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शहर में जगह-जगह खड़ा पानी बढ़ा रहा डेंगू का डंक, अब तक आ चुके हैं 39 मामले

Wed, 05 Oct 2022 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2022 11:45 PM IST
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Dengue is increasing standing water everywhere in the city, so far 39 cases have come
जिले में लगातार डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अक्तूबर महीने में ही अब तक 20 मामले आ चुके हैं। डेंगू का डंक बढ़ाने के लिए अक्तूबर महीना ही सबसे ज्यादा खतरनाक है। शहर में जगह-जगह जमा पानी इस डंक को और तेज करने के लिए काफी मदद कर रहा है। इससे डेंगू के मामलों में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। इस तरफ न तो जनस्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और न ही नगर परिषद का ध्यान है। जाट कॉलेज में सामने बारिश का पानी जमा है वहीं, शहर की पॉश कॉलोनी अर्बन इस्टेट में पीने के पानी की पाइपलाइन लीक है। वहीं भिवानी रोड, रोहतक रोड पर भी कई जगह पानी जमा है। इसमें डेंगू का लार्वा पनप रहा है।
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डेंगू के लिए सबसे उपयुक्त समय अक्तूबर महीना ही है। पिछले वर्ष अक्तूबर में 400 डेंगू के मामले आए थे। इन महीनों में मौसम में कुछ ठंड होती है जो मच्छरों के लिए उपयुक्त वातावरण बनाती है। यदि कहीं पानी खड़ा हो तो यह सोने पर सुहागा हो जाता है। पिछले वर्ष 622 मामले सामने आए थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक सावधान हो चुका है लेकिन इसके बावजूद जगह-जगह खड़ा पानी डेंगू के लार्वा को पैदा कर रहा है। यही लार्वा जब मच्छर बनकर लोगों को काटेगा तो फिर डेंगू को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। शहर में सबसे व्यस्त मार्ग रेलवे रोड पर काफी संख्या में पानी दो महीनों से जमा है। यहां जाट कॉलेज के सामने खड़े पानी के कारण लोगों को तो परेशानी हो ही रही है। वहीं इस पानी में डेंगू का लार्वा पनप रहा है। इस पानी पर आज तक न तो स्वास्थ्य विभाग ने कोई केमिकल डाला है और न ही नगर परिषद ने। इस पानी की निकासी की व्यवस्था भी आज तक नगर परिषद द्वारा नहीं की गई है। ऐसा ही हाल अर्बन इस्टेट में है। यहां पर पीने के पानी की लीकेज के कारण पानी जमा रहता है। भिवानी रोड, रोहतक रोड तथा हांसी रोड पर दुकानों के आगे भी पानी जमा रहता है।
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कई बार की शिकायत लेकिन समाधान नहीं
जाट कॉलेज के पास के दुकानदार रणबीर, राधेश्याम व सुखबीर ने कहा कि यहां पर दो महीने पहले जब बरसात आई थी, उसी समय का पानी खड़ा है। इस पानी को निकालने वाला कोई नहीं है। आसपास के काफी दुकानदार बुखार की चपेट में आ चुके हैं। कुछ दुकानदारों को डेंगू भी हो चुका है लेकिन वह सरकारी अस्पतालों की बजाय निजी अस्पतालों में ही इलाज करवा रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद इस पानी का समाधान नहीं हो रहा है।
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जिले में आ चुके हैं डेंगू के 39 मामले
जिले में अब तक डेंगू के 39 मामले सामने आ चुके हैं। अकेले अक्तूबर महीने में ही 20 मामले आ चुके हैं। यदि अब डेंगू की रोकथाम तथा खड़े पानी में केमिकल या मिट्टी का तेल नहीं डाला गया या फिर पानी को नहीं निकाला गया तो इसके परिणाम पिछले वर्ष वाले ही हो सकते हैं। पिछले वर्ष 622 डेंगू के मामले सामने आए थे। अब तक जिले में आठ हजार स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है।
873921 घरों व 997933 पात्रों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब तक पूरे जिले में 873921 घरों की जांच कर चुकी हैं। इनमें से 3583 जगह डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इसके अलावा 997933 ऐसे पात्रों की जांच कर चुकी हैं, जो खाली प्लाटों में जैसे टायर, पुराना कबाड़ व ऐसा बर्तन जिसमें पानी खड़ा हो सके की जांच कर चुकी हैं। इनमें से 4983 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब तक 156959 बुखार पीड़ित लोगों की स्लाइड भी बना चुकी हैं।
656 लोगों को जारी किए जा चुके हैं नोटिस
स्वास्थ्य विभाग अब तक 656 लोगों को डेंगू का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी कर चुका है। यह नोटिस उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिनकी लापरवाही के कारण डेंगू का लारवा पनपा हो। इसमें सफाई व्यवस्था या फिर लोगों द्वारा जान बूझकर गंदगी फैलाई गई हो। यदि इन लोगों को दोबारा नोटिस देने की नौबत आए तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न अस्पतालों में 32 बेड आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मरीजों के लिए 32 बेड आरक्षित किए हैं। इन बेडों पर बाकायदा मच्छरदानी लगाई गई है। इनमें नागरिक अस्पताल जींद में दो वार्ड, जिनमें 14 बेड हैं। नागरिक अस्पताल नरवाना में एक वार्ड में छह बेड, नागरिक अस्पताल सफीदों में छह बेड तथा नागरिक अस्पताल उचाना में भी छह बेड आरक्षित किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग जिस घर में डेंगू का मामला मिलता है, वहां पर फॉगिंग करवाता है। इसके अलावा काफी स्थानों पर लार्वा नष्ट भी किया गया है। कॉलोनियों या अन्य स्थानों पर खड़े पानी में मिट्टी का तेल या अन्य केमिकल डालना नगर परिषद का कार्य है। स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से घरों की जांच कर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक कर रहा है।

-डॉ. विजेंद्र ढांडा, जिला मलेरिया अधिकारी।
शहर की काफी कॉलोनियों में फॉगिंग भी करवाई गई है। जहां पर लोग शिकायत करते हैं, वहां पर पानी में मिट्टी का तेल डाला जा रहा है तथा पानी की निकासी के उचित प्रबंध किए गए हैं। कई जगह पर सीवरेज व्यवस्था खराब होने से समस्या आ रही है। कहीं पानी खड़ा हो तो उसको निकलवाया जाएगा।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद।
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