{"_id":"69c826549d2659d7430e551b","slug":"diesel-and-petrol-consumption-has-risen-from-700000-to-14-million-jind-news-c-199-1-sroh1006-150714-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: सात लाख से 14 लाख पहुंची डीजल-पेट्रोल की खपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: सात लाख से 14 लाख पहुंची डीजल-पेट्रोल की खपत
विज्ञापन
28जेएनडी24-शहर के एक पेट्रोल पंप पर तेल लेने पहुंचे वाहन चालक। संवाद
जींद। जिले में डीजल और पेट्रोल की खपत दोगुनी हो गई है। पहले रोजाना सात लाख लीटर खपत होती थी वह खपत 14 लाख लीटर तक पहुंच गई है। पानीपत रिफाइनरी से रोजाना लगभग 500 टैंकर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए आते थे लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब दो हजार टैंकर तक पहुंच गई है।
इससे साफ है कि ईंधन की मांग में ज्यादा वृद्धि हुई है। लोगों में यही अफवाह है कि डीजल-पेट्रोल की भी गैस सिलिंडर की तरह किल्लत न हो जाए। इसको लेकर लोग ज्यादा मात्रा में डीजल-पेट्रोल लेने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं। इसको लेकर पंप संचालकों ने भी शर्तें लागू कर दी हैं।
खुले में पेट्रोल दस लीटर से ज्यादा देना बंद कर दिया है। वहीं कार या अन्य वाहनों में पेट्रोल डलवाने में कोई पाबंदी नहीं है जबकि बोतल या कैन में पेट्रोल ले जाने पर मनाही है। डीजल भी तीन ड्रम ही ले जा सकते हैं। इन नियमों का उद्देश्य ईंधन की कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण को रोकना है।
विज्ञापन
लोग भविष्य में कीमत बढ़ने की आशंका के चलते अधिक मात्रा में ईंधन खरीद रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में ईंधन आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वर्जन
जिले में डीजल-पेट्रोल की खपत दोगुनी हो गई है। पहले जहां रोजाना सात लाख लीटर खपत होती थी। वहीं यह आंकड़ा 14 लाख से ऊपर चला गया है। पानीपत रिफाइनरी से रोजाना तेल के 500 टैंकर आते थे लेकिन अब दो हजार टैंकर मंगवाए जा रहे हैं। जिले में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है।
-राकेश बंसल, महसचिव, जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन
विज्ञापन
इससे साफ है कि ईंधन की मांग में ज्यादा वृद्धि हुई है। लोगों में यही अफवाह है कि डीजल-पेट्रोल की भी गैस सिलिंडर की तरह किल्लत न हो जाए। इसको लेकर लोग ज्यादा मात्रा में डीजल-पेट्रोल लेने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं। इसको लेकर पंप संचालकों ने भी शर्तें लागू कर दी हैं।
विज्ञापन
खुले में पेट्रोल दस लीटर से ज्यादा देना बंद कर दिया है। वहीं कार या अन्य वाहनों में पेट्रोल डलवाने में कोई पाबंदी नहीं है जबकि बोतल या कैन में पेट्रोल ले जाने पर मनाही है। डीजल भी तीन ड्रम ही ले जा सकते हैं। इन नियमों का उद्देश्य ईंधन की कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण को रोकना है।
विज्ञापन
लोग भविष्य में कीमत बढ़ने की आशंका के चलते अधिक मात्रा में ईंधन खरीद रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में ईंधन आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वर्जन
जिले में डीजल-पेट्रोल की खपत दोगुनी हो गई है। पहले जहां रोजाना सात लाख लीटर खपत होती थी। वहीं यह आंकड़ा 14 लाख से ऊपर चला गया है। पानीपत रिफाइनरी से रोजाना तेल के 500 टैंकर आते थे लेकिन अब दो हजार टैंकर मंगवाए जा रहे हैं। जिले में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है।
-राकेश बंसल, महसचिव, जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन