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कार्रवाई न करने पर पुलिस उपनिरीक्षक पर एक लाख रुपये जुर्माना
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2015 12:20 AM IST
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा सरकार को जींद निवासी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपनिरीक्षक सूरजभान पर एक लाख रुपये का जुर्माना और दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए हैं। आयोग ने जुर्माने की रकम शिकायतकर्ता जयपाल को मुआवजे के तौर पर देने के आदेश भी दिए हैं।
मामले के अनुसार, जींद के मनोहरपुर निवासी जयपाल ने मारपीट के एक मामले की शिकायत जींद के थाना सदर में दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई के लिए उप निरीक्षक सूरजभान को आदेश जारी हुए, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। ड्यूटी में लापरवाही का यह मामला राज्य मानवाधिकार आयोग के सामने लाए जाने के बाद आयोग की सख्ती को देखते हुए हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने सूरजभान की दो वार्षिक वेतन वृद्धियों पर रोक लगा दी। इस पर मानवाधिकार आयोग ने पूरे मामले को कुशासन का मामला मानते हुए अपने फैसले में कहा कि यह बात साफ हो गई है कि थाना सदर में पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी जनता की नियमानुसार सेवा करने के स्थान पर उनके मानवाधिकारों का हनन कर रहे हैं। लोगों को थाने के बार-बार चक्कर लगवाते हैं और जानबूझकर एक पक्षीय कार्रवाई करते हैं। आयोग ने सूरजभान को मानवाधिकारों के हनन का दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता जयपाल को एक लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएं और यह राशि उपनिरीक्षक सूरजभान से ली जाए।
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मामले के अनुसार, जींद के मनोहरपुर निवासी जयपाल ने मारपीट के एक मामले की शिकायत जींद के थाना सदर में दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई के लिए उप निरीक्षक सूरजभान को आदेश जारी हुए, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। ड्यूटी में लापरवाही का यह मामला राज्य मानवाधिकार आयोग के सामने लाए जाने के बाद आयोग की सख्ती को देखते हुए हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने सूरजभान की दो वार्षिक वेतन वृद्धियों पर रोक लगा दी। इस पर मानवाधिकार आयोग ने पूरे मामले को कुशासन का मामला मानते हुए अपने फैसले में कहा कि यह बात साफ हो गई है कि थाना सदर में पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी जनता की नियमानुसार सेवा करने के स्थान पर उनके मानवाधिकारों का हनन कर रहे हैं। लोगों को थाने के बार-बार चक्कर लगवाते हैं और जानबूझकर एक पक्षीय कार्रवाई करते हैं। आयोग ने सूरजभान को मानवाधिकारों के हनन का दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता जयपाल को एक लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएं और यह राशि उपनिरीक्षक सूरजभान से ली जाए।
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