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गोगामेड़ी से हरिद्वार लौट रहे श्रद्धालुओं की टरिस्ट बस गायें को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई 15 श्रद्धालु घायल
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:33 AM IST
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गाय से टकराने के बाद ट्रक से भिड़ी श्रद्धालुओं की बस, 15 घायल
अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना (जींद)। राजस्थान के गोगामेड़ी से हरिद्वार लौट रहे श्रद्धालुओं की बस मंगलवार रात साढ़े 11 बजे हादसाग्रस्त हो गई। गाय से टकराने के बाद बस सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई जिससे बस में सवार सभी 15 श्रद्धालु घायल हो गए। पांच श्रद्धालुओं की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जिलाभर में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को रखने का प्रबंध करने में जिला प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। इसका खामियाजा सड़कों पर चलने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात लगभग साढ़े 11 बजे एक टूरिस्ट बस में 15 श्रद्धालु राजस्थान के गोगामेड़ी से पूजा करने के बाद वापस अपने घर हरिद्वार जा रहे थे। दिल्ली-पटियाला हाइवे पर एक गाय के साथ टूरिस्ट बस की टक्कर हो गई। गाय से टकराने के बाद ड्राइवर ने बस को संभालने की कोशिश की, मगर बस सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार सभी 15 श्रद्धालु घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल चालक हरिद्वार निवासी तसलीम, अजय, राजू, धर्मवीर, कन्नू व पोपिन कुमार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों का उपचार नागरिक अस्पताल में किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिलाभर की सड़कों पर दो हजार से अधिक घूम रहे पशु
जिलाभर की सड़कों पर करीब दो हजार से अधिक पश घूम रहे हैं। इसके चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने जींद व सफीदों में नंदीशालाएं बनवाई हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
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एक साल पहले चला अभियान
सड़कों पर घूम रही लावारिस गायों और सांड़ों को पकड़ कर नंदीशाला पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक साल पहले अभियान चलाया था। इसके तहत अधिकतर गायों व सांड़ों को गोशालाओं और नंदीशालाओं में पहुंचा दिया था, लेकिन पिछले तीन-चार महीने से फिर से सड़कों पर लावारिस गायों व सड़कों की भरमार हो गई है।
सड़कों के बीच में बैठते हैं पशु
गर्मी के मौसम में लावारिस पशु सड़कों के बीच में बैठते हैं। यहां वाहनों के चलने से पशुओं को हवा लगती है, साथ ही इसके साथ आने वाले धुएं से मच्छरों से भी बचाव रहता है। वहीं काले सांड़ व गाएं रात को अंधेरे में दिखाई भी नहीं देते। इससे हादसा होता रहता है।
बारिश के मौसम के बाद चलेगा अभियान
नंदीशाला में बारिश के मौसम में पशुओं को छोड़ना सही नहीं है। यहां दलदल हो जाता है और पशुओं को परेशानी होती है। ऐसे में बारिश के मौसम के बाद जिलाभर में अभियान चलाकर लावारिस पशुओं का प्रबंधन किया जाएगा।
अमित खत्री, डीसी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना (जींद)। राजस्थान के गोगामेड़ी से हरिद्वार लौट रहे श्रद्धालुओं की बस मंगलवार रात साढ़े 11 बजे हादसाग्रस्त हो गई। गाय से टकराने के बाद बस सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई जिससे बस में सवार सभी 15 श्रद्धालु घायल हो गए। पांच श्रद्धालुओं की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जिलाभर में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को रखने का प्रबंध करने में जिला प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। इसका खामियाजा सड़कों पर चलने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात लगभग साढ़े 11 बजे एक टूरिस्ट बस में 15 श्रद्धालु राजस्थान के गोगामेड़ी से पूजा करने के बाद वापस अपने घर हरिद्वार जा रहे थे। दिल्ली-पटियाला हाइवे पर एक गाय के साथ टूरिस्ट बस की टक्कर हो गई। गाय से टकराने के बाद ड्राइवर ने बस को संभालने की कोशिश की, मगर बस सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार सभी 15 श्रद्धालु घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल चालक हरिद्वार निवासी तसलीम, अजय, राजू, धर्मवीर, कन्नू व पोपिन कुमार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों का उपचार नागरिक अस्पताल में किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जिलाभर की सड़कों पर दो हजार से अधिक घूम रहे पशु
जिलाभर की सड़कों पर करीब दो हजार से अधिक पश घूम रहे हैं। इसके चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने जींद व सफीदों में नंदीशालाएं बनवाई हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
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एक साल पहले चला अभियान
सड़कों पर घूम रही लावारिस गायों और सांड़ों को पकड़ कर नंदीशाला पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक साल पहले अभियान चलाया था। इसके तहत अधिकतर गायों व सांड़ों को गोशालाओं और नंदीशालाओं में पहुंचा दिया था, लेकिन पिछले तीन-चार महीने से फिर से सड़कों पर लावारिस गायों व सड़कों की भरमार हो गई है।
सड़कों के बीच में बैठते हैं पशु
गर्मी के मौसम में लावारिस पशु सड़कों के बीच में बैठते हैं। यहां वाहनों के चलने से पशुओं को हवा लगती है, साथ ही इसके साथ आने वाले धुएं से मच्छरों से भी बचाव रहता है। वहीं काले सांड़ व गाएं रात को अंधेरे में दिखाई भी नहीं देते। इससे हादसा होता रहता है।
बारिश के मौसम के बाद चलेगा अभियान
नंदीशाला में बारिश के मौसम में पशुओं को छोड़ना सही नहीं है। यहां दलदल हो जाता है और पशुओं को परेशानी होती है। ऐसे में बारिश के मौसम के बाद जिलाभर में अभियान चलाकर लावारिस पशुओं का प्रबंधन किया जाएगा।
अमित खत्री, डीसी।