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Jind News: माकपा कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण के विरोध में किया प्रदर्शन
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18जेएनडी08: जुलाना में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते माकपा कार्यकर्ता । स्रोत: संगठन
जुलाना। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जुलाना लोकल कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम जुलाना के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की।
माकपा लोकल कमेटी के सचिव कॉमरेड रमेश चंद्र ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलिंडरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर खाद्यान्न, फल-सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ रहा है। इससे आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां बड़े पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं और सार्वजनिक क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बिजली जैसी सेवाओं में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड सुरेश करसोला और पवन कुमार ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाओं और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों ने युवाओं और आम नागरिकों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
माकपा नेताओं ने बिजली के स्मार्ट मीटरों, बिजली क्षेत्र के निजीकरण और किसानों के लिए अलग निगम बनाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इससे किसानों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का लाभ भी अधिकांश मजदूरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस अवसर पर गुलाब सिंह, दीनदयाल, राज, मनीषा, मुकेश, राजू, मनफूल मौजूद रहे।
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माकपा लोकल कमेटी के सचिव कॉमरेड रमेश चंद्र ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलिंडरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर खाद्यान्न, फल-सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ रहा है। इससे आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां बड़े पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं और सार्वजनिक क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बिजली जैसी सेवाओं में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड सुरेश करसोला और पवन कुमार ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाओं और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों ने युवाओं और आम नागरिकों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
माकपा नेताओं ने बिजली के स्मार्ट मीटरों, बिजली क्षेत्र के निजीकरण और किसानों के लिए अलग निगम बनाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इससे किसानों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का लाभ भी अधिकांश मजदूरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस अवसर पर गुलाब सिंह, दीनदयाल, राज, मनीषा, मुकेश, राजू, मनफूल मौजूद रहे।