{"_id":"61019b438ebc3e585e421bab","slug":"crops-in-1500-acres-submerged-in-rain-water-in-poli-village-jind-news-rtk619259199","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोली गांव में बारिश के पानी में डूबीं 1500 एकड़ में फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोली गांव में बारिश के पानी में डूबीं 1500 एकड़ में फसलें
विज्ञापन
पंप हाउस पर बिजली में आए फाल्ट के कारण बंद पड़े पंप सेट। संवाद
- फोटो : Jind
पोली गांव में मंगलवार रात को हुई बारिश आफत बन गई। 77 एमएम हुई बारिश ने हर जगह पानी ही पानी कर दिया। गांव की लगभग 1500 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इन फसलों में तीन से चार फुट तक पानी भर गया है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही है। यदि जल्द ही पानी नहीं निकला तो फसलें खराब हो जाएंगी।
पोली गांव निवासी किसान आनंद, जगबीर सिंह, दलबीर, राजेश ने बताया कि प्रशासन की बाढ़ को लेकर तैयारियां अधूरी होने के कारण उन्हें हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। निकासी के लिए विभाग द्वारा बिजली की भी व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं की गई है, जिसके चलते उनको काफी नुकसान हो रहा है। बुधवार को सूचना पाकर जुलाना के नायब तहसीलदार प्रतीक मौके पर पहुंचे और पंप को 24 घंटे चलाने के आदेश दिए।
ड्रेन बनी किसानों के लिए आफत
पोली-लजवानां कलां ड्रेन में आठ गांवों के खेतों से बरसात का पानी आता है। लेवल सही नहीं होने के कारण पोली गांव में ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है, जिससे हजारों एकड़ फसल हर वर्ष जलमग्न हो जाती है। हालांकि हर वर्ष ड्रेन की प्रशासन द्वारा बरसात के मौसम से पहले सफाई भी करवाई जाती है, लेकिन उसके बाद भी ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है। किसानों की मांग है कि ड्रेन का लेवल ठीक किया जाए, जिससे पानी की निकासी सही ढंग से हो सके।
विज्ञापन
16 लाख की लागत से लगाया गया जनरेटर नहीं हो पाया चालू
पोली पंप हाउस पर 16 लाख रुपये की लागत से लगाया गया जनरेटर 10 दिन बाद भी चालू नहीं हो पाया है। 14 जुलाई को एक जनरेटर लाते समय गाड़ी में आग लग गई थी, जिससे गाड़ी में रखा जनरेटर जल गया। उसकी जगह दूसरा जनरेटर भी मंगवाया गया। लेकिन वह भी 10 दिन बीत जाने के बावजूद चल नहीं पाया है।
पोली गांव में पंप हाउस का निरीक्षण किया गया है। बिजली सप्लाई में फाल्ट आने के बाद उसे कर्मचारियों ने ठीक कर दिया है। पंप हाउस की चार मोटरों को चलवा दिया गया है। जब तक पानी पूरी तरह नहीं निकलता, तब तक पंप लगातार चलाए जाएंगे।
प्रतीक, नायब तहसीलदार जुलाना।
विज्ञापन
पोली गांव निवासी किसान आनंद, जगबीर सिंह, दलबीर, राजेश ने बताया कि प्रशासन की बाढ़ को लेकर तैयारियां अधूरी होने के कारण उन्हें हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। निकासी के लिए विभाग द्वारा बिजली की भी व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं की गई है, जिसके चलते उनको काफी नुकसान हो रहा है। बुधवार को सूचना पाकर जुलाना के नायब तहसीलदार प्रतीक मौके पर पहुंचे और पंप को 24 घंटे चलाने के आदेश दिए।
विज्ञापन
ड्रेन बनी किसानों के लिए आफत
पोली-लजवानां कलां ड्रेन में आठ गांवों के खेतों से बरसात का पानी आता है। लेवल सही नहीं होने के कारण पोली गांव में ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है, जिससे हजारों एकड़ फसल हर वर्ष जलमग्न हो जाती है। हालांकि हर वर्ष ड्रेन की प्रशासन द्वारा बरसात के मौसम से पहले सफाई भी करवाई जाती है, लेकिन उसके बाद भी ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है। किसानों की मांग है कि ड्रेन का लेवल ठीक किया जाए, जिससे पानी की निकासी सही ढंग से हो सके।
विज्ञापन
16 लाख की लागत से लगाया गया जनरेटर नहीं हो पाया चालू
पोली पंप हाउस पर 16 लाख रुपये की लागत से लगाया गया जनरेटर 10 दिन बाद भी चालू नहीं हो पाया है। 14 जुलाई को एक जनरेटर लाते समय गाड़ी में आग लग गई थी, जिससे गाड़ी में रखा जनरेटर जल गया। उसकी जगह दूसरा जनरेटर भी मंगवाया गया। लेकिन वह भी 10 दिन बीत जाने के बावजूद चल नहीं पाया है।
पोली गांव में पंप हाउस का निरीक्षण किया गया है। बिजली सप्लाई में फाल्ट आने के बाद उसे कर्मचारियों ने ठीक कर दिया है। पंप हाउस की चार मोटरों को चलवा दिया गया है। जब तक पानी पूरी तरह नहीं निकलता, तब तक पंप लगातार चलाए जाएंगे।
प्रतीक, नायब तहसीलदार जुलाना।

पोली गांव में खेतों में भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : Jind