जींद: धरना देने पर 900 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, 16 नामजद, महामारी एक्ट के तहत की कार्रवाई
महामारी एक्ट के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है। सरकार की तरफ से भाजपा नेता कर्मवीर सैनी ने मामले में मध्यस्थता की। सामाजिक बहिष्कार के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अनुसूचित जाति के लोगों ने धरना दिया था। मांगों पर सहमति नहीं बनी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के जींद में नोटिस के बाद भी धरना देने पर महामारी एक्ट के तहत अनुसूचित जाति के 900 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें 16 लोगों को नामजद किया गया है। खापड़ व छात्तर गांवों में अनुसूचित जाति के लोगों के सामाजिक बहिष्कार में आरोपियों की गिरफ्तारी व धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया।
हालांकि बुधवार को ही प्रशासन द्वारा धरना देने वालों को महामारी कानून के तहत नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस दौरान प्रशासन व आंदोनकारियों के बीच बाचतीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
इस दौरान भाजपा नेता कर्मवीर सैनी ने सरकार की तरफ से बातचीत में मध्यस्थता की। वहीं महामारी एक्ट के तहत पुलिस द्वारा 900 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से 16 को नामजद किया गया है।
गौरतलब है कि करीब चार महीने पहले खापड़ गांव में एक बच्चे को पीटने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, लेकिन अभी तक चार लोगों की ही गिरफ्तारी हुई है। वहीं तीन महीने पहले छात्तर गांव में सामाजिक बहिष्कार के मामले में 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इसमें किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हई है। इस पर अनुसूचित जाति के लोगों ने धरना दिया।
ओमप्रकाश धनखड़ के खिलाफ केस दर्ज करने से एसपी ने किया मना
रजत कलसन ने बताया कि एसपी ने धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ के खिलाफ केस दर्ज करने से मना कर दिया। वे मना कर मीटिंग छोड़ कर चले गए। ओमप्रकाश धनखड़ पर आरोप है कि 23 दिसंबर को जाट धर्मशाला में हुई मीटिंग में उन्होंने अनुसूचित जाति की लड़कियों के बारे में अभद्र टिप्पणी की है। हालांकि धनखड़ इससे साफ मना करते रहे हैं। इस बारे में वे सफीदों के डीएसपी साधुराम को अपने बयान भी दर्ज करवा चुके हैं।
करीब तीन घंटे चली मीटिंग
दिन भर चले धरने के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे डीसी नरेश नरवाल, एसपी नरेंद्र बिजरानिया, भाजपा नेता कर्मवीर सैनी शामिल हुए। वहीं आंदोलनकारियों की तरफ से रजत कलसन, दिनेश खापड़ सहित कई अन्य लोग शामिल हुए। इसके बाद तीन घंटे तक मीटिंग जारी रही। इसके बाद हालांकि प्रशासन मांगों पर सहमति बनने की बात कहता रहा, लेकिन आंदोलनकारियों की तरफ से एडवोकेट रजत कलसन ने बताया कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में आंदोलन जारी रहेगा।
इनके खिलाफ केस दर्ज
महामारी कानून के तहत पुलिस ने धरना संचालक दिनेश, नरेश, अनिल, सुशील, नरेश, गुरमीत, बलकार, गुलशन, कमल बराडा, एडवोकेट रजत कलसन, अशोक नरवाल, संदीप, प्रदीप गौतम, प्रदीप, देवेंद्र, रवि बलाना को नामजद कर 884 अन्य के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - रविंद्र कुमार, सिविल लाइन थाना प्रभारी।
नहीं आए चंद्रशेखर रावण
हालांकि अनुसूचित जाति के लोगों की तरफ से कई दिन पहले ही भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण के आने का ऐलान किया गया था, लेकिन वे नहीं आए। इस बताया गया कि उत्तर प्रदेश में जरूरी मीटिंग होने के कारण वे नहीं आ पाए।