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Jind News: धनखड़ी की बेटी सोनिया जर्मनी वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स में लेंगी हिस्सा
Sun, 20 Jul 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:42 PM IST
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20जेएनडी26-धनखड़ी की खिलाड़ी सोनिया। स्रोत परिजन
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उचाना। जर्मनी में 21 से 27 जुलाई तक आयोजित होने वाले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेल में बांगर की बेटी धनखड़ी गांव की सोनिया 200 मीटर रेस, रिले रेस में जीत के लिए दौड़ लगाएंगी। पीयू (पंजाब यूनिवर्सिटी) की ओर से वह जर्मनी में भारत प्रतिनिधित्व करेंगी। एथलेटिक्स में सोनिया ने प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अलग पहचान बनाई है।
सुरेंद्र सिंह पीटीआई की अगुवाई में धनखड़ी गांव के राजकीय स्कूल के खेल मैदान में पिछले 10 साल से निरंतर तैयारी कर रही है। सोनिया के पिता दलेल राज मिस्त्री हैं तो मां शीला सिलाई का कार्य करती हैं। सोनिया भी समय-समय पर मां का सिलाई के कार्य में हाथ बटांती हैं। जरूरतमंद परिवार में जन्मी सोनिया निरंतर अपनी मेहनत के बूते पर एथलेटिक्स के खेलों में जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बना रही है।
कोच सुरेंद्र सिंह पीटीआई ने बताया कि सोनिया पहले इंटर कॉलेज, नार्थ जोन में एथलेटिक्स में सोनिया विजेता रही। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में विजेता बनने के बाद हुई ट्रायल में भी वह प्रथम रही। हर चार साल में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेल होते हैं। इन खेलों में पहुंचना बहुत बड़ी बात है। सोनिया आज दूसरी बेटियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रही है।
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बेटी ने साबित किया है कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है। निरंतर मेहनत करके हर मुकाम को पाया जा सकता है। वह बीते 15 साल से बेटियों को एथलेटिक्स और खो-खो की कोचिंग दे रहे हैं।
सोनिया ने बताया कि वह पीयू में पीजीडीसीए में प्रथम वर्ष की छात्रा है। गांव के राजकीय स्कूल धनखड़ी के बाद नरवाना के एसडी कॉलेज से बीए की। लगातार तीन साल सीआरएसयू में बेस्ट एथलेटिक्स रही। पंजाब यूनिवर्सिटी में भी 100 और 200 मीटर में रिकॉर्ड बनाया।
ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में 4 गुना 100 रिले रेस में रिकॉर्ड बनाया। निश्चित रूप से जर्मनी में होने वाली 200 मीटर रेस, रिले रेस में जीत दर्ज कर भारत देश का नाम रोशन करेगी। पिता दलेल सिंह और मां शीला ने कहा कि सोनिया की शुरू से ही खेल में रुचि थी।
वह दौड़ लगाती थीं। सुरेंद्र सिंह पीटीआई की ओर से धनखड़ी स्कूल के खेल मैदान में दी जा रही कोचिंग के दौरान सोनिया वहां जाने लगीं। निरंतर दौड़ में आगे रहती। उम्मीद है कि उनकी बेटी जर्मनी में जीत कर देश का नाम रोशन करेंगी। बेटी आज माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं।
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सुरेंद्र सिंह पीटीआई की अगुवाई में धनखड़ी गांव के राजकीय स्कूल के खेल मैदान में पिछले 10 साल से निरंतर तैयारी कर रही है। सोनिया के पिता दलेल राज मिस्त्री हैं तो मां शीला सिलाई का कार्य करती हैं। सोनिया भी समय-समय पर मां का सिलाई के कार्य में हाथ बटांती हैं। जरूरतमंद परिवार में जन्मी सोनिया निरंतर अपनी मेहनत के बूते पर एथलेटिक्स के खेलों में जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बना रही है।
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कोच सुरेंद्र सिंह पीटीआई ने बताया कि सोनिया पहले इंटर कॉलेज, नार्थ जोन में एथलेटिक्स में सोनिया विजेता रही। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में विजेता बनने के बाद हुई ट्रायल में भी वह प्रथम रही। हर चार साल में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेल होते हैं। इन खेलों में पहुंचना बहुत बड़ी बात है। सोनिया आज दूसरी बेटियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रही है।
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बेटी ने साबित किया है कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है। निरंतर मेहनत करके हर मुकाम को पाया जा सकता है। वह बीते 15 साल से बेटियों को एथलेटिक्स और खो-खो की कोचिंग दे रहे हैं।
सोनिया ने बताया कि वह पीयू में पीजीडीसीए में प्रथम वर्ष की छात्रा है। गांव के राजकीय स्कूल धनखड़ी के बाद नरवाना के एसडी कॉलेज से बीए की। लगातार तीन साल सीआरएसयू में बेस्ट एथलेटिक्स रही। पंजाब यूनिवर्सिटी में भी 100 और 200 मीटर में रिकॉर्ड बनाया।
ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में 4 गुना 100 रिले रेस में रिकॉर्ड बनाया। निश्चित रूप से जर्मनी में होने वाली 200 मीटर रेस, रिले रेस में जीत दर्ज कर भारत देश का नाम रोशन करेगी। पिता दलेल सिंह और मां शीला ने कहा कि सोनिया की शुरू से ही खेल में रुचि थी।
वह दौड़ लगाती थीं। सुरेंद्र सिंह पीटीआई की ओर से धनखड़ी स्कूल के खेल मैदान में दी जा रही कोचिंग के दौरान सोनिया वहां जाने लगीं। निरंतर दौड़ में आगे रहती। उम्मीद है कि उनकी बेटी जर्मनी में जीत कर देश का नाम रोशन करेंगी। बेटी आज माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं।