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शराब का फर्जी परमिट जाने करने पर एईटीओ के खिलाफ केस दर्ज
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:38 AM IST
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फर्जी परमिट दिए जाने करने पर एईटीओ के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
गांव बरटा में पकड़ी गई शराब का फर्जी परमिट जारी करने पर पुलिस ने आबकारी एवं कराधान के एईटीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दो माह पहले शराब से भरे हुए कैंटर को पकड़ा था, लेकिन बाद में शराब ठेकेदार उसका परमिट लेकर थाने में पहुंच गया। पुलिस को इस पर शक हुआ और इसकी जांच डीएसपी पवन कुमार ने शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि एईटीओ सुनील दहिया ने पीछे की डेट में शराब का फर्जी परमिट जारी किया हुआ है। पुलिस के अनुसार गत 11 अक्तूबर को सूचना मिली थी कि गांव बडनपुर का शराब ठेकेदार कर्मबीर कैथल से बिना परमिट की शराब से भरी हुई कैंटर लेकर आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव बरटा के बस अड्डे पर नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। जब वहां से निकल रही कैंटर की तलाशी ली तो उसमें शराब भरी हुई थी। पुलिस ने कैंटर चालक गांव दनौदा खुर्द निवासी जगबीर को काबू कर लिया। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि गांव बडनपुर के शराब ठेकेदार कर्मबीर की शराब को लेकर आया है। पुलिस ने शराब ठेकेदार कर्मबीर को बुलाया और उसका परमिट दिखाने को कहा, लेकिन उस समय वह परमिट नहीं दिखा पाया। मामला दर्ज होने के कुछ दिनों के बाद शराब ठेकेदार कर्मबीर उस शराब का परमिट लेकर थाने में पहुंचा, लेकिन पुलिस को उसकी गतिविधि पर शक हो गया और इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया। एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने मामले की जांच डीएसपी पवन कुमार को दी। जांच के दौरान सामने आया कि मिलीभगत करके आबकारी एवं काराधान के एईटीओ सुनील दहिया ने फर्जी तरीके से पीछे की तिथि में परमिट जारी किया है। पुलिस ने इस मामले में एईटीओ सुनील दहिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। गढ़ी थाना प्रभारी मनदीप ने बताया कि डीएसपी की जांच के दौरान मामला सामने आया है। उसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
गांव बरटा में पकड़ी गई शराब का फर्जी परमिट जारी करने पर पुलिस ने आबकारी एवं कराधान के एईटीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दो माह पहले शराब से भरे हुए कैंटर को पकड़ा था, लेकिन बाद में शराब ठेकेदार उसका परमिट लेकर थाने में पहुंच गया। पुलिस को इस पर शक हुआ और इसकी जांच डीएसपी पवन कुमार ने शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि एईटीओ सुनील दहिया ने पीछे की डेट में शराब का फर्जी परमिट जारी किया हुआ है। पुलिस के अनुसार गत 11 अक्तूबर को सूचना मिली थी कि गांव बडनपुर का शराब ठेकेदार कर्मबीर कैथल से बिना परमिट की शराब से भरी हुई कैंटर लेकर आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव बरटा के बस अड्डे पर नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। जब वहां से निकल रही कैंटर की तलाशी ली तो उसमें शराब भरी हुई थी। पुलिस ने कैंटर चालक गांव दनौदा खुर्द निवासी जगबीर को काबू कर लिया। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि गांव बडनपुर के शराब ठेकेदार कर्मबीर की शराब को लेकर आया है। पुलिस ने शराब ठेकेदार कर्मबीर को बुलाया और उसका परमिट दिखाने को कहा, लेकिन उस समय वह परमिट नहीं दिखा पाया। मामला दर्ज होने के कुछ दिनों के बाद शराब ठेकेदार कर्मबीर उस शराब का परमिट लेकर थाने में पहुंचा, लेकिन पुलिस को उसकी गतिविधि पर शक हो गया और इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया। एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने मामले की जांच डीएसपी पवन कुमार को दी। जांच के दौरान सामने आया कि मिलीभगत करके आबकारी एवं काराधान के एईटीओ सुनील दहिया ने फर्जी तरीके से पीछे की तिथि में परमिट जारी किया है। पुलिस ने इस मामले में एईटीओ सुनील दहिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। गढ़ी थाना प्रभारी मनदीप ने बताया कि डीएसपी की जांच के दौरान मामला सामने आया है। उसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।