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30 हजार रिश्वत लेते जीआरपी थाना प्रभारी और एसआई काबू
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:10 AM IST
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विजिलेंस द्वारा पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : jind
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विजिलेंस की टीम ने शनिवार को कंडेला गांव के पंचायत सचिव की आत्महत्या के मामले में आरोपियों को केस से निकालने की एवज में रिश्वत लेने के आरोपी जीआरपी के थाना प्रभारी अमरनाथ व एसआई जगदीश को काबू किया है। आरोपियों के पास रिश्वत के 30 हजार रुपये बरामद किए गए है। विजिलेंस मामले की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कंडेला गांव में तैनात पंचायत सचिव ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली थी। पंचायत ने सुसाइड नोट छोड़ कर गांव के सरपंच व पंच सहित आधा दर्जन लोगों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। इसमें आरोपी कंडेला गांव के कलीराम, ईश्वर पंच, भूप सिंह पंच, सतीश पंच, रणधीर ने विजिलेंस को शिकायत दी कि इस मामले में जांच ढीली करने की एवज में उनसे जीआरपी थाना प्रभारी अमरनाथ व एसआई जगदीश ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की है।
सतर्कता विभाग ने शिकायत के आधार पर छापामार दल का गठन किया। टीम ने शिकायतकर्ता को 30 हजार रुपये के नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दिए। योजना के तहत शिकायतकर्ताओं ने नोटों को रेलवे थाना में ही रेलवे थाना प्रभारी अमरनाथ और एसआई जगदीश को सौंप दिया। इशारा मिलते ही छापामार दल ने दोनों को काबू कर लिया। तलाशी लिए जाने पर उसकी जेब से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित तथा पाउडर युक्त नोट बरामद हुए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथों का रंग लाल हो गया। सतर्कता विभाग ने अमरनाथ तथा जगदीश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। छापामार दल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार प्रवीण को नियुक्त किया गया, जबकि कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निरीक्षक देवी लाल को जिम्मा सौंपा गया। टीम में अनिल, रणबीर एसआई, कृष्णलाल एएसआई, एसई जगबीर, एएसआई ईश्वर तथा बलजीत को शामिल किया गया।
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गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कंडेला गांव में तैनात पंचायत सचिव ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली थी। पंचायत ने सुसाइड नोट छोड़ कर गांव के सरपंच व पंच सहित आधा दर्जन लोगों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। इसमें आरोपी कंडेला गांव के कलीराम, ईश्वर पंच, भूप सिंह पंच, सतीश पंच, रणधीर ने विजिलेंस को शिकायत दी कि इस मामले में जांच ढीली करने की एवज में उनसे जीआरपी थाना प्रभारी अमरनाथ व एसआई जगदीश ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की है।
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सतर्कता विभाग ने शिकायत के आधार पर छापामार दल का गठन किया। टीम ने शिकायतकर्ता को 30 हजार रुपये के नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दिए। योजना के तहत शिकायतकर्ताओं ने नोटों को रेलवे थाना में ही रेलवे थाना प्रभारी अमरनाथ और एसआई जगदीश को सौंप दिया। इशारा मिलते ही छापामार दल ने दोनों को काबू कर लिया। तलाशी लिए जाने पर उसकी जेब से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित तथा पाउडर युक्त नोट बरामद हुए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथों का रंग लाल हो गया। सतर्कता विभाग ने अमरनाथ तथा जगदीश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। छापामार दल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार प्रवीण को नियुक्त किया गया, जबकि कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निरीक्षक देवी लाल को जिम्मा सौंपा गया। टीम में अनिल, रणबीर एसआई, कृष्णलाल एएसआई, एसई जगबीर, एएसआई ईश्वर तथा बलजीत को शामिल किया गया।
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