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रेलवे की फर्जी भर्ती करवाने वाला नटवरलाल गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:10 AM IST
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पकड़ा गया आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रेलवे में ग्रुप सी के पदों की फर्जी भर्ती निकालकर 41 लोगों से एक करोड़ 65 लाख रुपये हड़पने के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि इस मामले में तीन आरोपी पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पकड़े गए आरोपी बस्ती उत्तरप्रदेश निवासी मनोज उर्फ अभिषेक को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया है। मनोज उर्फ अभिषेक ने पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आर्थिक अपराध शाखा इंचार्ज एसआई जगवीर सिंह ने बताया कि गांव सामण रोहतक निवासी रोहताश ने 2015 में एसएसपी जींद को शिकायत दी थी कि जींद निवासी मुनीष और उसके साथियों ने रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए 41 लोगों से एक करोड़ 65 लाख रुपये हड़पे हैं।
रेलवे में नौकरी के लिए फार्म भरवाते समय 50 हजार रुपये लिए गए। उसके बाद मेडिकल के समय एक लाख और ज्वाइनिंग लेटर देने पर साढ़े तीन लाख रुपये लिए गए। लेकिन जब वह ज्वाइनिंग पत्र लेकर उस पते पर पहुंचे तो वहां रेलवे अधिकारियों ने किसी प्रकार की कोई भर्ती न होने की बात कही। इससे भर्ती के फर्जीवाड़ा होने का पता चला। इसके बाद एसएसपी ने इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने को सौंप दी। वर्ष 2015 में पुलिस ने इस मामले में आश्रम बस्ती जींद निवासी मुनीष और असंध निवासी कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ करने के बाद फर्जी भर्ती के मामले में मुख्य आरोपी बिहार पटना निवासी देवेंद्र शाह गुप्ता और बस्ती उत्तरप्रदेश निवासी मनोज उर्फ अभिषेक का नाम आया था।
आरोपी देवेंद्र शाह गुप्ता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी थी। लेकिन बस्ती उत्तरप्रदेश निवासी मनोज उर्फ अभिषेक तभी से फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी का सुराग देने वाले पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। गत दिवस पुलिस को सूचना मिली कि फर्जीवाड़ा करने का आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक इलाहाबाद में छुपा है। पुलिस ने आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक को वहां से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि रेलवे भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले इनामी आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया है। इस मामले मुख्य आरोपी सहित तीन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
रेलवे में नौकरी के लिए फार्म भरवाते समय 50 हजार रुपये लिए गए। उसके बाद मेडिकल के समय एक लाख और ज्वाइनिंग लेटर देने पर साढ़े तीन लाख रुपये लिए गए। लेकिन जब वह ज्वाइनिंग पत्र लेकर उस पते पर पहुंचे तो वहां रेलवे अधिकारियों ने किसी प्रकार की कोई भर्ती न होने की बात कही। इससे भर्ती के फर्जीवाड़ा होने का पता चला। इसके बाद एसएसपी ने इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने को सौंप दी। वर्ष 2015 में पुलिस ने इस मामले में आश्रम बस्ती जींद निवासी मुनीष और असंध निवासी कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ करने के बाद फर्जी भर्ती के मामले में मुख्य आरोपी बिहार पटना निवासी देवेंद्र शाह गुप्ता और बस्ती उत्तरप्रदेश निवासी मनोज उर्फ अभिषेक का नाम आया था।
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आरोपी देवेंद्र शाह गुप्ता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी थी। लेकिन बस्ती उत्तरप्रदेश निवासी मनोज उर्फ अभिषेक तभी से फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी का सुराग देने वाले पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। गत दिवस पुलिस को सूचना मिली कि फर्जीवाड़ा करने का आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक इलाहाबाद में छुपा है। पुलिस ने आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक को वहां से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि रेलवे भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले इनामी आरोपी मनोज उर्फ अभिषेक को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया है। इस मामले मुख्य आरोपी सहित तीन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।