कोर्ट: दुष्कर्म के तीन दोषियों को 20 साल की कैद, जींद के मामले में दो तो सोनीपत के केस में एक व्यक्ति दोषी करार
जींद में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दो दोषियों को 20 साल की कैद व 1.40 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। वहीं सोनीपत के एक मामले में किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में आरोपियों पर कोर्ट ने जुर्माना लगाया है।
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हरियाणा के जींद में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की अदालत ने दो दोषियों को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 1.40 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोनों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
शहर की एक कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने तीन सितंबर 2018 को शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 13 वर्षीय लड़की का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया है। जांच के दौरान अपहरण करने के आरोप में दरियावाला निवासी वीरेंद्र व शहर के अपराही मोहल्ला निवासी दर्शन का नाम सामने आया।
उनको पुलिस ने पांच सितंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। इस मामले में उपनिरीक्षक यशवीर ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य पेश किए। जिसके आधार पर गुरविंद्र कौर की अदालत ने मंगलवार को दोनों को 20 वर्ष कैद और 1.40 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कैद
सोनीपत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। आरोपी किशोरी को बहाने से अपने घर ले गया और इसके बाद दुष्कर्म किया था। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
4 मई, 2019 को 15 साल की किशोरी ने गन्नौर थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके पड़ोस में रहने वाला इरशाद उस पर लगातार गलत नजर रख रहा। किशोरी ने अपने परिजनों को भी इस बारे में बताया। उसके पिता ने आरोपी के घर जाकर उन्हें उलाहना भी दिया था।
आरोपी की पत्नी भी उसकी मदद करती थी। किशोरी का आरोप था कि उसके पिता के उलाहना देने के 15 दिन बाद 1 मई, 2019 को आरोपी उसे बहाने से अपने घर बुलाकर ले गया था। जब वह उसके घर पहुंची थी तो वह वहां अकेला था। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
साथ ही किसी को बताने पर मारने की धमकी भी दी थी। उसने घर आकर अपने परिजनों को अवगत कराया था। इसके बाद पुलिस को बताया था। पुलिस ने आरोपी व उसकी पत्नी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी देने, षड्यंत्र रचने और 4 पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने इरशाद को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भादंसं की धारा 376 (3) में 20 साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना और 506 में दो साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न देने पर नौ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।