फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Despite health policy, treatment costs not paid, Consumer Grievance Redressal Commission imposed a fine of five lakh rupees

हेल्थ पॉलिसी के बावजूद नहीं दिया इलाज का खर्च, उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने लगाया पांच लाख रुपये का जुर्माना

Tue, 09 Mar 2021 10:52 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 10:52 PM IST
विज्ञापन
Despite health policy, treatment costs not paid, Consumer Grievance Redressal Commission imposed a fine of five lakh rupees
हेल्थ पॉलिसी लेने के बावजूद भी पॉलिसी धारक को इलाज का खर्च नहीं देने पर जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने बीमा कंपनी को पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी। इसे जरूरतमंद लोगों के इलाज पर खर्च करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त आयोग ने कंपनी को इलाज पर खर्च 135876 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने, मानसिक परेशानी की एवज में दस हजार रुपये व कानूनी खर्च के तौर पर पांच हजार रुपये का भी जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन

नरवाना के मॉडल टाउन निवासी घनश्याम दास ने आठ जून 2019 को स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से दस लाख रुपये का मेडिक्लेम बीमा करवाया था। इसके बाद 30 जुलाई को घनश्याम दास को सीने में तकलीफ हुई तो उन्होंने हिसार स्थित जिंदल अस्पताल में इलाज करवाया। दो अगस्त को घनश्याम को यहां से छुट्टी मिल गई। उन्होंने इलाज पर खर्च हुई राशि का क्लेम लेने के लिए आवेदन किया। इस पर कंपनी ने यह कहते हुए राशि देने से मना कर दिया कि उन्हें पहले से ही यह बीमारी थी। इसके बाद 17 मार्च 2020 को घनश्याम दास ने जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग की शरण ली। मामले को लेकर आयोग ने 12 बार सुनवाई के लिए तारीख तय की, लेकिन एक बार भी कंपनी की तरफ से कोई प्रतिनिधि या जवाब नहीं आया। ऐसे में आयोग के चेयरमैन मनजीत सिंह नरयाल, सदस्य जसविंद्र सिंह व सदस्य नीरू अग्रवाल की खंडपीठ ने इस पर फैसला सुनाई करते हुए फैसला सुनाया है।
विज्ञापन

दान नहीं, उपकरण ले सकते हैं
हालांकि अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है, लेकिन ऐसा फैसला जानकारी में आया है। सरकारी अस्पताल में नकदी के रूप में दान नहीं लिया जा सकता। यहां सारा खर्च जरूरतमंद लोगों पर ही होता है। ऐसे में उपकरण या अन्य जरूरत का सामान लिया जाता है। -डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारों के प्रति जागरूक रहें उपभोक्ता
उपभोक्ता के काफी अधिकार हैं। इनके प्रति जागरूकता की जरूरत है। कोई भी सामान खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें। यही वह प्रमाण है जो हमें उपभोक्ता बनाता है। कोई भी पॉलिसी या सेवा के दौरान नियमों को सही प्रकार से पढ़ें व समझें। इससे काफी मदद मिलती है।
विनोद बंसल, एडवोकेट।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed