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घर का भार नहीं, घर की रोशनी हैं बेटियां : पवन
Fri, 17 Oct 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 17 Oct 2025 11:52 PM IST
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17जेएनडी19 : बेटी बचाओ, बेटी पढाओ की शपथ दिलाते हुए स्वास्थ्यकर्मी।स्रोत कर्मचारी
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत ईंटल खुर्द गांव में स्वास्थ्य कर्मियों ने नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर शपथ दिलाई। एमपीएचडब्ल्यू पवन कुमार ने कहा कि बेटियां घर का भार नहीं, घर की रोशनी हैं।
इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवतियों को व ग्रामीण महिलाओं को पीएनडीटी एक्ट की जानकारी दी गई। एमपीएचडब्ल्यू पवन कुमार व कविता रानी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के कारण गिरता लिंगानुपात हमारे देश के सामने एक बहुत बड़ी सामाजिक समस्या है।
इस समस्या के निदान के लिए सरकार को ही नहीं बल्कि हम सभी को सामाजिक दृष्टि से जागरूक होना होगा। लड़का और लड़की एक समान है। उन्होंने कहा कि परिवर्तित सोच से ही लिंगानुपात में सुधार होगा और बेटियों को समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त होगा। बेटी घर का भार नही घर की रोशनी होती है।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों काे कहा कि बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना बालिकाओं को संरक्षित और सुरक्षित करने के लिए बनाई गई योजना है। इस योजना का उद्देश्य है लड़कियों को सामाजिक और वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाना। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि लिंग जांच करवाना एक कानूनी अपराध है।
जिसमें दोषी पाए जाने वाले को सजा व जुर्माने का प्रावधान है। जो भी दोषी को पकड़वाने में मदद करता है सरकार की तरफ से उसको इनाम दिया जाता है और उसका नाम भी गुप्त रखा जाता है। इस दौरान कमला व रीना आशा वर्कर भी मौजूद रही।
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इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवतियों को व ग्रामीण महिलाओं को पीएनडीटी एक्ट की जानकारी दी गई। एमपीएचडब्ल्यू पवन कुमार व कविता रानी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के कारण गिरता लिंगानुपात हमारे देश के सामने एक बहुत बड़ी सामाजिक समस्या है।
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इस समस्या के निदान के लिए सरकार को ही नहीं बल्कि हम सभी को सामाजिक दृष्टि से जागरूक होना होगा। लड़का और लड़की एक समान है। उन्होंने कहा कि परिवर्तित सोच से ही लिंगानुपात में सुधार होगा और बेटियों को समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त होगा। बेटी घर का भार नही घर की रोशनी होती है।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों काे कहा कि बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना बालिकाओं को संरक्षित और सुरक्षित करने के लिए बनाई गई योजना है। इस योजना का उद्देश्य है लड़कियों को सामाजिक और वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाना। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि लिंग जांच करवाना एक कानूनी अपराध है।
जिसमें दोषी पाए जाने वाले को सजा व जुर्माने का प्रावधान है। जो भी दोषी को पकड़वाने में मदद करता है सरकार की तरफ से उसको इनाम दिया जाता है और उसका नाम भी गुप्त रखा जाता है। इस दौरान कमला व रीना आशा वर्कर भी मौजूद रही।