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पिता के सामने कुतों ने बेटे को नोंच कर मार डाला

Mon, 10 Jul 2017 12:15 AM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:15 AM IST
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पिता के सामने कुतों ने बेटे को नोंच कर मार डाला

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अमर उजाला ब्यूरो
टिटोखेड़ी/सफीदों।
गांव टिटोखेड़ी में सात वर्षीय आशीष की जान को उसके पिता की ढाई एकड़ दौड़ भी जान नहीं बचा पाई। जब आशीष दूध के बर्तन को हाथ में लेकर खेतों के रास्ते से निकल रहा था तो इसी दौरान छह-सात कुत्तों का एक झुंड आया और उस पर झपट पड़ा। देखते ही देखते कुत्तों के झुंड ने आशीष को नोंच-नोंच कर मार दिया। सफीदों में चार दिन में यह दूसरी घटना है। इससे पहले सफीदों के एक वार्ड में सफाई करने गए सफाईकर्मी को भी कुत्तों ने नोंच-नोंच कर मार दिया था।
आशीष के पिता के अनुसार कुत्तों के पीछा करते देख आशीष ने चिल्लाना शुरू कर दिया। बेटे की आवाज सुन कर वह उसकी तरफ दौड़ पड़ा। राजेंद्र की ढाई एकड़ तक की दौड़ उसके काम नहीं आई और जब तब राजेंद्र दौड़ता हुआ अपने बेटे आशीष तक पहुंच पाता तब तक कुत्ते उसको बुरी तरह से नोंच चुके थे। पिता के मौके पर पहुंचते ही कुत्ते आशीष को छोड़कर भाग गए। जब उसके पिता राजेंद्र ने उसको उठाया तो उसकी मौत हो चुकी थी। कुत्तों ने आशीष के हाथ, पांव, पेट, गर्दन और सिर को बुरी तरह से नोंचा था। हादसा होते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन परिजनों ने ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण शव को उठाकर खेतों में बने डेरे में ले गए और सुबह तक शव को घर के अंदर ही रखा। आसपास के लोगों को जब जानकारी हुई तो रविवार सुबह उनके घर पहुंचे और शव को नागरिक अस्पताल में ले जाने की बात कही। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सफीदों थाना पुलिस एसएफएल की टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए।
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अंडे और मीट खाकर बन रहे आदमखोर
मृतक आशीष के पिता राजेंद्र, पास के डेरे में रहने वाले राममेहर और अन्य लोगों ने बताया कि सफीदों क्षेत्र हैचरियों का हब है। टिटोखेड़ी में भी पोल्ट्री फार्म है। कुत्ते पोल्ट्री से खराब अंडे और मृत मुर्गों को हमेशा खाते रहते हैं। प्रतिदिन मांस खाने से कुत्ते अब हिंसक हो गए हैं और आदमखोर बन चुके हैं। जब भी मौका मिलता है कुत्ते गाय, भैंस और अन्य जानवरों को निशाना बना लेते हैं। इससे आसपास के डेरों में कई जानवर भी जख्मी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुत्ते किसी बच्चे को भी अपना शिकार बना सकते हैं। घटना के बाद तो डेरे में आने जाने से डर लगने लगा है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे जल्द से जल्द ऐसे कुत्तों को पकड़वाएं, जिससे अन्य किसी घटना से बचा जा सके।
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तीसरी कक्षा में पढ़ता था आशीष
बिहार के गांव कासनपुर निवासी राजेंद्र उर्फ सरजुग ने बताया कि वह लगभग 15 वर्ष पहले बिहार से सफीदों परिवार सहित आया था। उसका परिवार खेतों और पोल्ट्री फार्मों में मजदूरी का कार्य करता है। उसके दो लड़के और तीन लड़कियां है। सबसे छोटा बेटा आशीष था। आशीष गांव टीटोखेड़ी के राजकीय प्राथमिक स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। आशीष प्रतिदिन की तरह शनिवार शाम को भी पास के डेरे से दूध लेने के लिए गया था। जहां पर कुत्तों ने नोचकर हत्या कर दी।

चार दिन में दूसरी घटना
सफीदों में चार दिन में आक्रामक कुत्तों का जान लेने का दूसरा मामला सामने आया है। छह जुलाई को भी शहर के वार्ड नंबर 17 में सफाई करने गए 47 वर्षीय पालिका कर्मचारी वीरभान की भी कुत्तों ने नोंच-नोंच मार दिया था। बुजुर्ग और बच्चों को अकेला देखकर कुत्ते काटने के लिए टूट पड़ते हैं।

हमने चेताया था, नहीं संभला प्रशासन
सफीदों में छह जुलाई को इस प्रकार की घटना सामने आने के बाद अमर उजाला ने लावारिस कुत्तों के खतरे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बावजूद भी प्रशासन नहीं संभला और रविवार को कुत्तों ने एक मासूम की जान ले ली।

हैचरी और पोल्ट्री फार्म मालिकों को देंगे नोटिस
नगरपालिका को लावारिस कुत्तों पर काबू पाने के आदेश दिए जाएंगे। क्षेत्र की हैचरी और पोल्ट्री फार्म मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। खुले में मृतक मुर्गे और खराब अंडों को फेंकने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लावारिस और पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराया जाएगा। -वीरेंद्र सिंह, एसडीएम


15 साल से नहीं हुआ है सर्वे
प्रशासन अपने काम को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 15 साल से सफीदों में कुत्तों लावारिस और पालतू कुत्तों का सर्वे तक नहीं हुआ है। नगरपालिका चेयरपर्सन सेवा राम के अनुसार उन्होंने पिछले एक साल से ही काम संभाला है। अब यह मामले सामने आए हैं। कुत्तों का सर्वे कराया जाएगा और नसबंदी कराई जाएगी।

पिता की आंखों के सामने कुत्तों ने बेटे को नोंच कर मार डाला
हैचरियों के अंडे और मुर्गों के मीट को खाकर आदमखोर बन रहे कुत्ते, सफीदों में चार दिन में दूसरी घटना, क्षेत्र में सनसनी
हिंसक प्रवृति से क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल
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