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Jind News: रेलवे फाटक पर छोटे अंडरपास के निर्माण की मांग
Sat, 03 Feb 2024 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 03 Feb 2024 12:02 AM IST
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02जेएनडी03-रेलवे अंडरपास के निर्माण को लेकर डीसी से मिलने पहुंचे व्यापारी और सामाजिक संगठनों के
जींद। देवीलाल चौक पर बंद किए गए रेलवे फाटक पर छोटा अंडरपास बनाने की मांग को लेकर व्यापारियों का शिष्टमंडल शुक्रवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा से मिला। उन्होंने इसे लेकर ज्ञापन सौंपा। इस पर डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही छोटे अंडरपास का निर्माण शुरू करवाया जाएगा।
शुक्रवार को हरियाणा प्रदेश व्यापारमंडल के जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर की अध्यक्षता में व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठन डीसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने से उनको दिक्कत हो रही है। फाटक बंद होने से शहर दो भागों में बंट गया है। रेलवे फाटक के नजदीक श्मशान भूमि और प्राचीन मंदिर भी हैं। वहां जाने के लिए एकमात्र यही रास्ता है। फाटक बंद होने से साइकिल और पैदल आने-जाने वालों का आवागमन भी बंद हो गया है। इससे आसपास के बाजार ठप हो गए हैं। दुकानदार मंदी की मार झेल रहे हैं। काफी युवाओं के रोजगार भी छिन गए हैं। महाबीर कंप्यूटर ने कहा कि जब तक छोटे रेलवे अंडरपास का निर्माण नहीं होता तब तक फाटक खोलकर शहर वासियों को समस्या से निजात दिलाई जाए। इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव सुरेश जिंदल, आईडी गोयल, इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के प्रधान आनंद जैन, बीएस गर्ग, वीपी गर्ग, पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान जयकुमार गोयल, फर्नीचर एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र गोयल, रामफल फौजी, श्याम लाल, विनोद दीक्षित, अनीश दीक्षित, अशोक जैन, नरेश बंसल, नितिन जैन, टायर एसोसिएशन के प्रधान अजमेर रेढू, नरेश बंसल, सतपाल शर्मा, वीरभान, जयभगवान, जयसिंह, पूजन आर्य, राजेश जैन, अश्वनी, बलवन्त, अनिल गर्ग, नवनीत जैन, भजन लाल, श्याम लाल, विनोद मौजूद रहे।
बॉक्स
बंद फाटक के नीचे से गुजरती है शवयात्रा
बनखंडी महादेव मंदिर के लगते श्मशान घाट है। किसी के निधन होने पर वहीं पर अंतिम संस्कार किया जाता है। शहर की तरफ वाली कॉलोनियों के लोग इसी श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार करते हैं। जब किसी घर में कोई मौत हो जाती है तो उन्हें श्मशान घाट तक शव ले जाने की चिंता हो जाती है, क्योंकि रेलवे के बंद फाटक के ऊपर से ही अर्थी निकालनी पड़ती है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। पिछले दिनों एक शव यात्रा यहां बंद फाटक के ऊपर से निकली थी। इसके अलावा पैदल जाने वाले लोगों को भी फाटक के नीचे से ही मजबूरीवश निकलना पड़ता है। इससे कई लोग तो चोटिल भी हो चुके हैं।
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शुक्रवार को हरियाणा प्रदेश व्यापारमंडल के जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर की अध्यक्षता में व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठन डीसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने से उनको दिक्कत हो रही है। फाटक बंद होने से शहर दो भागों में बंट गया है। रेलवे फाटक के नजदीक श्मशान भूमि और प्राचीन मंदिर भी हैं। वहां जाने के लिए एकमात्र यही रास्ता है। फाटक बंद होने से साइकिल और पैदल आने-जाने वालों का आवागमन भी बंद हो गया है। इससे आसपास के बाजार ठप हो गए हैं। दुकानदार मंदी की मार झेल रहे हैं। काफी युवाओं के रोजगार भी छिन गए हैं। महाबीर कंप्यूटर ने कहा कि जब तक छोटे रेलवे अंडरपास का निर्माण नहीं होता तब तक फाटक खोलकर शहर वासियों को समस्या से निजात दिलाई जाए। इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव सुरेश जिंदल, आईडी गोयल, इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के प्रधान आनंद जैन, बीएस गर्ग, वीपी गर्ग, पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान जयकुमार गोयल, फर्नीचर एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र गोयल, रामफल फौजी, श्याम लाल, विनोद दीक्षित, अनीश दीक्षित, अशोक जैन, नरेश बंसल, नितिन जैन, टायर एसोसिएशन के प्रधान अजमेर रेढू, नरेश बंसल, सतपाल शर्मा, वीरभान, जयभगवान, जयसिंह, पूजन आर्य, राजेश जैन, अश्वनी, बलवन्त, अनिल गर्ग, नवनीत जैन, भजन लाल, श्याम लाल, विनोद मौजूद रहे।
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बंद फाटक के नीचे से गुजरती है शवयात्रा
बनखंडी महादेव मंदिर के लगते श्मशान घाट है। किसी के निधन होने पर वहीं पर अंतिम संस्कार किया जाता है। शहर की तरफ वाली कॉलोनियों के लोग इसी श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार करते हैं। जब किसी घर में कोई मौत हो जाती है तो उन्हें श्मशान घाट तक शव ले जाने की चिंता हो जाती है, क्योंकि रेलवे के बंद फाटक के ऊपर से ही अर्थी निकालनी पड़ती है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। पिछले दिनों एक शव यात्रा यहां बंद फाटक के ऊपर से निकली थी। इसके अलावा पैदल जाने वाले लोगों को भी फाटक के नीचे से ही मजबूरीवश निकलना पड़ता है। इससे कई लोग तो चोटिल भी हो चुके हैं।
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02जेएनडी03-रेलवे अंडरपास के निर्माण को लेकर डीसी से मिलने पहुंचे व्यापारी और सामाजिक संगठनों के