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एसआईटी करेगी जांच, 20 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

Thu, 04 May 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 04 May 2017 12:27 AM IST
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परीजनों से बातचीत करते डीएसपी कप्तान सिंह। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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 कॉलेज में पढ़ने आई छात्रा की जहर से हुई मौत के बाद परिजनों ने प्रशासन के आश्वासन के बाद 28 घंटे बाद शव को उठाया। इसके बाद परिजनों ने गांव में अंतिम संस्कार किया। इससे पहले परिजनों ने सामान्य अस्पताल में धरना शुरू किया। धरने के दौरान परिजनों ने एक 11 सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी ने दो दौर की बातचीत डीसी से की। इस दौरान डीसी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करके और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत करवाया। एसआईटी 20 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इस दौरान डीसी ने परिजनों को आर्थिक सहायता देने और दो परिजनों का शस्त्र लाइसेंस बनाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद परिजन शव को उठाने के लिए तैयार हुए। ज्ञात रहे कि कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में पढ़ने आई छात्रा की मंगलवार को जहर से मौत हो गई थी।

परिजनों ने लड़की की रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया था और शव को उठाने से मना कर दिया था। बुधवार सुबह सैकड़ों की संख्या में लोग नागरिक अस्पताल पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने कहा कि जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद डीसी ने परिजनों की एक कमेटी बनाकर बातचीत के लिए बुलाई। कमेटी का नेतृत्व हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कर्मवीर सैनी ने किया। इसमें कमेटी ने डीसी के सामने चार डिमांड रखी। इसके बाद डीसी ने मेडिकल बोर्ड से लड़की के शव का पोस्टमार्टम करवाया और रिपोर्ट सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद डीसी ने मेडिकल बोर्ड के चिकित्सकों को अपने ऑफिस में बुलाकर परिजनों से सीधी बात करवाई। इसके बाद परिजनों ने उपायुक्त से पीड़ित परिवार के दो शस्त्र लाइसेंस बनवाने, उचित मुआवजा दिलवाने, एसआईटी का गठन कर 20 दिन में जांच पूरी करने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पर डीसी ने एसआईटी का गठन कर दिया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। 
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चिकित्सक नहीं पहुंचे किसी नतीजे पर
डीसी कैंप कार्यालय में मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सक तथा परिजनों के बीच डीसी ने बातचीत करवाई। चिकित्सकों ने कहा कि वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। लड़की की मौत जहर से हुई, लेकिन दुराचार होने या नहीं होने की वे पुष्टि नहीं कर सकते। इसके लिए बिसरा को मधुबन जांच के लिए भेज दिया है। वहां से रिपोर्ट आएगी, उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंच जा सकता है।
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परिजनों के सामने युवक से की पूछताछ
डीसी से मिलने के बाद परिजनों ने डिमांड रखी कि पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है, लेकिन पुलिस उससे मिलीभगत मामले को दबा रही है। इसके बाद पुलिस ने लड़की के दो परिजनों को अपने साथ ले गई। जहां पर पुलिस ने उनके सामने ही युवक से पूछताछ की। युवक से उनके सामने पूछताछ करने के बाद परिजन मामले से संतुष्ट नजर आए। 

डीएसपी कप्तान सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित
परिजनों के आग्रह पर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। इसमें टीम का नेतृत्व डीएसपी कप्तान सिंह करेंगे। टीम में सीआईए प्रभारी सुरेंद्र सिंह, महिला थाना प्रभारी, शहर थाना प्रभारी समुंद्र को शामिल किया गया। एसआईटी 20 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप देगी।

उपायुक्त ने परिजनों की मांगे मानी
कमेटी का नेतृत्व कर रहे कर्मवीर सैनी ने डीसी से दो शस्त्र लाइसेंस जारी करवाने, परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने तथा उचित कार्रवाई की मांग की। इस पर डीसी ने एसआईटी गठित करवाने, जल्द मुआवजा दिलवाने तथा आर्म्स लाइसेंस बनवाने की हां की। उन्होंने कहा कि आर्म्स लाइसेंस के लिए परिजनों को सभी कागजात पूरे करने होंगे।

हत्या समेत कई धाराओं के तहत पुलिस ने किया केस दर्ज
पुलिस ने फिलहाल अपहरण, दुराचार करके तथा हत्या करने का केस दर्ज किया है। डीएसपी कप्तान सिंह ने कहा कि मामले की 20 दिन में जांच करके रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी जाएगी।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर पर पहुंचे
नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे लड़की के परिजनों से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर धरने पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया। तंवर ने कहा कि मामला गंभीर है। कांग्रेस परिजनों के साथ है। किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। यदि पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की तो वे परिजनों के साथ मिलकर आंदोलन भी करने पर मजबूर होंगे।


20 दिन में मामले का कर देंगे खुलासा
डीएसपी सिटी कप्तान सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी 20 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी। आश्वासन के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया है। 
 
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