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Jind News: सीआरएसयू की पीएचडी शोधार्थी शालू का शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित

Tue, 20 Oct 2026 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:24 AM IST
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CRSU PhD scholar Shalu's research paper published in international journal
19जेएनडी09: शालू रेढू को कुलपति प्रो. डॉ. रामपाल सैनी शौध पत्र से सम्मानित करते हुए। स्रोत: सीआ
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के भौतिकी विभाग की पीएचडी शोधार्थी शालू रेढू का शोधपत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका ‘जर्नल ऑफ ल्यूमिनेसेंस’ में प्रकाशित हुआ है। शोधपत्र में शालू प्रथम लेखिका हैं।
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उन्होंने समैरियम आयनों से संवर्धित विशेष प्रकार के कांच के संरचनात्मक, तापीय और प्रकाश उत्सर्जन संबंधी गुणों का अध्ययन किया है। शोध के निष्कर्ष भविष्य में बेहतर प्रकाश उत्सर्जक सामग्री विकसित करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
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शोध का शीर्षक ‘गर्म नारंगी-लाल प्रकाश उत्सर्जक उपकरणों के लिए समैरियम संवर्धित स्ट्रॉन्शियम टंगस्टन बोरो-टेल्युराइट कांच का संरचनात्मक और प्रकाश-संदीप्ति अध्ययन’ है। इसमें यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि कांच में समैरियम आयनों की मात्रा में बदलाव से उसकी संरचना और प्रकाश उत्सर्जित करने की क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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अध्ययन के दौरान कांच के नमूनों को 404 नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से उत्तेजित किया गया। इसके बाद नमूनों में 599 नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य पर तीव्र नारंगी-लाल प्रकाश उत्सर्जन देखा गया। शोध में समैरियम की एक मोल प्रतिशत मात्रा वाले नमूने में प्रकाश उत्सर्जन की तीव्रता सबसे अधिक पाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि कांच में समैरियम आयनों की मात्रा उसके प्रकाशीय गुणों को प्रभावित करती है।
शोध में कांच की संरचना, तापीय स्थिरता, प्रकाशीय ऊर्जा अंतराल और प्रकाश उत्सर्जन के व्यवहार का भी विश्लेषण किया गया। ऐसे गुण किसी सामग्री की प्रकाशीय उपकरणों में उपयोगिता समझने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

प्रकाश और प्रदर्शन तकनीक में उपयोग की संभावना
इस प्रकार की सामग्री का उपयोग भविष्य में ठोस-अवस्था प्रकाश व्यवस्था, प्रदर्शन उपकरणों और अन्य प्रकाशीय व प्रकाश-इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों के विकास में उपयोगी हो सकता है। शोध कार्य भौतिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. निशा देउपा के मार्गदर्शन में किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी और भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार ने शालू रेढू को उपलब्धि पर बधाई दी।
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