{"_id":"69f0fd3c6fe90479220d210e","slug":"dispute-over-municipal-councils-budget-expenditure-deepens-councilor-demands-four-years-accounts-jind-news-c-199-1-sroh1006-152484-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: नगर परिषद के बजट खर्च पर विवाद गहराया, पार्षद ने मांगा चार साल का हिसाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: नगर परिषद के बजट खर्च पर विवाद गहराया, पार्षद ने मांगा चार साल का हिसाब
विज्ञापन
28जेएनडी16-नगर परिषद से चार साल का हिसाब मांगते हुए पार्षद आशुतोष शर्मा। संवाद
नरवाना। नगर परिषद के चार वर्षों के बजट खर्च को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। वार्ड-3 के पार्षद आशुतोष शर्मा ने प्रधान और नगर परिषद प्रशासन से बजट का सार्वजनिक हिसाब मांगा है।
उन्होंने कहा, करोड़ों रुपये के बजट पारित होने के बावजूद शहर में विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे। पार्षद शर्मा का आरोप है कि हर साल हाउस मीटिंग में बजट को महज औपचारिकता के तौर पर पास कर दिया जाता है जबकि बीते वर्ष के खर्च पर कोई चर्चा नहीं होती।
उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी पार्षद प्रदीप मोर लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं लेकिन उनकी आवाज को नजरअंदाज किया जाता है। विरोध करने पर उन्हें विपक्षी करार देकर किनारे कर दिया जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बैठकों में सिर्फ औपचारिकताएं पूरी होती हैं और बजट बिना चर्चा के पास कर दिया जाता है। जबकि शहर की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। सड़कों पर गड्ढे, बदहाल सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
पार्षद के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 26.40 करोड़ रुपये, 2024-25 में लगभग 28.20 करोड़ रुपये और 2025-26 में 29 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास किया गया था। इन बजटों में सफाई, सड़कों की मरम्मत, नई सड़कें, स्ट्रीट लाइट और कर्मचारियों के वेतन जैसे कार्य शामिल थे लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट काटकर उनकी आईडी तैयार की जा रही
पार्षद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिषद में कुछ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने में लगे हैं। अवैध कॉलोनियों में प्लॉट काटकर उनकी आईडी तैयार की जा रही है जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे
आशुतोष शर्मा का कहना है कि पूरे मामले का डाटा जुटा रहे हैं और जल्द ही इसका खुलासा करेंगे। 30 अप्रैल को प्रस्तावित बजट बैठक से पहले प्रधान को सभी पार्षदों और पत्रकारों के सामने पिछले बजट का पूरा हिसाब देना चाहिए अन्यथा वे जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वह पार्षद खुद हाऊस के सदस्य हैं और झूठे आरोप लगा रहे हैं। आरटीआई लगाओ जिसको आपत्ति हो जो दर्ज करो। सरकारी रिकार्ड के अनुसार कार्रवाई होगी। काम करने का सरकारी जमीन पर नियमों के अनुसार सभी को अधिकार है। आशुतोष के वार्ड में सबसे ज्यादा कार्य हुए हैं। एक बात सुनने में यह आई है कि कुमारी सैलजा की ग्रांट कहां खाए गए। जो ग्रांट देनी थी वह नहीं आई। इसका यह पार्षद नुमाइंदा बनता है। –मुकेश मिर्धा, चेयरपर्सन, नगर परिषद नरवाना
विज्ञापन
उन्होंने कहा, करोड़ों रुपये के बजट पारित होने के बावजूद शहर में विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे। पार्षद शर्मा का आरोप है कि हर साल हाउस मीटिंग में बजट को महज औपचारिकता के तौर पर पास कर दिया जाता है जबकि बीते वर्ष के खर्च पर कोई चर्चा नहीं होती।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी पार्षद प्रदीप मोर लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं लेकिन उनकी आवाज को नजरअंदाज किया जाता है। विरोध करने पर उन्हें विपक्षी करार देकर किनारे कर दिया जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बैठकों में सिर्फ औपचारिकताएं पूरी होती हैं और बजट बिना चर्चा के पास कर दिया जाता है। जबकि शहर की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। सड़कों पर गड्ढे, बदहाल सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
पार्षद के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 26.40 करोड़ रुपये, 2024-25 में लगभग 28.20 करोड़ रुपये और 2025-26 में 29 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास किया गया था। इन बजटों में सफाई, सड़कों की मरम्मत, नई सड़कें, स्ट्रीट लाइट और कर्मचारियों के वेतन जैसे कार्य शामिल थे लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट काटकर उनकी आईडी तैयार की जा रही
पार्षद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिषद में कुछ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने में लगे हैं। अवैध कॉलोनियों में प्लॉट काटकर उनकी आईडी तैयार की जा रही है जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे
आशुतोष शर्मा का कहना है कि पूरे मामले का डाटा जुटा रहे हैं और जल्द ही इसका खुलासा करेंगे। 30 अप्रैल को प्रस्तावित बजट बैठक से पहले प्रधान को सभी पार्षदों और पत्रकारों के सामने पिछले बजट का पूरा हिसाब देना चाहिए अन्यथा वे जनता के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे।
वह पार्षद खुद हाऊस के सदस्य हैं और झूठे आरोप लगा रहे हैं। आरटीआई लगाओ जिसको आपत्ति हो जो दर्ज करो। सरकारी रिकार्ड के अनुसार कार्रवाई होगी। काम करने का सरकारी जमीन पर नियमों के अनुसार सभी को अधिकार है। आशुतोष के वार्ड में सबसे ज्यादा कार्य हुए हैं। एक बात सुनने में यह आई है कि कुमारी सैलजा की ग्रांट कहां खाए गए। जो ग्रांट देनी थी वह नहीं आई। इसका यह पार्षद नुमाइंदा बनता है। –मुकेश मिर्धा, चेयरपर्सन, नगर परिषद नरवाना