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Jind News: स्कूलों में कक्षा एक से 8वीं तक की पुस्तकों का वितरण शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा एक से आठवीं तक की पाठ्यपुस्तकों का वितरण शुरू हो गया है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग ने कहा कि स्कूलों में किताबों का वितरण मार्च के दूसरे सप्ताह से शुरू हो चुका है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है।
मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों निर्देश दिए गए हैं कि वे किताबों की प्राप्ति के लिए एक विशेष अधिकारी को नामित करें। शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया गया है कि नामित अधिकारी सप्ताह के सभी दिनों (राजकीय अवकाश सहित) शाम सात बजे तक स्कूल परिसर में उपस्थित रहेगा।
इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी परिस्थिति में किताबों की डिलीवरी मिस न हो और ट्रांसपोर्टर को वापस न लौटना पड़े। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण स्कूल में किताबों की डिलीवरी नहीं हो पाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन और संबंधित जिला अधिकारियों की होगी।
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डिलीवरी के समय अधिकृत प्राप्तकर्ता को चालान पर हस्ताक्षर, मोहर और तारीख अंकित करना अनिवार्य होगा। वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रिंटिंग फर्म्स (अरिहंत ऑफसेट और नोवा पब्लिकेशन) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलों में सप्लाई भेजने से पहले अपना पूरा शेड्यूल स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के साथ साझा करें।
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जींद। सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा एक से आठवीं तक की पाठ्यपुस्तकों का वितरण शुरू हो गया है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग ने कहा कि स्कूलों में किताबों का वितरण मार्च के दूसरे सप्ताह से शुरू हो चुका है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है।
मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों निर्देश दिए गए हैं कि वे किताबों की प्राप्ति के लिए एक विशेष अधिकारी को नामित करें। शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया गया है कि नामित अधिकारी सप्ताह के सभी दिनों (राजकीय अवकाश सहित) शाम सात बजे तक स्कूल परिसर में उपस्थित रहेगा।
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इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी परिस्थिति में किताबों की डिलीवरी मिस न हो और ट्रांसपोर्टर को वापस न लौटना पड़े। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण स्कूल में किताबों की डिलीवरी नहीं हो पाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन और संबंधित जिला अधिकारियों की होगी।
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डिलीवरी के समय अधिकृत प्राप्तकर्ता को चालान पर हस्ताक्षर, मोहर और तारीख अंकित करना अनिवार्य होगा। वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रिंटिंग फर्म्स (अरिहंत ऑफसेट और नोवा पब्लिकेशन) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलों में सप्लाई भेजने से पहले अपना पूरा शेड्यूल स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के साथ साझा करें।