{"_id":"6abbffcd7cd0536ebd0d1863","slug":"didnt-have-the-money-to-buy-a-rifle-now-a-daughter-of-jind-has-won-gold-for-the-country-jind-news-c-199-1-sroh1009-161190-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: राइफल खरीदने के नहीं थे पैसे, अब जींद की बेटी ने देश के लिए जीता स्वर्ण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: राइफल खरीदने के नहीं थे पैसे, अब जींद की बेटी ने देश के लिए जीता स्वर्ण
विज्ञापन
29जेएनडी02: नीरू के गोल्ड मेडल जीतने की सूचना मिलने पर परिजन एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मना
जींद। संगतपुरा गांव की बेटी नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स-2026 में ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और जिले का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली नीरू के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा।
कभी नीरू के परिवार के पास शूटिंग की राइफल खरीदने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में शहर के समाजसेवी सोमबीर पहलवान ने राइफल उपलब्ध कराकर उसकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका दिया। इसके बाद नीरू ने लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं।
नीरू ने शुरुआत में करीब चार साल तक कबड्डी खेली लेकिन बाद में उसका मन निशानेबाजी में लग गया। वर्ष 2019 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने शूटिंग को ही अपना कॅरिअर बनाने का फैसला किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने अभ्यास जारी रखा। परिवार और समाजसेवी सोमबीर पहलवान के सहयोग से उसने अपनी प्रतिभा को निखारा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
विज्ञापन
डेंगू के बाद भी नहीं छोड़ा अभ्यास
एशियन गेम्स से पहले नीरू डेंगू की चपेट में आ गई थी। बीमारी से उबरने के बाद शरीर कमजोर होने के बावजूद उसने अभ्यास जारी रखा और प्रतियोगिता में उतरी। नीरू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
बेटी के स्वर्ण की मां ने मांगी थी मन्नत
नीरू की मां सुदेश ने बताया कि उन्हें बेटी की सफलता का भरोसा था। प्रतियोगिता के लिए घर से रवाना होने के समय उन्होंने माता रानी का भोग लगाने की मन्नत मांगी थी। अब बेटी के स्वर्ण पदक जीतकर लौटने पर वह माता रानी का भोग लगाएंगी और घर पहुंचने पर चूरमा बनाकर बेटी का स्वागत करेंगी। नीरू के स्वर्ण जीतने के समय पिता सुरेश घर पर नहीं थे। वह सरकारी राशन की दुकान पर राशन लेने गए हुए थे। बेटी के स्वर्ण जीतने की खबर मिलते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल बन गया। बधाई देने वालों के फोन आने लगे।
भाई भी कबड्डी खिलाड़ी
नीरू का भाई दीपक भी कबड्डी खिलाड़ी है। दोनों भाई-बहन खेलों से जुड़े हुए हैं। मां सुदेश ने कहा कि नीरू ने परिवार के साथ पूरे संगतपुरा गांव और देश का नाम रोशन किया है। अब परिवार को उसके घर लौटने का इंतजार है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी नीरू ढांडा को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जींद की बेटी ने ट्रैप शूटिंग में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने नीरू की मेहनत, अनुशासन और समर्पण को उसकी सफलता का आधार बताया।
विज्ञापन
कभी नीरू के परिवार के पास शूटिंग की राइफल खरीदने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में शहर के समाजसेवी सोमबीर पहलवान ने राइफल उपलब्ध कराकर उसकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका दिया। इसके बाद नीरू ने लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं।
विज्ञापन
नीरू ने शुरुआत में करीब चार साल तक कबड्डी खेली लेकिन बाद में उसका मन निशानेबाजी में लग गया। वर्ष 2019 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने शूटिंग को ही अपना कॅरिअर बनाने का फैसला किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने अभ्यास जारी रखा। परिवार और समाजसेवी सोमबीर पहलवान के सहयोग से उसने अपनी प्रतिभा को निखारा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
विज्ञापन
डेंगू के बाद भी नहीं छोड़ा अभ्यास
एशियन गेम्स से पहले नीरू डेंगू की चपेट में आ गई थी। बीमारी से उबरने के बाद शरीर कमजोर होने के बावजूद उसने अभ्यास जारी रखा और प्रतियोगिता में उतरी। नीरू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
बेटी के स्वर्ण की मां ने मांगी थी मन्नत
नीरू की मां सुदेश ने बताया कि उन्हें बेटी की सफलता का भरोसा था। प्रतियोगिता के लिए घर से रवाना होने के समय उन्होंने माता रानी का भोग लगाने की मन्नत मांगी थी। अब बेटी के स्वर्ण पदक जीतकर लौटने पर वह माता रानी का भोग लगाएंगी और घर पहुंचने पर चूरमा बनाकर बेटी का स्वागत करेंगी। नीरू के स्वर्ण जीतने के समय पिता सुरेश घर पर नहीं थे। वह सरकारी राशन की दुकान पर राशन लेने गए हुए थे। बेटी के स्वर्ण जीतने की खबर मिलते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल बन गया। बधाई देने वालों के फोन आने लगे।
भाई भी कबड्डी खिलाड़ी
नीरू का भाई दीपक भी कबड्डी खिलाड़ी है। दोनों भाई-बहन खेलों से जुड़े हुए हैं। मां सुदेश ने कहा कि नीरू ने परिवार के साथ पूरे संगतपुरा गांव और देश का नाम रोशन किया है। अब परिवार को उसके घर लौटने का इंतजार है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी नीरू ढांडा को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जींद की बेटी ने ट्रैप शूटिंग में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने नीरू की मेहनत, अनुशासन और समर्पण को उसकी सफलता का आधार बताया।

29जेएनडी02: नीरू के गोल्ड मेडल जीतने की सूचना मिलने पर परिजन एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मना

29जेएनडी02: नीरू के गोल्ड मेडल जीतने की सूचना मिलने पर परिजन एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मना