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‘मेरे गोलू लव मैरिज की कसम उनको छोड़ना नहीं’

Thu, 10 Sep 2015 11:50 PM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो Updated Thu, 10 Sep 2015 11:50 PM IST
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 महिला थाने में बुधवार को जहर निगलने वाली महिला हेड कांस्टेबल शर्मिला की हालात स्थिर बनी हुई है। जहर निगलने से पहले महिला हेड कांस्टेबल ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा है। सुसाइड नोट में चार पुलिस कर्मचारी व अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में हेड कांस्टेबल में अपने पति से अपील है कि ‘मेरे गोलू यदि अपने मुझसे सच्चा प्यार किया है तो हमारी लव मैरिज की कसम इसका बदला जरूर लेना, इसके बाद ही मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। वहीं पुलिस ने जहर निगलने वाली हेड कांस्टेबल शर्मिला के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। महिला रोहतक रोड के जिस निजी अस्पताल में दाखिल है पुलिस उस पर पैनी नजर बनाए हुए है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखे हुए है। एसएसपी ने इस मामले की जांच डीएसपी दिनेश कुमार को सौंपी है।

ये लिखा है सुसाइड नोट में
महिला हेड कांस्टेबल शर्मिला ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह महिला थाने में बतौर चालक तैनात है। थाने में एमएचसी अनीता है जिसकी मेरे साथ कई सालों से अनबन चल रही है। जो मुझे देखकर हर बार टोन करती रहती है। अनीता के क्वार्टर में ही महिला थाने की प्रभारी मनीषा रहती है। थाना प्रभारी मनीषा जींद जिले में नई आई है और जींद के बारे में कम ही जानती है। इसलिए थाना प्रभारी मनीषा एमएचसी अनीता की हर बात को मानती है। इसी के कारण वह उनकी बेईज्जती करती है। उनके थाने में चालक के पद पर कार्यरत होने के बावजूद भी थाना प्रभारी उसे गाड़ी नहीं चलाने देती है और न ही मेरी गाड़ी में वह बैठती है। पिछले चार-पांच दिन से तो हर बात पर मुझे ऑफिस बुलाकर मेरी बेईज्जती करती है और कहती है मैं तुझे नौकरी करना सिखाउंगी। मै अपने घर से ही थाने में वर्दी पहनकर आती हूं और दूसरा ड्राइवर आने पर अपने घर पर ही वर्दी बदलती हूं। पूरा दिन थाने में हाजिर रहती हूं। थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए जो मेरी हाजिरी का सबूत दे सकते हैं। सुसाइड नोट में लिखा है कि कल एएसआई मुकेश जो डीएसपी ममता सौदा की रीडर है उसके साथ भी एमएचसी होने के नाते अच्छे संबंध हो चुके हैं। कल रीडर मुकेश ने डीएसपी मैडम को मेरे बारे में झूठ बोलकर डीएसपी मैडम से मेरी बेईज्जती करवाई। मैंने डीएसपी मैडम को भी बोला की मुझे गाड़ी नहीं चलाने दी जाती तो मैडम ने मेरी एक भी नहीं सुनी व वापस मेरे को ही बुरा भला कहा। आज जब वह एसपी साहब के ऑफिस गई तो वहां पर एएसआई प्रेम ने मुझे कहा कि मुझे डीएसपी मैडम के सामने किसी पार्टी को पेश करनी है। एक बार ऑफिस से मेरी मिशल उठा ला। जब मैं मिशल लेकर थाने में पहुंची तो एसएचओ मैडम बुलेरो गाड़ी में बैठकर कहीं जाने की तैयारी में थी तो वह मेरी गाड़ी देखकर गाड़ी से नीचे उतरी व मेरी गाड़ी व मेरी फोटो अपने मोबाइल में खिंची। मैने मैडम को कहा कि मैडम एक बार मिशल लेने के लिए एएसआई प्रेम के कहने पर ऑफिस तक गई थी तो मैडम ने मेरी बेईज्जती की और मुझे नन्ही मैडम की चम्मी कहकर बोली की नन्ही तो भाग गई यहां से तेरे को भी भगाकर छोडू़गी। मेरे को तंग करने में एमएचसी अनीता, एसएचओ मनीषा, रीडर मुकेश और एसएसपी कार्यालय का एक एएसआई शामिल है। जब वह एसएसपी साहब से मिलने के लिए गई तो एसएसपी कार्यालय के एक कर्मचारी ने उनसे मिलने नहीं दिया और मामला दर्ज कराने की धमकी दी।
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महिला थाने बदनाम होंगे इसलिए निकाले चार-पांच दिन
सुसाइड नोट में लिखा है कि मुझे ऐसा करने में बहुत शर्म आ रही थी, क्योंकि लोग ये कह रहे थे कि महिला थाने नहीं चलेंगे। यह सोचकर मैंने चार-पांच दिन निकाल दिए। मैंने सोचा सब ठीक हो जाएगा, लेकिन मेरे को दिनभर मरने के लिए या थाना छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इसलिए मेरे को तंग करने वालों का सख्त से सख्त सजा मिले। मुझे विश्वास है कि यह सजा मेरा पति इनको देगा।
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नन्ही बनेगी मेरे गवाह
महिला से सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे मरने के बाद मेरे गवाह नन्ही मैडम है। जिसको में हर बार अपनी आपबीती बताती थी। जो मुझे बार-बार समझाती थी, लेकिन मैं इससे ज्यादा और कुछ सहन नहीं कर सकती थी। इस बारे में एएसआई नन्ही ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

फिलहाल हालात स्थिर
रोहतक रोड स्थित निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुरेश ने बताया कि हेड कांस्टेबल की हालात स्थिर बनी हुई है। 24 घंटे के बाद ही सही पता चल पाएगा। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है।

एसएसपी ने कहा दबाव बनाना चाहती है हेड कांस्टेबल
एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि महिला हेड कांस्टेबल दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रही है और वह लगातार अपनी ड्यूटी में भी कोताही बरत रही थी। उसकी मांग थी कि उसे पीसीआर पर न लगा कर जांच में लगाया जाए, लेकिन यह निर्णय अधिकारियों का होता है कि किस-किस को कहां तैनात किया जाए। फिर भी अगर हेड कांस्टेबल शर्मिला को कोई शिकायत थी तो उसे उनके पास अपनी शिकायत लेकर आना चाहिए था। इस प्रकार का कदम उठाना उचित नहीं है। इससे जहां पुलिस की छवि खराब होती है वहीं आम जनता में पुलिस का मजाक बनता है। शर्मिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मामले की जांच जारी
मामले की जांच कर रहे डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि फिलहाल इस मामले में ज्यादा बोलना सही नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इसके बारे में कुछ बताया जा सकता है।

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