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Jind News: केंद्रीय गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग, वामपंथी पार्टियों ने दिया धरना
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जींद। वामपंथी पार्टियों के सयुंक्त आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग व चुनाव नियमों में संशोधन करने के कदमों के खिलाफ लघु सचिवालय पर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में कार्यकर्ताओं ने मांगों से संबंधित ज्ञापन नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ को सौंपा। इस दौरान सीपीआईएम, सीपीआई व सीपीआई-माले पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरने की अध्यक्षता सीपीआईएम के संदीप जाजवान, सीपीआई के प्रेम सिंह व सीपीआई-माले के विनोद धड़ौली ने संयुक्त रूप से की।
सीपीआईएम के जिला सचिव कपूर सिंह ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में डॉ. बीआर आंबेडकर पर बेहद अपमानजनक टिप्पणियां की। इसके विरोध में पूरे देश में व्यापक आक्रोश और विरोध प्रदर्शन हुआ है। हालांकि न तो अमित शाह और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदारी लेने व सुधारात्मक कार्रवाई करने को तैयार हैं। इसलिए आज संयुक्त रूप से विरोध दिवस आयोजित किया है। राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस पर गृह मंत्री के रूप में अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कॉ. कपूर सिंह ने एक देश, एक चुनाव लोकतंत्र और संघवाद पर हमला है।
उन्होंने कहा कि वामदल एकमत से एक राष्ट्र, एक चुनाव प्रस्ताव का विरोध करते हैं, जिसे अब संसद में एक संविधान संशोधन विधेयक सहित दो विधेयकों के माध्यम से पेश किया गया है। संविधान में प्रस्तावित संशोधन संघीय ढांचे और राज्य विधानसभाओं और उन्हें चुनने वाले लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला है। यह विधानसभाओं के पांच साल के कार्यकाल को मनमाने ढंग से कम करके केंद्रीकरण और लोगों की इच्छा को कम करने का नुस्खा है।
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वाम दल एक राष्ट्र एक चुनाव योजना के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएंगे। वामदलों ने चुनाव संचालन नियमों में संशोधन को वापस लेने की भी मांग की। इसके तहत सीसीटीवी कैमरा और वीडियो फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के सार्वजनिक निरीक्षण के अधिकार को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ-साथ वामपंथी पार्टियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों से बातचीत करके उनकी मांगों का हल करवाया जाए। इस अवसर पर सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता प्रकाश चंद्र, नूतन प्रकाश, राजेश कुमार, पवन कुमार, कश्मीर सिंह, इंद्र सिंह, मनीष, संदीप दालमवाला, सिल्लू, दीनदयाल, सुभाष पांचाल, सुल्तान जांगड़ा मौजूद रहे।
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सीपीआईएम के जिला सचिव कपूर सिंह ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में डॉ. बीआर आंबेडकर पर बेहद अपमानजनक टिप्पणियां की। इसके विरोध में पूरे देश में व्यापक आक्रोश और विरोध प्रदर्शन हुआ है। हालांकि न तो अमित शाह और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदारी लेने व सुधारात्मक कार्रवाई करने को तैयार हैं। इसलिए आज संयुक्त रूप से विरोध दिवस आयोजित किया है। राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस पर गृह मंत्री के रूप में अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कॉ. कपूर सिंह ने एक देश, एक चुनाव लोकतंत्र और संघवाद पर हमला है।
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उन्होंने कहा कि वामदल एकमत से एक राष्ट्र, एक चुनाव प्रस्ताव का विरोध करते हैं, जिसे अब संसद में एक संविधान संशोधन विधेयक सहित दो विधेयकों के माध्यम से पेश किया गया है। संविधान में प्रस्तावित संशोधन संघीय ढांचे और राज्य विधानसभाओं और उन्हें चुनने वाले लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला है। यह विधानसभाओं के पांच साल के कार्यकाल को मनमाने ढंग से कम करके केंद्रीकरण और लोगों की इच्छा को कम करने का नुस्खा है।
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वाम दल एक राष्ट्र एक चुनाव योजना के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएंगे। वामदलों ने चुनाव संचालन नियमों में संशोधन को वापस लेने की भी मांग की। इसके तहत सीसीटीवी कैमरा और वीडियो फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के सार्वजनिक निरीक्षण के अधिकार को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ-साथ वामपंथी पार्टियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों से बातचीत करके उनकी मांगों का हल करवाया जाए। इस अवसर पर सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता प्रकाश चंद्र, नूतन प्रकाश, राजेश कुमार, पवन कुमार, कश्मीर सिंह, इंद्र सिंह, मनीष, संदीप दालमवाला, सिल्लू, दीनदयाल, सुभाष पांचाल, सुल्तान जांगड़ा मौजूद रहे।