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तीन दोस्तों की आत्महत्या का मामला
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:17 AM IST
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मोबाइल फोन से खुल सकता है मौत का राज
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कालवन गांव के पास कंहड़ी गांव निवासी तीन दोस्तों के शव मिलने के मामले में जीआरपी ने सामान्य कार्रवाई कर मामले को निपटा दिया है, लेकिन तीनों युवकों की मौत का राज उनके मोबाइल फोन से खुल सकता है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप या संदेह नहीं जताया है। ऐसे में इस प्रकार की जांच का कोई औचित्य नहीं बनता। तीनों युवकों के शव लेने नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचे कंहड़ी गांव के लोगों ने बताया कि तीनों युवक एक फेसबुक पेज व एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे। हालांकि व्हाट्सएप ग्रुप में उन्होंने अंतिम संदेश होने की बात लिखी है, लेकिन तीनों ने एकसाथ आत्महत्या का कदम क्यों उठाया, यह सवाल अब भी नहीं सुलझ पाया है। ऐसे में तीनों युवकों के मोबाइल फोन उनकी मौत के रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं। शव लेने आए लोगों की माने तो हो सकता है युवक मोबाइल फोन पर कोई खतरनाक गेम खेल रहे हो या फिर सेल्फी लेने के चक्कर में उनकी जान गई हो, लेकिन पुलिस इनमें से किसी भी थ्योरी पर काम नहीं कर रही है।
तीनों युवकों के परिजनों ने उनकी मौत पर न तो किसी पर आरोप लगाए हैं और न ही कोई संदेह जताया है। ऐसे में शवों के साथ मिला सारा सामान परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों की शिकायत के बिना पुलिस ऐसी कार्रवाई नहीं करती।
बलवंत सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी
11 बजे से रात एक बजे तक गुजरी हैं चार ट्रेन
युवकों के परिजनों की मानें तो व्हाट्सएप ग्रुप में करीब साढ़े 11 बजे अंतिम मैसेज डाला गया है। वहीं रात साढ़े 11 से एक बजे तक इस रूट पर चार ट्रेनें गुजरी हैं। इनमें से ही किसी ट्रेन की चपेट में आने से तीनों दोस्तों की मौत हो हुई है। इनमें से पंजाब की ओर जाने वाली उद्यान आभा ट्रेन रात 11.40 बजे, पंजाब की ओर जाने वाली पंजाब मेल 12.50 बजे व दिल्ली की ओर जाने वाली पंजाब मेल भी इसी समय यहां से गुजरी है। इनके बीच में एसी एक्सप्रेस ट्रेन भी इस ट्रैक से निकली है।
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एक साथ उठने-बैठने से शुरू हुई दोस्ती
ग्रामीणों ने बताया कि अशोक गांव में ही बिजली की दुकान पर काम करता था। मोनू व नवीन भी उसके साथ रहते थे। जब भी अशोक किसी कंप्लेंड पर जाता तो मोनू और नवीन भी उसके साथ जाते थे। इसके अलावा अधिकतर समय वे अशोक की दुकान पर ही बिताते थे। कुरुक्षेत्र रवाना होने से पहले अशोक के उस्ताद की मोटरसाइकिल ली और तीनों एक दूसरे के घर जाकर बताया कि वे कुरुक्षेत्र जा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कालवन गांव के पास कंहड़ी गांव निवासी तीन दोस्तों के शव मिलने के मामले में जीआरपी ने सामान्य कार्रवाई कर मामले को निपटा दिया है, लेकिन तीनों युवकों की मौत का राज उनके मोबाइल फोन से खुल सकता है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप या संदेह नहीं जताया है। ऐसे में इस प्रकार की जांच का कोई औचित्य नहीं बनता। तीनों युवकों के शव लेने नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचे कंहड़ी गांव के लोगों ने बताया कि तीनों युवक एक फेसबुक पेज व एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे। हालांकि व्हाट्सएप ग्रुप में उन्होंने अंतिम संदेश होने की बात लिखी है, लेकिन तीनों ने एकसाथ आत्महत्या का कदम क्यों उठाया, यह सवाल अब भी नहीं सुलझ पाया है। ऐसे में तीनों युवकों के मोबाइल फोन उनकी मौत के रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं। शव लेने आए लोगों की माने तो हो सकता है युवक मोबाइल फोन पर कोई खतरनाक गेम खेल रहे हो या फिर सेल्फी लेने के चक्कर में उनकी जान गई हो, लेकिन पुलिस इनमें से किसी भी थ्योरी पर काम नहीं कर रही है।
तीनों युवकों के परिजनों ने उनकी मौत पर न तो किसी पर आरोप लगाए हैं और न ही कोई संदेह जताया है। ऐसे में शवों के साथ मिला सारा सामान परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों की शिकायत के बिना पुलिस ऐसी कार्रवाई नहीं करती।
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बलवंत सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी
11 बजे से रात एक बजे तक गुजरी हैं चार ट्रेन
युवकों के परिजनों की मानें तो व्हाट्सएप ग्रुप में करीब साढ़े 11 बजे अंतिम मैसेज डाला गया है। वहीं रात साढ़े 11 से एक बजे तक इस रूट पर चार ट्रेनें गुजरी हैं। इनमें से ही किसी ट्रेन की चपेट में आने से तीनों दोस्तों की मौत हो हुई है। इनमें से पंजाब की ओर जाने वाली उद्यान आभा ट्रेन रात 11.40 बजे, पंजाब की ओर जाने वाली पंजाब मेल 12.50 बजे व दिल्ली की ओर जाने वाली पंजाब मेल भी इसी समय यहां से गुजरी है। इनके बीच में एसी एक्सप्रेस ट्रेन भी इस ट्रैक से निकली है।
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एक साथ उठने-बैठने से शुरू हुई दोस्ती
ग्रामीणों ने बताया कि अशोक गांव में ही बिजली की दुकान पर काम करता था। मोनू व नवीन भी उसके साथ रहते थे। जब भी अशोक किसी कंप्लेंड पर जाता तो मोनू और नवीन भी उसके साथ जाते थे। इसके अलावा अधिकतर समय वे अशोक की दुकान पर ही बिताते थे। कुरुक्षेत्र रवाना होने से पहले अशोक के उस्ताद की मोटरसाइकिल ली और तीनों एक दूसरे के घर जाकर बताया कि वे कुरुक्षेत्र जा रहे हैं।