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भ्रूण लिंग जांच कराने के आरोप में नागरिक अस्पताल का कर्मचारी काबू
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:10 AM IST
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एक निजी अस्पताल में कागजी कार्रवाई करते स्वास्थ्य विभाग की टीम। नीली ड्रेस में आरोपी युवक।
- फोटो : jind
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नागरिक अस्पताल में आउट सोर्सिंग पर काम कर रहे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को रंगे हाथों काबू किया है। जांच टीम को डमी ग्राहक से लिए गए 13 हजार रुपये में से 12 हजार रुपये बरामद भी कर लिए हैं। अब टीम उन अस्पतालों की भी जांच कर रही है, जहां-जहां डमी ग्राहक को ले जाया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार, अस्पताल सूत्रों को कई दिन से सूचना मिल रही थी कि अस्पताल का कोई कर्मचारी भ्रूण परीक्षण के मामले में संलिप्त है। इसके लिए टीम तैयार की गई और एक डमी ग्राहक तैयार की। यह महिला अस्पताल में आउट सोर्सिंग पर लगे किस्मत नाम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के संपर्क में आई। किस्मत ने भ्रूण लिंग परीक्षण कराने के लिए हां भी भर दी। दोनों के बीच 13 हजार रुपये में सौदा हुआ। इसके बाद कई बार महिला जींद आई, लेकिन उसे डॉक्टर को नहीं दिखाया गया।
शुक्रवार को महिला को जींद बुलाकर किस्मत एलआईसी के पास स्थित एक स्त्री रोग अस्पताल में ले गया। यहां की डॉक्टर ने महिला को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इस पर महिला को नागरिक अस्पताल के पास ही एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ले जाकर उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। इसके बाद महिला ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मांगी तो उसे बाद में मिलने के लिए कहा। कुछ देर के बाद नागरिक अस्पताल में वीटा बूथ के पास महिला को रिपोर्ट देते हुए आरोपी ने कहा कि मिठाई बांट दो। इशारा मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी को काबू कर लिया। इस दौरान उसके कब्जे से 12 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं।
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आरोपी ने स्वीकारी पैसों की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार आरोपी ने स्वीकारा है कि उसे पैसों की जरूरत थी और इसके चलते ही उसने ऐसा किया है। सिविल सर्जन के अनुसार, अल्ट्रासाउंड केंद्र पर सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। प्रथम जांच में ऐसा लगता है कि आरोपी ने रिपोर्ट अपने आप ही बताई है। फिर भी दोनों अस्पतालों की जांच की जा रही है। यदि कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार, अस्पताल सूत्रों को कई दिन से सूचना मिल रही थी कि अस्पताल का कोई कर्मचारी भ्रूण परीक्षण के मामले में संलिप्त है। इसके लिए टीम तैयार की गई और एक डमी ग्राहक तैयार की। यह महिला अस्पताल में आउट सोर्सिंग पर लगे किस्मत नाम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के संपर्क में आई। किस्मत ने भ्रूण लिंग परीक्षण कराने के लिए हां भी भर दी। दोनों के बीच 13 हजार रुपये में सौदा हुआ। इसके बाद कई बार महिला जींद आई, लेकिन उसे डॉक्टर को नहीं दिखाया गया।
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शुक्रवार को महिला को जींद बुलाकर किस्मत एलआईसी के पास स्थित एक स्त्री रोग अस्पताल में ले गया। यहां की डॉक्टर ने महिला को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इस पर महिला को नागरिक अस्पताल के पास ही एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ले जाकर उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। इसके बाद महिला ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मांगी तो उसे बाद में मिलने के लिए कहा। कुछ देर के बाद नागरिक अस्पताल में वीटा बूथ के पास महिला को रिपोर्ट देते हुए आरोपी ने कहा कि मिठाई बांट दो। इशारा मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी को काबू कर लिया। इस दौरान उसके कब्जे से 12 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं।
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आरोपी ने स्वीकारी पैसों की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार आरोपी ने स्वीकारा है कि उसे पैसों की जरूरत थी और इसके चलते ही उसने ऐसा किया है। सिविल सर्जन के अनुसार, अल्ट्रासाउंड केंद्र पर सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। प्रथम जांच में ऐसा लगता है कि आरोपी ने रिपोर्ट अपने आप ही बताई है। फिर भी दोनों अस्पतालों की जांच की जा रही है। यदि कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।