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Jind News: घर में महकी प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनीं डॉ. सीमा

Mon, 29 Dec 2025 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 12:04 AM IST
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Dr. Seema, who brought the fragrance of nature into her home, has become an example of environmental conservation.
28जेएनडी33: डॉ. सीमा मलिक। संवाद
सुशील टुर्ण
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जींद। बदलती जीवनशैली और कंक्रीट के जंगल में हरियाली कम होती जा रही है। ऐसे समय में अध्यापिका डॉ. सीमा मलिक ने अपने घर को एक सुंदर और उपयोगी बगिया में बदलकर पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की है।
डॉ. सीमा मलिक ने अपने घर में करीब 60 प्रकार के फूलों और औषधीय पौधों को लगाकर न सिर्फ हरियाली बढ़ाई है बल्कि इनके चिकित्सीय गुणों का भी प्रयोग कर रही हैं। डॉ. सीमा मलिक बताती हैं कि उन्हें बगिया लगाने की प्रेरणा बचपन में पिता से मिली। उनके पिता तहसीलदार थे और खेती करते थे। खेती के साथ-साथ पिता बगिया भी संवार रहे थे।
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रंग-बिरंगे फूल, फलदार और औषधीय पौधों की देखभाल करते देख उनके मन में भी प्रकृति के प्रति प्रेम जागा। यही कारण है कि आज वे अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद प्रतिदिन खुद पौधों की देखभाल करती हैं। सुबह और शाम का समय वह पौधों को पानी देने, निराई-गुड़ाई करने और उनकी जरूरतों को समझने में लगाती हैं।
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उनकी बगिया में गुलाब, कड़ी पत्ता, इलायची, पत्थर चड्ढा, लौंग का पौधा, अशोका, पंचा, शुगर प्लांट, तीन तरह के गेंदे और लैमन ग्रॉस जैसे कई उपयोगी पौधे लगे हुए हैं। डॉ. सीमा मलिक बताती हैं कि यह पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी हैं।
लैमन ग्रॉस से तैयार चाय तनाव कम करने में सहायक है। वहीं, कड़ी पत्ता पाचन और बालों के लिए उपयोगी है। अशोका और पत्थर चड्ढा जैसे पौधों का उपयोग वे आयुर्वेदिक जानकारी के आधार पर चिकित्सीय रूप में भी करती हैं।
दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनी डॉ. सीमा
डॉ. सीमा मलिक की यह पहल अब दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन चुकी है। उनसे प्रेरित होकर उनकी 15 से अधिक महिला मित्रों ने भी अपने-अपने घरों में बगिया लगानी शुरू कर दी है। वे समय-समय पर एक-दूसरे से पौधों की देखभाल, जैविक खाद बनाने और औषधीय उपयोगों को लेकर अनुभव साझा करती हैं। इससे न केवल महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ी है बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी मजबूत हुई है।

चहारदीवारी के भीतर भी प्रकृति को संजोया जा सकता है
डॉ. सीमा मलिक का मानना है कि अगर हर व्यक्ति अपने घर में थोड़ी-सी जगह पर भी पौधे लगाए तो पर्यावरण को काफी हद तक सुरक्षित किया जा सकता है। साथ ही घर में उगी ताजी औषधीय जड़ी-बूटियां और फूल मानसिक सुकून भी देते हैं। उनका यह प्रयास बताता है कि इच्छाशक्ति और लगन हो तो घर की चहारदीवारी के भीतर भी प्रकृति को संजोया जा सकता है।
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