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घर से बाहर बुलाया और मार दी गोली
jind/bureau
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:09 AM IST
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shoot out, activist murder
- फोटो : shoot out, activist murder
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गांव रधाना में शनिवार रात को एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद गांव का ही आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सूचना पाकर डीएसपी कुलवंत बिश्नोई, सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर गांव के ही एक युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों पर साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार गांव रधाना निवासी बृजेश (33) शनिवार रात को अपने पड़ोसी जोगेंद्र के घर पर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव का ही युवक मेहर सिंह उर्फ भोली आया और कुछ बात करने की बात कह बाहर ले गया।
घर के बाहर आरोपी मेहर सिंह उर्फ भोली बृजेश से लगभग पांच-सात मिनट तक बातचीत करता रहा। जब बृजेश उससे बात करने के बाद जाने लगा तो आरोपी मेहर सिंह ने अपने पास मौजूद असलहे से दो गोलियां दाग दी।
गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी जोगेंद्र सिंह बाहर आया तो वह गली में घायल पड़ा था। जब जोगेंद्र सिंह ने बृजेश को संभालने का प्रयास किया तो आरोपी ने फिर से गोली चला दी, लेकिन इस दौरान गोली दोनों के पास से होते हुए निकल गई।
बाद में आरोपी पैदल ही गलियों के रास्ते से फरार हो गया। गोली लगने से घायल बृजेश को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई सुरेंद्र ने बताया कि आरोपी मेहर सिंह के साथ किसी भी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। उसके भाई की हत्या साजिश के तहत करवाई गई है। पुलिस ने आरोपी मेहरसिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पूर्व सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले को किया था उजागर
मृतक बृजेश के भाई सुरेंद्र ने बताया कि उसके भाई ने पूर्व सरपंच संतोष देवी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को उजागर किया था और मामले की जांच चल रही थी।
भ्रष्टाचार के इस मामले की 25 अप्रैल को डीआरडीए में सुनवाई होनी थी। शक है कि इस साजिश में पूर्व सरपंच के परिवार के लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या करवाई है। उन्होंने उनके खिलाफ भी जांच करवाने की मांग की है। इसके अलावा उसके भाई ने गली में अवैध तरीके से बनाए गए लगभग 50 मकानों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ था। इसके लिए हाईकोर्ट में केस किया था और उसमें बृजेश जीत गया था।
अवैध कब्जे हटाने के मामले में 27 अप्रैल को डीसी कार्यालय में सुनवाई होनी थी। इसलिए बृजेश की हत्या की साजिश में दोनों ही मामलों में शामिल लोग हो सकते हैं। उन्होंने दोनों मामलों से जुड़े लोगों से इसके बारे में पूछताछ करने की मांग की है।
अलॉट डिपो से करना था राशन वितरित
परिजनों ने बताया कि बृजेश को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का डिपो गांव के लिए अलॉट हुआ था। डिपो पर आए पहले राशन का रविवार को ग्रामीणों में वितरित करना था, लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।
सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि बृजेश की हत्या गांव के ही मेहरसिंह ने गोली मारकर की है। हत्या क्यों की गई, फिलहाल कोई कारण सामने नहीं आया है। लेकिन परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर साजिश रचने का शक जाहिर किया है। जिसके आधार पर उसकी भी जांच की जा रही है।
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सूचना पाकर डीएसपी कुलवंत बिश्नोई, सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
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पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर गांव के ही एक युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों पर साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार गांव रधाना निवासी बृजेश (33) शनिवार रात को अपने पड़ोसी जोगेंद्र के घर पर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव का ही युवक मेहर सिंह उर्फ भोली आया और कुछ बात करने की बात कह बाहर ले गया।
घर के बाहर आरोपी मेहर सिंह उर्फ भोली बृजेश से लगभग पांच-सात मिनट तक बातचीत करता रहा। जब बृजेश उससे बात करने के बाद जाने लगा तो आरोपी मेहर सिंह ने अपने पास मौजूद असलहे से दो गोलियां दाग दी।
गोली चलने की आवाज सुनकर पड़ोसी जोगेंद्र सिंह बाहर आया तो वह गली में घायल पड़ा था। जब जोगेंद्र सिंह ने बृजेश को संभालने का प्रयास किया तो आरोपी ने फिर से गोली चला दी, लेकिन इस दौरान गोली दोनों के पास से होते हुए निकल गई।
बाद में आरोपी पैदल ही गलियों के रास्ते से फरार हो गया। गोली लगने से घायल बृजेश को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई सुरेंद्र ने बताया कि आरोपी मेहर सिंह के साथ किसी भी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। उसके भाई की हत्या साजिश के तहत करवाई गई है। पुलिस ने आरोपी मेहरसिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पूर्व सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले को किया था उजागर
मृतक बृजेश के भाई सुरेंद्र ने बताया कि उसके भाई ने पूर्व सरपंच संतोष देवी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले को उजागर किया था और मामले की जांच चल रही थी।
भ्रष्टाचार के इस मामले की 25 अप्रैल को डीआरडीए में सुनवाई होनी थी। शक है कि इस साजिश में पूर्व सरपंच के परिवार के लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या करवाई है। उन्होंने उनके खिलाफ भी जांच करवाने की मांग की है। इसके अलावा उसके भाई ने गली में अवैध तरीके से बनाए गए लगभग 50 मकानों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ था। इसके लिए हाईकोर्ट में केस किया था और उसमें बृजेश जीत गया था।
अवैध कब्जे हटाने के मामले में 27 अप्रैल को डीसी कार्यालय में सुनवाई होनी थी। इसलिए बृजेश की हत्या की साजिश में दोनों ही मामलों में शामिल लोग हो सकते हैं। उन्होंने दोनों मामलों से जुड़े लोगों से इसके बारे में पूछताछ करने की मांग की है।
अलॉट डिपो से करना था राशन वितरित
परिजनों ने बताया कि बृजेश को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का डिपो गांव के लिए अलॉट हुआ था। डिपो पर आए पहले राशन का रविवार को ग्रामीणों में वितरित करना था, लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।
सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि बृजेश की हत्या गांव के ही मेहरसिंह ने गोली मारकर की है। हत्या क्यों की गई, फिलहाल कोई कारण सामने नहीं आया है। लेकिन परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर साजिश रचने का शक जाहिर किया है। जिसके आधार पर उसकी भी जांच की जा रही है।