई है। बूंदाबांदी ने काफी हद तक किसानों को राहत पहुंचाई है। इससे फसलों को अच्छी ग्रोथ मिलने के साथ उनमें फुटाव अच्छा होगा।
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रातभर पड़ी गहरी धुंध, दृश्यता रही शून्य
शुकवार देर शाम से ही धुंध पड़नी शुरू हो गई थी। धीरे-धीरे धुंध में बढ़ोतरी होती गई। करीब आठ बजे के बाद तो दृश्यता शून्य हो गई। सड़कें और हाईवे सुनसान हो गए। घने कोहरे के चलते वाहनों को सडक़ किनारे और ढाबों पर खड़ा कर दिया। रात को ऐसे वाहनों की लंबी लाइन देखने को मिली। शनिवार सुबह तक यही हालात बने रहे। दिन चढ़ने पर कुछ राहत मिली।
वर्जन
बूदांबादी फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। रविवार को भी बारिश के आसार बने हुए हैं। तापमान में गिरावट आएगी। फिलहाल ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है।
-डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा जींद
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कड़ाके की ठंड और बूंदाबांदी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। मौसम को देखते हुए लोगों ने जल्दी से कामकाज निपटाए और घरों में दुबक गए। बूंदाबांदी को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान नौ डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 90 प्रतिशत और हवा कि गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। पूरा दिन आकाश में बादल छाए रहे और रविवार को भी बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। बूंदाबांदी हुई तो तापमान में और गिरावट आएगी। ठंड से राहत मिलने के फिलहाल आसार नही हैं।
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दिनभर छाए रहे बादल, शाम को बारिश से बढ़ाई ठंड
शनिवार को दिन का आगाज कड़ाके की ठंड और धुंध के साथ हुआ। दिन चढ़ने के साथ आकाश में बादल छा गए। चली ठंडी पूर्वाई ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया। शाम को बादल गहरे हो गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई जो आधा घंटा तक जारी रही। सप्ताहभर पहले भी जिले में बूंदाबांदी हुई थी। उनका भी रबी की फसलों को काफी फायदा हुआ था। अब फिर बूंदाबांदी होने से गेहूं, जौ, सरसों की फसल को फायदा पहुंचेगा। रबी की फसल की बिजाई के बाद यह दूसरी बार बूंदाबांदी हुई है। बूंदाबांदी ने काफी हद तक किसानों को राहत पहुंचाई है। इससे फसलों को अच्छी ग्रोथ मिलने के साथ उनमें फुटाव अच्छा होगा।
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रातभर पड़ी गहरी धुंध, दृश्यता रही शून्य
शुकवार देर शाम से ही धुंध पड़नी शुरू हो गई थी। धीरे-धीरे धुंध में बढ़ोतरी होती गई। करीब आठ बजे के बाद तो दृश्यता शून्य हो गई। सड़कें और हाईवे सुनसान हो गए। घने कोहरे के चलते वाहनों को सडक़ किनारे और ढाबों पर खड़ा कर दिया। रात को ऐसे वाहनों की लंबी लाइन देखने को मिली। शनिवार सुबह तक यही हालात बने रहे। दिन चढ़ने पर कुछ राहत मिली।
वर्जन
बूदांबादी फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। रविवार को भी बारिश के आसार बने हुए हैं। तापमान में गिरावट आएगी। फिलहाल ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है।
-डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा जींद

केले के रेशे से उत्पाद तैयार करतीं खुशबू प्रेरणा समूह की महिलाएं। स्रोत समूह- फोटो : जिला जेल चौराहे पर कालिंद्री एक्सप्रेस के इंजन से सांड टकराने के बाद लगे जाम के पास खड़े अन्ना गोवंश।