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अग्रोहा टीले को पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करना सराहनीय : राजकुमार
Fri, 08 Mar 2024 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 08 Mar 2024 11:52 PM IST
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जींद। अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा कि सरकार ने अग्रोहा के टीले को पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इस ऐतिहासिक स्थल की खुदाई करने के बाद दुनिया को एक बार फिर पता चल सकेगा कि हमारे देश की प्राचीन संस्कृति कितनी समृद्ध रही है। राजकुमार गोयल समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की है कि महाराजा अग्रसेन की राजधानी रही अग्रोहा के टीले को पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करने के लिए यहां खुदाई का काम शुरू किया जाएगा। पहले चरण में यहां जीपीआर सर्वे का कार्य शुरू होगा। उसके बाद खुदाई शुरू होगी। खुदाई के बाद यहां पर संग्रहालय बनाया जाएगा, जोकि पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक स्थल होगा। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और हरियाणा पुरातत्व विभाग के बीच समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज पिछले कई वर्षो से यह मांग कर रहा था कि हजारों वर्ष पुराने अग्रोहा के टीले को राखीगढ़ी जैसे पुरातत्व स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाए। राखीगढ़ी भारतीय पुरातत्व से जुड़ा एक अहम स्थल है। राखीगढ़ी की खुदाई के दौरान भारत की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी की सभ्यता के परिणाम मिले थे। अग्रोहा की खुदाई के दौरान भी देश की पुरानी संस्कृति की झलक सामने आएगी और दुनिया को एक बार फिर हमारी प्राचीन समृद्ध संस्कृति का पता चलेगा। इस अवसर पर रामधन जैन, सावर गर्ग, पवन बंसल, मनोज गुप्ता, सोनू जैन, सुभाष गर्ग, पवन सिंगला, बजरंग सिंगला, मनीष गर्ग, जय भगवान सिंगला, राजेश गोयल, सुशील सिंगला, गोपाल जिंदल, रजत सिंगला मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की है कि महाराजा अग्रसेन की राजधानी रही अग्रोहा के टीले को पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करने के लिए यहां खुदाई का काम शुरू किया जाएगा। पहले चरण में यहां जीपीआर सर्वे का कार्य शुरू होगा। उसके बाद खुदाई शुरू होगी। खुदाई के बाद यहां पर संग्रहालय बनाया जाएगा, जोकि पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक स्थल होगा। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और हरियाणा पुरातत्व विभाग के बीच समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज पिछले कई वर्षो से यह मांग कर रहा था कि हजारों वर्ष पुराने अग्रोहा के टीले को राखीगढ़ी जैसे पुरातत्व स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाए। राखीगढ़ी भारतीय पुरातत्व से जुड़ा एक अहम स्थल है। राखीगढ़ी की खुदाई के दौरान भारत की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी की सभ्यता के परिणाम मिले थे। अग्रोहा की खुदाई के दौरान भी देश की पुरानी संस्कृति की झलक सामने आएगी और दुनिया को एक बार फिर हमारी प्राचीन समृद्ध संस्कृति का पता चलेगा। इस अवसर पर रामधन जैन, सावर गर्ग, पवन बंसल, मनोज गुप्ता, सोनू जैन, सुभाष गर्ग, पवन सिंगला, बजरंग सिंगला, मनीष गर्ग, जय भगवान सिंगला, राजेश गोयल, सुशील सिंगला, गोपाल जिंदल, रजत सिंगला मौजूद थे।
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